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ऋषभ पंत के नाम होने वाला है बड़ा टेस्ट रिकॉर्ड, भारत मजबूत स्थिति में
स्पोर्ट्स डेस्क
गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर भारत की पकड़ मजबूत, पहली पारी की बढ़त के बाद दूसरी पारी में भी टीम ने तेजी से रन जोड़े
गॉल टेस्ट के चौथे दिन भारत ने श्रीलंका के खिलाफ अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। पहली पारी में 462 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका को 284 रन पर समेटकर 178 रन की बढ़त हासिल की थी। अब दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों ने स्कोर को आगे बढ़ाया और श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने की दिशा में कदम बढ़ाया। इस दौरान सबसे ज्यादा नजर ऋषभ पंत पर रही, जो टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। पंत की आक्रामक बल्लेबाजी टेस्ट क्रिकेट में पहले भी कई बार मैच का रुख बदल चुकी है। गॉल में भी उनका अंदाज कुछ ऐसा ही नजर आया। भारत की पहली पारी में पंत ने 39 रन बनाए थे और दूसरी पारी में भी उन्होंने तेजी से रन जुटाए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पंत टेस्ट में 100 छक्कों के आंकड़े के करीब हैं। उनसे पहले किसी भारतीय बल्लेबाज ने यह मुकाम हासिल नहीं किया है।
मैच की शुरुआत से ही भारत ने बल्लेबाजी में दबदबा बनाया था। पहले दिन बारिश के कारण खेल प्रभावित होने के बावजूद भारतीय टीम ने तेजी से रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा और केएल राहुल ने भी उपयोगी पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई। पडिक्कल ने 167 रन बनाए, जबकि राहुल ने 82 रन का योगदान दिया। पंत ने इस पारी में 39 रन बनाए और उनके बल्ले से कुछ तेज शॉट भी देखने को मिले। श्रीलंका की तरफ से स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
जवाब में श्रीलंका की पारी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। भारतीय स्पिनरों ने गॉल की पिच का फायदा उठाया और मेजबान टीम के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। मैनव सुथार और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने श्रीलंकाई पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका 284 रन पर ऑलआउट हो गया और भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिल गई। सोनल दिनुषा ने शतक लगाकर श्रीलंका की पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन बाकी बल्लेबाज लंबे समय तक उनका साथ नहीं दे सके। दिनुषा की पारी के बावजूद भारत ने बढ़त अपने हाथ से नहीं जाने दी।
दूसरी पारी में भारतीय टीम को शुरुआत में ही झटका लगा। यशस्वी जायसवाल खाता खोले बिना आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी बनी और स्कोर आगे बढ़ा। राहुल 35 रन बनाकर आउट हुए, जबकि पडिक्कल 44 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। शुभमन गिल भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 8 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ध्रुव जुरेल से कुछ तेजी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी 7 रन के स्कोर पर असिथा फर्नांडो का शिकार बन गए। लगातार विकेट गिरने के बावजूद भारत की कुल बढ़त काफी बड़ी थी, इसलिए बल्लेबाजों पर वैसा दबाव नहीं था जैसा सामान्य स्थिति में होता है।
पंत के क्रीज पर आने के बाद भारतीय पारी में एक बार फिर तेजी दिखाई दी। विकेटकीपर बल्लेबाज का टेस्ट क्रिकेट में खेलने का तरीका बाकी बल्लेबाजों से काफी अलग रहा है। वह गेंदबाज पर दबाव बनाने के लिए शुरू से ही आक्रामक शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का खास रिकॉर्ड भी बन चुका है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से पहले पंत के नाम 94 टेस्ट छक्के थे और उन्हें 100 का आंकड़ा छूने के लिए छह छक्कों की जरूरत थी। उस समय उनके पास टेस्ट में सबसे तेज 100 छक्के लगाने का मौका भी था। ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने 137 पारियों में 100 छक्के पूरे किए थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में पंत ने कुछ और छक्के लगाकर यह दूरी और कम कर दी। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा छक्के हो चुके हैं। इस मामले में उन्होंने वीरेंद्र सहवाग और दूसरे दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों को पीछे छोड़ा है। टेस्ट क्रिकेट में सहवाग के नाम 91 छक्के दर्ज हैं, जबकि पंत अब उनसे काफी आगे निकल चुके हैं। यही वजह है कि गॉल टेस्ट में पंत की हर बड़ी हिट पर नजर बनी हुई है। अगर वह जरूरी छक्के पूरे करते हैं तो यह उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि होगी।
भारत के लिए इस टेस्ट में सबसे खास बात यह है कि टीम को पहली पारी के बाद 178 रन की बढ़त मिली थी। दूसरी पारी में शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद बढ़त लगातार बढ़ती गई। चौथे दिन के दूसरे सेशन में भारत का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 138 रन के आसपास था और कुल बढ़त 300 रन से ज्यादा हो चुकी थी। लाइव स्कोर में पंत 39 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि रवींद्र जडेजा उनके साथ क्रीज पर थे।
गॉल की पिच पर चौथे दिन गेंद कुछ पुरानी होने के साथ बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां थोड़ी बदल रही थीं। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालकर भारत को पूरी तरह खुलकर खेलने से रोकने की कोशिश की। असिथा फर्नांडो ने दूसरी पारी में दो विकेट लिए, जबकि श्रीलंका के बाकी गेंदबाज भी लगातार दबाव बनाए रखने में लगे रहे। दूसरी तरफ भारत के पास अब बड़ा लक्ष्य तय करने के लिए पर्याप्त बढ़त मौजूद थी। ऐसे में पंत और जडेजा की साझेदारी अहम हो गई थी। पंत अगर कुछ और बड़े शॉट लगाते हैं तो उनका निजी रिकॉर्ड भी चर्चा में रहेगा और भारत की बढ़त भी तेजी से ऊपर जा सकती है।
इस टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन भी भारतीय टीम के लिए बड़ी खबर रहा है। पहली पारी में उनके 167 रन ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पडिक्कल ने लंबी पारी खेली और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। राहुल के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को शुरुआती दबाव से बाहर निकाला था। दूसरी पारी में दोनों ने फिर साथ मिलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन इस बार श्रीलंकाई गेंदबाजों ने जल्दी विकेट निकाल लिए।
अब गॉल में मुकाबले का फोकस भारत की दूसरी पारी के स्कोर और पंत के बल्ले पर है। भारत की बढ़त 300 रन के पार जा चुकी है और पंत क्रीज पर मौजूद हैं। श्रीलंका के लिए चुनौती यह है कि वह भारतीय पारी को जल्दी समेटे, जबकि भारत के बल्लेबाजों की नजर बढ़त को और बड़ा करने पर है। पंत के बल्ले से अगर कुछ बड़े शॉट निकलते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में उनके 100 छक्कों का आंकड़ा भी सामने आ सकता है।
ऋषभ पंत के नाम होने वाला है बड़ा टेस्ट रिकॉर्ड, भारत मजबूत स्थिति में
स्पोर्ट्स डेस्क
गॉल टेस्ट के चौथे दिन भारत ने श्रीलंका के खिलाफ अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। पहली पारी में 462 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका को 284 रन पर समेटकर 178 रन की बढ़त हासिल की थी। अब दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों ने स्कोर को आगे बढ़ाया और श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने की दिशा में कदम बढ़ाया। इस दौरान सबसे ज्यादा नजर ऋषभ पंत पर रही, जो टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। पंत की आक्रामक बल्लेबाजी टेस्ट क्रिकेट में पहले भी कई बार मैच का रुख बदल चुकी है। गॉल में भी उनका अंदाज कुछ ऐसा ही नजर आया। भारत की पहली पारी में पंत ने 39 रन बनाए थे और दूसरी पारी में भी उन्होंने तेजी से रन जुटाए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पंत टेस्ट में 100 छक्कों के आंकड़े के करीब हैं। उनसे पहले किसी भारतीय बल्लेबाज ने यह मुकाम हासिल नहीं किया है।
मैच की शुरुआत से ही भारत ने बल्लेबाजी में दबदबा बनाया था। पहले दिन बारिश के कारण खेल प्रभावित होने के बावजूद भारतीय टीम ने तेजी से रन बनाए। देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ा और केएल राहुल ने भी उपयोगी पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई। पडिक्कल ने 167 रन बनाए, जबकि राहुल ने 82 रन का योगदान दिया। पंत ने इस पारी में 39 रन बनाए और उनके बल्ले से कुछ तेज शॉट भी देखने को मिले। श्रीलंका की तरफ से स्पिन गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
जवाब में श्रीलंका की पारी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। भारतीय स्पिनरों ने गॉल की पिच का फायदा उठाया और मेजबान टीम के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। मैनव सुथार और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने श्रीलंकाई पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका 284 रन पर ऑलआउट हो गया और भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिल गई। सोनल दिनुषा ने शतक लगाकर श्रीलंका की पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन बाकी बल्लेबाज लंबे समय तक उनका साथ नहीं दे सके। दिनुषा की पारी के बावजूद भारत ने बढ़त अपने हाथ से नहीं जाने दी।
दूसरी पारी में भारतीय टीम को शुरुआत में ही झटका लगा। यशस्वी जायसवाल खाता खोले बिना आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी बनी और स्कोर आगे बढ़ा। राहुल 35 रन बनाकर आउट हुए, जबकि पडिक्कल 44 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। शुभमन गिल भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 8 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ध्रुव जुरेल से कुछ तेजी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी 7 रन के स्कोर पर असिथा फर्नांडो का शिकार बन गए। लगातार विकेट गिरने के बावजूद भारत की कुल बढ़त काफी बड़ी थी, इसलिए बल्लेबाजों पर वैसा दबाव नहीं था जैसा सामान्य स्थिति में होता है।
पंत के क्रीज पर आने के बाद भारतीय पारी में एक बार फिर तेजी दिखाई दी। विकेटकीपर बल्लेबाज का टेस्ट क्रिकेट में खेलने का तरीका बाकी बल्लेबाजों से काफी अलग रहा है। वह गेंदबाज पर दबाव बनाने के लिए शुरू से ही आक्रामक शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का खास रिकॉर्ड भी बन चुका है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट से पहले पंत के नाम 94 टेस्ट छक्के थे और उन्हें 100 का आंकड़ा छूने के लिए छह छक्कों की जरूरत थी। उस समय उनके पास टेस्ट में सबसे तेज 100 छक्के लगाने का मौका भी था। ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने 137 पारियों में 100 छक्के पूरे किए थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में पंत ने कुछ और छक्के लगाकर यह दूरी और कम कर दी। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा छक्के हो चुके हैं। इस मामले में उन्होंने वीरेंद्र सहवाग और दूसरे दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों को पीछे छोड़ा है। टेस्ट क्रिकेट में सहवाग के नाम 91 छक्के दर्ज हैं, जबकि पंत अब उनसे काफी आगे निकल चुके हैं। यही वजह है कि गॉल टेस्ट में पंत की हर बड़ी हिट पर नजर बनी हुई है। अगर वह जरूरी छक्के पूरे करते हैं तो यह उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि होगी।
भारत के लिए इस टेस्ट में सबसे खास बात यह है कि टीम को पहली पारी के बाद 178 रन की बढ़त मिली थी। दूसरी पारी में शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद बढ़त लगातार बढ़ती गई। चौथे दिन के दूसरे सेशन में भारत का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 138 रन के आसपास था और कुल बढ़त 300 रन से ज्यादा हो चुकी थी। लाइव स्कोर में पंत 39 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि रवींद्र जडेजा उनके साथ क्रीज पर थे।
गॉल की पिच पर चौथे दिन गेंद कुछ पुरानी होने के साथ बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां थोड़ी बदल रही थीं। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालकर भारत को पूरी तरह खुलकर खेलने से रोकने की कोशिश की। असिथा फर्नांडो ने दूसरी पारी में दो विकेट लिए, जबकि श्रीलंका के बाकी गेंदबाज भी लगातार दबाव बनाए रखने में लगे रहे। दूसरी तरफ भारत के पास अब बड़ा लक्ष्य तय करने के लिए पर्याप्त बढ़त मौजूद थी। ऐसे में पंत और जडेजा की साझेदारी अहम हो गई थी। पंत अगर कुछ और बड़े शॉट लगाते हैं तो उनका निजी रिकॉर्ड भी चर्चा में रहेगा और भारत की बढ़त भी तेजी से ऊपर जा सकती है।
इस टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन भी भारतीय टीम के लिए बड़ी खबर रहा है। पहली पारी में उनके 167 रन ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पडिक्कल ने लंबी पारी खेली और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। राहुल के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को शुरुआती दबाव से बाहर निकाला था। दूसरी पारी में दोनों ने फिर साथ मिलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन इस बार श्रीलंकाई गेंदबाजों ने जल्दी विकेट निकाल लिए।
अब गॉल में मुकाबले का फोकस भारत की दूसरी पारी के स्कोर और पंत के बल्ले पर है। भारत की बढ़त 300 रन के पार जा चुकी है और पंत क्रीज पर मौजूद हैं। श्रीलंका के लिए चुनौती यह है कि वह भारतीय पारी को जल्दी समेटे, जबकि भारत के बल्लेबाजों की नजर बढ़त को और बड़ा करने पर है। पंत के बल्ले से अगर कुछ बड़े शॉट निकलते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में उनके 100 छक्कों का आंकड़ा भी सामने आ सकता है।
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