भारत के खिलाफ गॉल में होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला 15 अगस्त से शुरू होगा। श्रीलंकाई टीम की कमान धनंजय डी सिल्वा के हाथों में रहेगी, जबकि कमिंडू मेंडिस को उपकप्तान बनाया गया है। श्रीलंका क्रिकेट ने 16 खिलाड़ियों का स्क्वॉड चुना है, जिसमें कुछ अनुभवी चेहरों की वापसी हुई है तो घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को भी जगह मिली है। टीम में सबसे ज्यादा चर्चा विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला की वापसी को लेकर है। डिकवेला ने लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में जगह बनाई है। उन्होंने श्रीलंका के लिए अपना पिछला टेस्ट 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।
इसके बाद वह टेस्ट टीम से बाहर रहे। अब भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर उन्हें फिर मौका मिला है। तेज गेंदबाजी विभाग में भी श्रीलंका ने बदलाव किया है। बाएं हाथ के पेसर दिलशान मदुशंका को स्क्वॉड में वापस बुलाया गया है। मदुशंका ने अब तक श्रीलंका के लिए सिर्फ एक टेस्ट खेला है, जो उन्होंने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए श्रीलंका के लिए तेज गेंदबाजों के साथ स्पिन विभाग भी काफी अहम रहने वाला है। टीम में प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे स्पिन विकल्प मौजूद हैं। बल्लेबाजी में दिनेश चांदीमल, निशान मदुशका और कप्तान धनंजय डी सिल्वा जैसे अनुभवी नाम हैं। पासिंदु सूरियाबंडारा को भी पहली बार टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम का बुलावा मिला है। श्रीलंका के चयनकर्ताओं ने युवा बल्लेबाज के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें भारत के खिलाफ सीरीज के लिए मौका दिया है।
सूरियाबंडारा के लिए यह मौका खास है क्योंकि अब तक उनका करियर मुख्य रूप से घरेलू क्रिकेट तक रहा है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 68 मुकाबलों में 4,893 रन बनाए हैं। ऐसे में भारत के खिलाफ टेस्ट स्क्वॉड में शामिल होना उनके लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। टीम में सोनल दिनुषा को भी जगह मिली है, जो घरेलू स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने में सफल रहे हैं। श्रीलंका का यह स्क्वॉड अनुभव और युवा खिलाड़ियों का मिला-जुला संयोजन है। टीम में धनंजय डी सिल्वा, दिनेश चांदीमल और डिकवेला जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, वहीं सूरियाबंडारा जैसे खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका रहेगा। श्रीलंका के लिए भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज आसान नहीं रहने वाली है।
दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट का पुराना रिकॉर्ड भारतीय टीम के पक्ष में रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 17 टेस्ट सीरीज हुई हैं। इनमें भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, जबकि श्रीलंका के हिस्से में तीन सीरीज आई हैं। चार सीरीज बराबरी पर खत्म हुईं। श्रीलंका ने भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज जीत 2008 में दर्ज की थी। उसके बाद से वह भारत के खिलाफ सीरीज जीतने में सफल नहीं हुआ है। अब करीब 18 साल बाद श्रीलंकाई टीम के सामने अपने घर में इस सिलसिले को बदलने का मौका है। पहला टेस्ट गॉल में खेला जाना भी श्रीलंका के लिए अहम है। घरेलू परिस्थितियों में टीम अपने स्पिन गेंदबाजों से काफी उम्मीद रखेगी। वहीं भारत के बल्लेबाजों के सामने गॉल की पिच और श्रीलंका के स्पिन अटैक की चुनौती होगी। श्रीलंका की टीम में धनंजय डी सिल्वा की कप्तानी भी महत्वपूर्ण रहेगी।
टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के तौर पर उन्हें टीम को स्थिर शुरुआत देने के साथ गेंदबाजी विकल्पों का सही इस्तेमाल करना होगा। कमिंडू मेंडिस की उपकप्तानी भी टीम के संतुलन के लिहाज से अहम है। भारतीय टीम के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले श्रीलंका ने अपनी तैयारियों में अनुभव के साथ नई प्रतिभाओं को शामिल करने का रास्ता चुना है। डिकवेला की वापसी से विकेटकीपिंग विभाग में अनुभव मिलेगा, जबकि मदुशंका तेज गेंदबाजी में बाएं हाथ का विकल्प देंगे। सूरियाबंडारा के चयन से बल्लेबाजी क्रम में एक नया चेहरा जुड़ा है। पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका का स्क्वॉड है- धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), कमिंडू मेंडिस (उपकप्तान), लाहिरु उदाना, निशान मदुशका, दिनेश चांदीमल, पासिंदु सूरियाबंडारा, सोनल दिनुषा, निरोशन डिकवेला, रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशरा नुवंथा, मिलान रत्नायके, असिता फर्नांडो, लाहिरु कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।