कनाडा ने रचा इतिहास, पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

स्पोर्ट्स डेस्क

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इंजरी टाइम में एलिस्टेयर जॉनस्टन के निर्णायक गोल से साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया, अब नीदरलैंड या मोरक्को से होगा अगला मुकाबला

कनाडा ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपने इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर ली। सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन इंजरी टाइम में आए एक गोल ने मैच का पूरा रुख बदल दिया और कनाडा के खाते में ऐतिहासिक जीत दर्ज हो गई। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। कनाडा ने शुरुआती मिनटों में आक्रामक रवैया अपनाने की कोशिश की, लेकिन साउथ अफ्रीका की मजबूत रक्षापंक्ति ने उसके हर हमले को विफल कर दिया। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने भी जवाबी आक्रमण किए, लेकिन कनाडा के डिफेंडरों ने कोई बड़ा मौका नहीं बनने दिया। पहले हाफ में दोनों टीमों के पास गोल करने के कुछ अवसर जरूर आए, लेकिन अंतिम फिनिशिंग की कमी के कारण स्कोर 0-0 ही रहा।दूसरे हाफ में मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया। कनाडा ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया और गेंद पर अपना नियंत्रण बढ़ाया। हालांकि साउथ अफ्रीका के गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने कई शानदार बचाव करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा। उन्होंने कनाडा के खिलाड़ियों के कम से कम पांच खतरनाक प्रयासों को गोल में बदलने से रोक दिया। उनकी बेहतरीन गोलकीपिंग की वजह से अंतिम मिनटों तक मुकाबला बराबरी पर बना रहा।

मैच का सबसे अहम पल इंजरी टाइम में आया। निर्धारित 90 मिनट पूरे होने के बाद अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में एलिस्टेयर जॉनस्टन ने डी के बाहर से शानदार शॉट लगाया। गेंद सीधी गोलपोस्ट के कोने में जा लगी और गोलकीपर उसे रोकने में असफल रहे। इस गोल के साथ पूरे स्टेडियम में मौजूद कनाडाई समर्थक खुशी से झूम उठे। अंतिम सीटी बजते ही कनाडा के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने मैदान पर जीत का जश्न मनाया। शानदार प्रदर्शन के लिए एलिस्टेयर जॉनस्टन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ कनाडा ने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी, जहां उसका सामना नीदरलैंड और मोरक्को के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। यह उपलब्धि कनाडाई फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले टीम कभी विश्व कप के इस चरण तक नहीं पहुंच सकी थी। मैच के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श बेहद भावुक दिखाई दिए। उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। उन्होंने खिलाड़ियों को "नेशनल हीरो" बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। कोच ने कहा कि कनाडा में फुटबॉल लगातार आगे बढ़ रहा है और यह जीत उस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण है। कनाडा की जीत में स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस की वापसी भी अहम रही। चोट के कारण कुछ समय से बाहर चल रहे डेविस ने 75वें मिनट में मैदान पर वापसी की। उनके आने से टीम के खेल में नई ऊर्जा देखने को मिली। उन्होंने मैदान पर उतरते ही कई तेज मूव बनाए और प्रॉमिस डेविड के लिए एक बेहतरीन मौका भी तैयार किया। हालांकि उस अवसर को गोल में नहीं बदला जा सका, लेकिन डेविस की मौजूदगी ने कनाडा के आक्रमण को और मजबूत बना दिया। आखिरकार टीम को जीत दिलाने वाला निर्णायक गोल इंजरी टाइम में आया।

दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका की टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार संघर्ष किया। टीम ने अनुशासित रक्षात्मक खेल दिखाया और कनाडा को लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा, जिन्होंने कई मुश्किल शॉट रोककर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन अंतिम क्षणों में आए गोल ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस मुकाबले के दौरान एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस 74 साल और 79 दिन की उम्र में फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में टीम को कोचिंग देने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने उरुग्वे के पूर्व कोच ऑस्कर तबारेज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। हालांकि उनकी टीम जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन यह उपलब्धि विश्व कप इतिहास में दर्ज हो गई। अब कनाडा की नजर अगले मुकाबले पर होगी। टीम जिस आत्मविश्वास और संयम के साथ खेल रही है, उसे देखते हुए उसके समर्थकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। क्वार्टर फाइनल में भी यदि टीम इसी लय को बरकरार रखती है तो वह विश्व कप में एक और बड़ा उलटफेर कर सकती है। 

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29 Jun 2026 By Vaishnavi.J

कनाडा ने रचा इतिहास, पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

स्पोर्ट्स डेस्क

कनाडा ने फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपने इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए पहली बार टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले में जीत दर्ज कर ली। सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन इंजरी टाइम में आए एक गोल ने मैच का पूरा रुख बदल दिया और कनाडा के खाते में ऐतिहासिक जीत दर्ज हो गई। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। कनाडा ने शुरुआती मिनटों में आक्रामक रवैया अपनाने की कोशिश की, लेकिन साउथ अफ्रीका की मजबूत रक्षापंक्ति ने उसके हर हमले को विफल कर दिया। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने भी जवाबी आक्रमण किए, लेकिन कनाडा के डिफेंडरों ने कोई बड़ा मौका नहीं बनने दिया। पहले हाफ में दोनों टीमों के पास गोल करने के कुछ अवसर जरूर आए, लेकिन अंतिम फिनिशिंग की कमी के कारण स्कोर 0-0 ही रहा।दूसरे हाफ में मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया। कनाडा ने लगातार दबाव बनाना शुरू किया और गेंद पर अपना नियंत्रण बढ़ाया। हालांकि साउथ अफ्रीका के गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स ने कई शानदार बचाव करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा। उन्होंने कनाडा के खिलाड़ियों के कम से कम पांच खतरनाक प्रयासों को गोल में बदलने से रोक दिया। उनकी बेहतरीन गोलकीपिंग की वजह से अंतिम मिनटों तक मुकाबला बराबरी पर बना रहा।

मैच का सबसे अहम पल इंजरी टाइम में आया। निर्धारित 90 मिनट पूरे होने के बाद अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में एलिस्टेयर जॉनस्टन ने डी के बाहर से शानदार शॉट लगाया। गेंद सीधी गोलपोस्ट के कोने में जा लगी और गोलकीपर उसे रोकने में असफल रहे। इस गोल के साथ पूरे स्टेडियम में मौजूद कनाडाई समर्थक खुशी से झूम उठे। अंतिम सीटी बजते ही कनाडा के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने मैदान पर जीत का जश्न मनाया। शानदार प्रदर्शन के लिए एलिस्टेयर जॉनस्टन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ कनाडा ने पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगी, जहां उसका सामना नीदरलैंड और मोरक्को के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। यह उपलब्धि कनाडाई फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले टीम कभी विश्व कप के इस चरण तक नहीं पहुंच सकी थी। मैच के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श बेहद भावुक दिखाई दिए। उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। उन्होंने खिलाड़ियों को "नेशनल हीरो" बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। कोच ने कहा कि कनाडा में फुटबॉल लगातार आगे बढ़ रहा है और यह जीत उस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण है। कनाडा की जीत में स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस की वापसी भी अहम रही। चोट के कारण कुछ समय से बाहर चल रहे डेविस ने 75वें मिनट में मैदान पर वापसी की। उनके आने से टीम के खेल में नई ऊर्जा देखने को मिली। उन्होंने मैदान पर उतरते ही कई तेज मूव बनाए और प्रॉमिस डेविड के लिए एक बेहतरीन मौका भी तैयार किया। हालांकि उस अवसर को गोल में नहीं बदला जा सका, लेकिन डेविस की मौजूदगी ने कनाडा के आक्रमण को और मजबूत बना दिया। आखिरकार टीम को जीत दिलाने वाला निर्णायक गोल इंजरी टाइम में आया।

दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका की टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार संघर्ष किया। टीम ने अनुशासित रक्षात्मक खेल दिखाया और कनाडा को लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा। गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा, जिन्होंने कई मुश्किल शॉट रोककर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन अंतिम क्षणों में आए गोल ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस मुकाबले के दौरान एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस 74 साल और 79 दिन की उम्र में फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में टीम को कोचिंग देने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। उन्होंने उरुग्वे के पूर्व कोच ऑस्कर तबारेज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। हालांकि उनकी टीम जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन यह उपलब्धि विश्व कप इतिहास में दर्ज हो गई। अब कनाडा की नजर अगले मुकाबले पर होगी। टीम जिस आत्मविश्वास और संयम के साथ खेल रही है, उसे देखते हुए उसके समर्थकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। क्वार्टर फाइनल में भी यदि टीम इसी लय को बरकरार रखती है तो वह विश्व कप में एक और बड़ा उलटफेर कर सकती है। 

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