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वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर कोच का बड़ा बयान, बोले- सभी की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा
स्पोर्ट्स डेस्क
आयरलैंड से टी20 सीरीज में हार के बाद सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा जताया। कहा- प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं, लेकिन टीम में जगह प्रदर्शन और चयन प्रक्रिया के आधार पर ही मिलेगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस से लेकर पूर्व खिलाड़ी तक उनके जल्द अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग कर रहे हैं। हालांकि टीम इंडिया के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने साफ कर दिया है कि वैभव की प्रतिभा पर किसी तरह का संदेह नहीं है, लेकिन उन्हें भी बाकी खिलाड़ियों की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि केवल शानदार आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को सीधे अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी जा सकती। टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को लेकर उत्साहित जरूर है, लेकिन उसके लिए वही मानदंड लागू होंगे जो अन्य खिलाड़ियों पर लागू होते हैं। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम सिर्फ एक रन से मैच गंवा बैठी। इस हार के बाद मीडिया से बातचीत में रयान टेन डोशेट ने कहा कि टीम मैच के दौरान परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने में सफल नहीं रही। उन्होंने माना कि कुछ मौकों पर खिलाड़ियों ने गलत फैसले लिए और विपक्षी टीम ने उन गलतियों का पूरा फायदा उठाया। कोच ने कहा कि क्रिकेट में छोटे-छोटे फैसले ही कई बार मैच का नतीजा तय कर देते हैं और आयरलैंड ने दबाव के बीच बेहतर क्रिकेट खेली। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड दौरे पर अंतिम एकादश में मौका नहीं मिलने को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने चयन पर नाराजगी जताई और कहा कि जब युवा बल्लेबाज इतनी शानदार फॉर्म में है तो उसे खेलने का मौका मिलना चाहिए। इस पर जवाब देते हुए टेन डोशेट ने कहा कि टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों को भी पर्याप्त अवसर देना जरूरी होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का जिक्र किया और कहा कि संजू हाल के महीनों में टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना भी टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
कोच ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का करियर एक-दो मैच से तय नहीं किया जाता। यदि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को लगातार मौके नहीं देगा तो उनमें आत्मविश्वास नहीं बन पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सही नहीं होता। सही समय पर सही माहौल में डेब्यू मिलना अधिक महत्वपूर्ण है। रयान टेन डोशेट ने कहा कि टीम मैनेजमेंट वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी और मानसिक मजबूती से काफी प्रभावित है। उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में जिस तरह दबाव के बीच रन बनाए हैं, उससे साफ है कि उनमें बड़े मंच पर खेलने की क्षमता है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग होता है और वहां लगातार प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी वजह से चयन प्रक्रिया में धैर्य रखा जा रहा है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय रहा। उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की और 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड भी बनाए। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों को परेशान किया। उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन जैसे पुरस्कार भी मिले। यही वजह है कि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अब उनके लिए टीम इंडिया का दरवाजा खुलना सिर्फ समय की बात है।
भारतीय टीम अब इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुट गई है, जहां 1 जुलाई से टी20 सीरीज खेली जाएगी। माना जा रहा है कि यदि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला करता है तो वैभव सूर्यवंशी को इसी दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिल सकता है। यदि ऐसा होता है तो वह 16 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन सकते हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 16 वर्ष की आयु में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। आयरलैंड दौरे में मिली हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी। खासतौर पर दबाव वाले क्षणों में खिलाड़ियों की रणनीति कमजोर नजर आई। रयान टेन डोशेट ने स्वीकार किया कि टीम को अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हार किसी भी टीम के लिए सीखने का अवसर होती है और इंग्लैंड दौरे पर खिलाड़ी बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगे। भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कई युवा खिलाड़ियों को लगातार मौका दिया जा रहा है और भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों का टीम से जुड़ना भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि चयन समिति और टीम प्रबंधन इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि किसी खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने और उसे सही समय पर ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतारा जाए।
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वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर कोच का बड़ा बयान, बोले- सभी की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय क्रिकेट टीम के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस से लेकर पूर्व खिलाड़ी तक उनके जल्द अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग कर रहे हैं। हालांकि टीम इंडिया के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने साफ कर दिया है कि वैभव की प्रतिभा पर किसी तरह का संदेह नहीं है, लेकिन उन्हें भी बाकी खिलाड़ियों की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि केवल शानदार आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को सीधे अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी जा सकती। टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को लेकर उत्साहित जरूर है, लेकिन उसके लिए वही मानदंड लागू होंगे जो अन्य खिलाड़ियों पर लागू होते हैं। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम सिर्फ एक रन से मैच गंवा बैठी। इस हार के बाद मीडिया से बातचीत में रयान टेन डोशेट ने कहा कि टीम मैच के दौरान परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने में सफल नहीं रही। उन्होंने माना कि कुछ मौकों पर खिलाड़ियों ने गलत फैसले लिए और विपक्षी टीम ने उन गलतियों का पूरा फायदा उठाया। कोच ने कहा कि क्रिकेट में छोटे-छोटे फैसले ही कई बार मैच का नतीजा तय कर देते हैं और आयरलैंड ने दबाव के बीच बेहतर क्रिकेट खेली। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड दौरे पर अंतिम एकादश में मौका नहीं मिलने को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने चयन पर नाराजगी जताई और कहा कि जब युवा बल्लेबाज इतनी शानदार फॉर्म में है तो उसे खेलने का मौका मिलना चाहिए। इस पर जवाब देते हुए टेन डोशेट ने कहा कि टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों को भी पर्याप्त अवसर देना जरूरी होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का जिक्र किया और कहा कि संजू हाल के महीनों में टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना भी टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
कोच ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का करियर एक-दो मैच से तय नहीं किया जाता। यदि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को लगातार मौके नहीं देगा तो उनमें आत्मविश्वास नहीं बन पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सही नहीं होता। सही समय पर सही माहौल में डेब्यू मिलना अधिक महत्वपूर्ण है। रयान टेन डोशेट ने कहा कि टीम मैनेजमेंट वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी और मानसिक मजबूती से काफी प्रभावित है। उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में जिस तरह दबाव के बीच रन बनाए हैं, उससे साफ है कि उनमें बड़े मंच पर खेलने की क्षमता है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग होता है और वहां लगातार प्रदर्शन करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी वजह से चयन प्रक्रिया में धैर्य रखा जा रहा है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय रहा। उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की और 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कई रिकॉर्ड भी बनाए। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों को परेशान किया। उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन जैसे पुरस्कार भी मिले। यही वजह है कि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अब उनके लिए टीम इंडिया का दरवाजा खुलना सिर्फ समय की बात है।
भारतीय टीम अब इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुट गई है, जहां 1 जुलाई से टी20 सीरीज खेली जाएगी। माना जा रहा है कि यदि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला करता है तो वैभव सूर्यवंशी को इसी दौरे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिल सकता है। यदि ऐसा होता है तो वह 16 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन सकते हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 16 वर्ष की आयु में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। आयरलैंड दौरे में मिली हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी। खासतौर पर दबाव वाले क्षणों में खिलाड़ियों की रणनीति कमजोर नजर आई। रयान टेन डोशेट ने स्वीकार किया कि टीम को अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हार किसी भी टीम के लिए सीखने का अवसर होती है और इंग्लैंड दौरे पर खिलाड़ी बेहतर तैयारी के साथ उतरेंगे। भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कई युवा खिलाड़ियों को लगातार मौका दिया जा रहा है और भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों का टीम से जुड़ना भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि चयन समिति और टीम प्रबंधन इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि किसी खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने और उसे सही समय पर ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतारा जाए।
