MP में जल्द बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड, एक ही छत के नीचे होंगी सभी वर्दीधारी विभागों की भर्तियां

मध्य प्रदेश

On

जुलाई में कैबिनेट के सामने आएगा प्रस्ताव, पुलिस, जेल, फायर, फॉरेस्ट और ट्रांसपोर्ट विभाग की भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और तेज

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन करने की तैयारी में है। गृह विभाग ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब प्रस्ताव को जुलाई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो प्रदेश में पहली बार पुलिस समेत सभी वर्दीधारी विभागों की भर्ती एक ही बोर्ड के माध्यम से की जाएगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक नए पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में जेल विभाग, फायर सर्विसेज, परिवहन विभाग, फॉरेस्ट गार्ड, आबकारी और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्तियां भी शामिल की जाएंगी। इससे अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी चयन प्रक्रियाएं एक ही मंच से संचालित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।

 गृह विभाग ने नए भर्ती बोर्ड के संचालन के लिए करीब 200 पदों का प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों को ही मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में सीमित संसाधनों के साथ बोर्ड की शुरुआत की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भविष्य में पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बोर्ड के गठन से संबंधित तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। प्रदेश सरकार का कहना है कि नया भर्ती बोर्ड कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के समानांतर काम करेगा। वर्तमान में पुलिस समेत कई विभागों की भर्ती परीक्षाएं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित होती हैं, जिसके कारण परीक्षाओं और परिणामों में कई बार देरी देखने को मिलती है। अलग भर्ती बोर्ड बनने के बाद ESB पर परीक्षाओं का दबाव कम होगा और वह अन्य विभागों की भर्ती पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि नए बोर्ड के गठन का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया में देरी कम होगी, परिणाम समय पर जारी किए जा सकेंगे और नियुक्ति प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज होगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच भर्ती संबंधी समन्वय बेहतर होगा और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्य में तेजी आएगी। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी और अलग-अलग एजेंसियों की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करते रहे हैं। ऐसे में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी करेगा। इसमें आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा आयोजन, शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अंतिम चयन सूची जारी करने जैसे सभी कार्य एक ही व्यवस्था के तहत किए जाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। साथ ही भर्ती से जुड़े विवाद और प्रशासनिक जटिलताएं भी कम हो सकती हैं।

मध्य प्रदेश सरकार इस मॉडल को दूसरे राज्यों के अनुभव के आधार पर लागू करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में पुलिस भर्ती बोर्ड पहले से कार्यरत हैं और वहां भर्ती प्रक्रिया अलग एजेंसी के माध्यम से संचालित की जाती है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इसी तरह का मॉडल अपनाने से मध्य प्रदेश में भी भर्ती व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाई जा सकेगी। वर्दीधारी विभागों में नियमित और समयबद्ध भर्ती होना बेहद जरूरी है। पुलिस, जेल, फायर सर्विस और फॉरेस्ट जैसे विभाग सीधे कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े होते हैं। यदि इन विभागों में लंबे समय तक रिक्त पद बने रहते हैं तो इसका असर सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। ऐसे में अलग भर्ती बोर्ड बनने से रिक्त पदों को समय पर भरने में मदद मिल सकती है।

सरकार का यह भी मानना है कि नई व्यवस्था से पुलिस विभाग को भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग से अतिरिक्त संसाधन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक समर्पित बोर्ड पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगा, जिससे विभाग अपने मूल प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह पूरी योजना कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर है। यदि जुलाई में प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद नियमावली, स्टाफ की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में वर्दीधारी विभागों की सभी प्रमुख भर्तियां इसी नए बोर्ड के माध्यम से कराई जाएं।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
29 Jun 2026 By Vaishnavi.J

MP में जल्द बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड, एक ही छत के नीचे होंगी सभी वर्दीधारी विभागों की भर्तियां

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन करने की तैयारी में है। गृह विभाग ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब प्रस्ताव को जुलाई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो प्रदेश में पहली बार पुलिस समेत सभी वर्दीधारी विभागों की भर्ती एक ही बोर्ड के माध्यम से की जाएगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक नए पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में जेल विभाग, फायर सर्विसेज, परिवहन विभाग, फॉरेस्ट गार्ड, आबकारी और अन्य वर्दीधारी सेवाओं की भर्तियां भी शामिल की जाएंगी। इससे अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी चयन प्रक्रियाएं एक ही मंच से संचालित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।

 गृह विभाग ने नए भर्ती बोर्ड के संचालन के लिए करीब 200 पदों का प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि वित्त विभाग ने फिलहाल 95 पदों को ही मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में सीमित संसाधनों के साथ बोर्ड की शुरुआत की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भविष्य में पदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बोर्ड के गठन से संबंधित तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। प्रदेश सरकार का कहना है कि नया भर्ती बोर्ड कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के समानांतर काम करेगा। वर्तमान में पुलिस समेत कई विभागों की भर्ती परीक्षाएं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित होती हैं, जिसके कारण परीक्षाओं और परिणामों में कई बार देरी देखने को मिलती है। अलग भर्ती बोर्ड बनने के बाद ESB पर परीक्षाओं का दबाव कम होगा और वह अन्य विभागों की भर्ती पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि नए बोर्ड के गठन का सबसे बड़ा फायदा युवाओं को मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया में देरी कम होगी, परिणाम समय पर जारी किए जा सकेंगे और नियुक्ति प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज होगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच भर्ती संबंधी समन्वय बेहतर होगा और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्य में तेजी आएगी। लंबे समय से अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी और अलग-अलग एजेंसियों की वजह से होने वाली परेशानियों की शिकायत करते रहे हैं। ऐसे में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित बोर्ड भर्ती प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी करेगा। इसमें आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा आयोजन, शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अंतिम चयन सूची जारी करने जैसे सभी कार्य एक ही व्यवस्था के तहत किए जाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। साथ ही भर्ती से जुड़े विवाद और प्रशासनिक जटिलताएं भी कम हो सकती हैं।

मध्य प्रदेश सरकार इस मॉडल को दूसरे राज्यों के अनुभव के आधार पर लागू करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में पुलिस भर्ती बोर्ड पहले से कार्यरत हैं और वहां भर्ती प्रक्रिया अलग एजेंसी के माध्यम से संचालित की जाती है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इसी तरह का मॉडल अपनाने से मध्य प्रदेश में भी भर्ती व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाई जा सकेगी। वर्दीधारी विभागों में नियमित और समयबद्ध भर्ती होना बेहद जरूरी है। पुलिस, जेल, फायर सर्विस और फॉरेस्ट जैसे विभाग सीधे कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े होते हैं। यदि इन विभागों में लंबे समय तक रिक्त पद बने रहते हैं तो इसका असर सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। ऐसे में अलग भर्ती बोर्ड बनने से रिक्त पदों को समय पर भरने में मदद मिल सकती है।

सरकार का यह भी मानना है कि नई व्यवस्था से पुलिस विभाग को भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग से अतिरिक्त संसाधन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक समर्पित बोर्ड पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगा, जिससे विभाग अपने मूल प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकेगा। इससे कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह पूरी योजना कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर है। यदि जुलाई में प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद नियमावली, स्टाफ की नियुक्ति और प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में वर्दीधारी विभागों की सभी प्रमुख भर्तियां इसी नए बोर्ड के माध्यम से कराई जाएं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/police-recruitment-board-will-soon-be-formed-in-mp-recruitment/article-57319

खबरें और भी हैं

राजस्थान की पर्यटन कहानी: भारतीय आस्था से जुड़े, दुनिया विरासत से मोहित हुई

टाप न्यूज

राजस्थान की पर्यटन कहानी: भारतीय आस्था से जुड़े, दुनिया विरासत से मोहित हुई

तीन महीनों में राजस्थान में 6.19 करोड़ से अधिक पर्यटक यात्राएं,घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद बने धार्मिक स्थल, विदेशी पर्यटकों...
देश विदेश 
राजस्थान की पर्यटन कहानी: भारतीय आस्था से जुड़े, दुनिया विरासत से मोहित हुई

निजी सुरक्षा उद्योग के लिए गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, PSARA अनुपालन और कारोबार आसान बनाने पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की PSARA संयुक्त कार्यशाला में 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में निजी...
देश विदेश 
निजी सुरक्षा उद्योग के लिए गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, PSARA अनुपालन और कारोबार आसान बनाने पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

BTS के जंगकूक ने फैंस से कहा- मुझे सोने के लिए मत कहिए, अपनी जिंदगी खुद जीना चाहता हूं

वीवर्स लाइव के दौरान जंगकूक ने नींद, निजी जिंदगी और फैंस की चिंता पर खुलकर रखी बात, कहा- मैं ठीक...
बालीवुड 
BTS के जंगकूक ने फैंस से कहा- मुझे सोने के लिए मत कहिए, अपनी जिंदगी खुद जीना चाहता हूं

वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर कोच का बड़ा बयान, बोले- सभी की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा

आयरलैंड से टी20 सीरीज में हार के बाद सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा...
स्पोर्ट्स 
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर कोच का बड़ा बयान, बोले- सभी की तरह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.