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वर्ल्ड चैंपियनशिप सेमीफाइनल में त्रिसा-गायत्री के सामने चीन की नंबर-1 जोड़ी
स्पोर्ट्स डेस्क
लियू शेंग शू-टैन निंग से आज मुकाबला; क्वार्टरफाइनल जीतकर भारत का मेडल पक्का कर चुकी है भारतीय जोड़ी
नई दिल्ली में चल रही BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में आज भारत की नजरें त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पर रहेंगी। महिला डबल्स के सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त लियू शेंग शू और टैन निंग से होगा। मुकाबला 22 अगस्त को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में दोपहर 2:40 बजे खेला जाना है। त्रिसा-गायत्री पहले ही सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए मेडल पक्का कर चुकी हैं। शुक्रवार को खेले गए क्वार्टरफाइनल में उन्होंने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया था। मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद जिस तरह वापसी की, उससे स्टेडियम में मौजूद घरेलू दर्शकों का उत्साह भी बढ़ गया।
क्वार्टरफाइनल में शुरुआत भारतीय जोड़ी के हिसाब से नहीं रही थी। पहला गेम चीन की जोड़ी ने 21-16 से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद त्रिसा और गायत्री ने खेल की रफ्तार बदली और दूसरे गेम में 21-15 से बराबरी हासिल की। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव बनाए रखा और 21-13 से मैच अपने नाम कर लिया। करीब 69-70 मिनट चले इस मुकाबले में दोनों ने नेट के पास बेहतर खेल दिखाया और स्मैश के जरिए भी लगातार अंक जुटाए। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि त्रिसा कुछ समय पहले चोट से वापसी कर रही थीं। चोट के बाद दोनों ने दोबारा लय हासिल करने में समय लिया और इस टूर्नामेंट में अब तक उनका प्रदर्शन काफी प्रभावी रहा है।
सेमीफाइनल में चुनौती हालांकि काफी मुश्किल मानी जा रही है। लियू शेंग शू और टैन निंग इस समय महिला डबल्स की शीर्ष जोड़ी हैं और टूर्नामेंट में नंबर-1 सीड के तौर पर उतरी हैं। दोनों की आक्रामक शैली और कोर्ट पर तेज मूवमेंट भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी परीक्षा होगी। उपलब्ध हेड-टू-हेड रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों जोड़ियां पहले भी आमने-सामने आ चुकी हैं और चीन की जोड़ी का पलड़ा भारी रहा है। ऐसे में त्रिसा-गायत्री को सिर्फ रैंकिंग ही नहीं, पिछले मुकाबलों के आंकड़ों से भी चुनौती मिलेगी। दूसरी तरफ भारतीय जोड़ी इस बार घरेलू कोर्ट पर खेल रही है और क्वार्टरफाइनल में चीन की ही मजबूत जोड़ी को हराकर यहां तक पहुंची है।
इस मुकाबले का एक और बड़ा पहलू भारत के महिला डबल्स रिकॉर्ड से जुड़ा है। त्रिसा और गायत्री के सेमीफाइनल में पहुंचते ही भारत ने इस इवेंट में मेडल पक्का कर लिया है। इससे पहले भारत की महिला डबल्स जोड़ी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2011 में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में ब्रॉन्ज हासिल किया था। अब 15 साल बाद भारतीय महिला डबल्स को फिर विश्व चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह मिली है। त्रिसा-गायत्री इस बार बिना सीडिंग के टूर्नामेंट में उतरी थीं और लगातार मजबूत जोड़ियों के खिलाफ जीत दर्ज करती हुई अंतिम चार तक पहुंची हैं।
त्रिसा और गायत्री की यह जोड़ी पिछले कुछ साल में तेजी से आगे बढ़ी है। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में पहुंची थीं। इस साल त्रिसा को ट्रेनिंग के दौरान टखने में चोट लगी थी, जिसके कारण जोड़ी को कुछ समय कोर्ट से बाहर रहना पड़ा। वापसी के बाद दोनों ने इंडोनेशिया ओपन और यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने फिलीपींस इंटरनेशनल चैलेंज में खिताब भी जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप में अब तक का सफर इसी वापसी को आगे बढ़ाता दिख रहा है।
आज का मुकाबला जीतने पर त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला डबल्स फाइनल में पहुंच जाएंगी। ऐसा होने पर वे इस स्पर्धा में भारत की पहली महिला डबल्स जोड़ी होंगी, जो सिल्वर मेडल पक्का करेगी। फिलहाल भारतीय जोड़ी के पास कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय है और सामने विश्व की नंबर-1 चीनी जोड़ी है। मुकाबले का सीधा प्रसारण भारत में Star Sports के चैनलों पर किया जाएगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग JioStar ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
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