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नीरज चोपड़ा 88.05 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर, 9 सेंटीमीटर से चूके
स्पोर्ट्स डेस्क
लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.14 मीटर के थ्रो से जीता गोल्ड; नीरज का सीजन बेस्ट प्रदर्शन
लुसाने में शुक्रवार रात हुए डायमंड लीग के जैवलिन थ्रो मुकाबले में नीरज चोपड़ा को बेहद करीबी अंतर से दूसरे स्थान पर रहना पड़ा। भारतीय स्टार ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो इस सीजन में उनका सबसे लंबा थ्रो रहा। कुछ देर के लिए नीरज ने प्रतियोगिता में बढ़त भी बना ली थी, लेकिन श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर भाला फेंककर उन्हें पीछे कर दिया। दोनों के बीच सिर्फ 9 सेंटीमीटर का अंतर रहा। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के साथ चौथे नंबर पर रहे।
नीरज के लिए मुकाबले की शुरुआत बहुत खास नहीं रही थी। पहले प्रयास में उनका थ्रो 83.54 मीटर तक गया। दूसरे राउंड में उन्होंने जोरदार वापसी की और 88.05 मीटर का निशाना साधा। यह थ्रो जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग में दर्ज किए गए 88.16 मीटर के बाद उनका सबसे बेहतर प्रदर्शन है। साथ ही 2026 में यह उनका पहला 88 मीटर से ज्यादा का थ्रो रहा। दूसरे प्रयास के बाद वह कुछ समय के लिए टॉप पर भी पहुंच गए थे। लेकिन पथिरागे ने तीसरे राउंड में 88.14 मीटर के साथ बढ़त वापस ले ली। नीरज इसके बाद 83.72 मीटर तक ही पहुंच सके और चौथे प्रयास में उनका थ्रो फाउल रहा। पांचवें प्रयास में उन्होंने थ्रो नहीं किया, जबकि आखिरी प्रयास में 82.15 मीटर दर्ज हुआ।
रुमेश पथिरागे के लिए यह जीत इस सीजन में खास तौर पर अहम है। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने नीरज को 2026 में अब तक जिन तीन मुकाबलों में टक्कर दी है, उन सभी में उनसे आगे रहे हैं। लुसाने से पहले दोनों की भिड़ंत दोहा डायमंड लीग और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई थी। दोहा में पथिरागे ने 88.68 मीटर के थ्रो से बाजी मारी थी, जबकि ग्लासगो में उन्होंने 89.75 मीटर के शानदार प्रदर्शन के साथ गोल्ड जीता था। नीरज को वहां 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। लुसाने में भी पथिरागे ने निर्णायक थ्रो लगाकर नीरज को पीछे कर दिया।
नीरज का 88.05 मीटर का प्रदर्शन हालांकि उनके लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। 2026 सीजन की शुरुआत में वह अपनी पुरानी लय में नजर नहीं आए थे और 88 मीटर की सीमा तक पहुंचने में उन्हें इंतजार करना पड़ा। लुसाने में दूसरे प्रयास का थ्रो आते ही उनकी क्षमता फिर सामने आई। 28 साल के नीरज ने इससे पहले 2025 में पेरिस डायमंड लीग जीतते हुए 88.16 मीटर का थ्रो किया था। इसके बाद से उनका यह सबसे लंबा प्रयास है। यानी गोल्ड भले हाथ से निकल गया, लेकिन सीजन के इस पड़ाव पर 88.05 मीटर का प्रदर्शन उनकी फॉर्म के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
लुसाने के मुकाबले में कुल नौ जैवलिन थ्रोअर शामिल थे और शुरुआती दौर से ही नीरज और पथिरागे के बीच मुकाबला देखने को मिला। पथिरागे ने पहले ही प्रयास में 85.99 मीटर फेंककर मजबूत शुरुआत की थी। नीरज ने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर के साथ जवाब दिया। तीसरे राउंड में पथिरागे का 88.14 मीटर का थ्रो इस मुकाबले का सबसे लंबा रहा। इसके बाद दोनों खिलाड़ी अपने-अपने निशान को बेहतर नहीं कर सके। एंडरसन पीटर्स ने आखिरी प्रयास में 86.69 मीटर का थ्रो करके तीसरा स्थान हासिल किया।
इस नतीजे के साथ नीरज के नाम एक और सिल्वर आया, लेकिन लुसाने में उनका प्रदर्शन इस सीजन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा। दूसरी तरफ पथिरागे का शानदार दौर जारी है और उन्होंने एक बार फिर नीरज को मामूली अंतर से पीछे छोड़ा। नीरज के 88.05 मीटर और पथिरागे के 88.14 मीटर के बीच सिर्फ 0.09 मीटर का फासला रहा। मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे एंडरसन पीटर्स और चौथे नंबर के केशोर्न वालकॉट काफी पीछे रहे।
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