- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- फीफा विश्व कप 2026 में दक्षिण कोरिया की शानदार वापसी, चेकिया को 2-1 से हराया
फीफा विश्व कप 2026 में दक्षिण कोरिया की शानदार वापसी, चेकिया को 2-1 से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
एक गोल से पिछड़ने के बाद ह्वांग इन-बोम और ओह ह्योन-ग्यू ने दूसरे हाफ में दागे गोल, दक्षिण कोरिया ने जीत के साथ अभियान की शुरुआत की
फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने शानदार वापसी करते हुए चेकिया को 2-1 से हरा दिया। मेक्सिको के ज़ापोपान में खेले गए ग्रुप ए के इस मुकाबले में दक्षिण कोरियाई टीम ने एक गोल से पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ में दमदार खेल दिखाया और तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए। मैच के हीरो ह्वांग इन-बोम रहे, जिन्होंने एक गोल करने के साथ-साथ विजयी गोल में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण कोरिया ने विश्व कप अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। मुकाबले की शुरुआत से ही दक्षिण कोरिया ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। कप्तान सोन ह्यूंग-मिन की अगुआई में टीम लगातार आक्रमण करती नजर आई, लेकिन पहले हाफ में कई अच्छे मौके गंवा दिए गए। दूसरी तरफ चेकिया की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान पर उतरी थी और उसने दक्षिण कोरिया को शुरुआती बढ़त लेने से रोके रखा। पहले 45 मिनट में दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं। मुकाबला इतना फीका रहा कि हाफ टाइम के दौरान कुछ दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नाराजगी भी जताई।
दूसरे हाफ में खेल की तस्वीर बदल गई। 59वें मिनट में चेकिया ने लंबी थ्रो-इन के बाद मिले मौके का फायदा उठाया। कप्तान लाडिस्लाव क्रेजी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद ऐसा लग रहा था कि चेकिया मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर लेगा, लेकिन दक्षिण कोरिया ने हार नहीं मानी। गोल खाने के बाद कोरियाई खिलाड़ियों ने आक्रमण की रफ्तार और बढ़ा दी। लगातार दबाव का असर 67वें मिनट में देखने को मिला जब ह्वांग इन-बोम ने बेहतरीन व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। उन्होंने शॉट मारने का भ्रम पैदा कर दो डिफेंडरों को छकाया और फिर सटीक फिनिश के साथ स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में नई जान डाल दी और दक्षिण कोरियाई समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। बराबरी के बाद दक्षिण कोरिया लगातार आक्रमण करता रहा। चेकिया की टीम पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। आखिरकार 80वें मिनट में दक्षिण कोरिया को वह मौका मिल गया जिसका उसे इंतजार था। ह्वांग इन-बोम ने दाएं फ्लैंक से शानदार क्रॉस दिया, जिस पर ओह ह्योन-ग्यू ने सटीक स्ट्राइक लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ दक्षिण कोरिया ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अंतिम मिनटों में चेकिया ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन कोरियाई डिफेंस ने कोई गलती नहीं की और टीम जीत दर्ज करने में सफल रही। फीफा रैंकिंग में 25वें स्थान पर मौजूद दक्षिण कोरिया पूरे मैच में बेहतर टीम नजर आई। आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरियाई टीम ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और गोल करने के ज्यादा मौके भी बनाए। हालांकि शुरुआती मौकों को भुनाने में असफल रहने के कारण मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा। चेकिया, जो वर्ष 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है, ने संघर्ष जरूर किया लेकिन बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सकी।
मुकाबला ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला गया, जहां आधिकारिक उपस्थिति लगभग 44,985 दर्शकों की दर्ज की गई। हालांकि स्टेडियम की क्षमता 45 हजार से अधिक होने के बावजूद कई सीटें खाली नजर आईं। फिर भी मैदान पर मौजूद दर्शकों को दूसरे हाफ में शानदार फुटबॉल देखने को मिली। खासकर दक्षिण कोरिया की वापसी ने मैच को यादगार बना दिया। ग्रुप ए की अंक तालिका में इस जीत के बाद दक्षिण कोरिया तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की थी। बेहतर गोल अंतर के आधार पर मेक्सिको शीर्ष पर है जबकि दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर मौजूद है। चेकिया तीसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर हैं।अब ग्रुप ए में अगला मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। 18 जून को दक्षिण कोरिया का सामना मेक्सिको से होगा, जबकि चेकिया की टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगी। विश्व कप के नए प्रारूप के अनुसार प्रत्येक समूह से शीर्ष दो टीमें सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी, जबकि सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों को भी अगले चरण में जगह मिलेगी। ऐसे में दक्षिण कोरिया की यह जीत आगे के सफर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दक्षिण कोरिया के लिए यह सिर्फ तीन अंक नहीं बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत भी है। टीम ने साबित कर दिया कि वह दबाव की स्थिति में भी मुकाबले को पलटने की क्षमता रखती है। अब सभी की नजरें मेक्सिको के खिलाफ होने वाले अगले बड़े मुकाबले पर टिकी होंगी, जहां दक्षिण कोरिया अपनी जीत की लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
फीफा विश्व कप 2026 में दक्षिण कोरिया की शानदार वापसी, चेकिया को 2-1 से हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने शानदार वापसी करते हुए चेकिया को 2-1 से हरा दिया। मेक्सिको के ज़ापोपान में खेले गए ग्रुप ए के इस मुकाबले में दक्षिण कोरियाई टीम ने एक गोल से पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ में दमदार खेल दिखाया और तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए। मैच के हीरो ह्वांग इन-बोम रहे, जिन्होंने एक गोल करने के साथ-साथ विजयी गोल में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण कोरिया ने विश्व कप अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। मुकाबले की शुरुआत से ही दक्षिण कोरिया ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। कप्तान सोन ह्यूंग-मिन की अगुआई में टीम लगातार आक्रमण करती नजर आई, लेकिन पहले हाफ में कई अच्छे मौके गंवा दिए गए। दूसरी तरफ चेकिया की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान पर उतरी थी और उसने दक्षिण कोरिया को शुरुआती बढ़त लेने से रोके रखा। पहले 45 मिनट में दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं। मुकाबला इतना फीका रहा कि हाफ टाइम के दौरान कुछ दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नाराजगी भी जताई।
दूसरे हाफ में खेल की तस्वीर बदल गई। 59वें मिनट में चेकिया ने लंबी थ्रो-इन के बाद मिले मौके का फायदा उठाया। कप्तान लाडिस्लाव क्रेजी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद ऐसा लग रहा था कि चेकिया मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर लेगा, लेकिन दक्षिण कोरिया ने हार नहीं मानी। गोल खाने के बाद कोरियाई खिलाड़ियों ने आक्रमण की रफ्तार और बढ़ा दी। लगातार दबाव का असर 67वें मिनट में देखने को मिला जब ह्वांग इन-बोम ने बेहतरीन व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। उन्होंने शॉट मारने का भ्रम पैदा कर दो डिफेंडरों को छकाया और फिर सटीक फिनिश के साथ स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में नई जान डाल दी और दक्षिण कोरियाई समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। बराबरी के बाद दक्षिण कोरिया लगातार आक्रमण करता रहा। चेकिया की टीम पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। आखिरकार 80वें मिनट में दक्षिण कोरिया को वह मौका मिल गया जिसका उसे इंतजार था। ह्वांग इन-बोम ने दाएं फ्लैंक से शानदार क्रॉस दिया, जिस पर ओह ह्योन-ग्यू ने सटीक स्ट्राइक लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ दक्षिण कोरिया ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अंतिम मिनटों में चेकिया ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन कोरियाई डिफेंस ने कोई गलती नहीं की और टीम जीत दर्ज करने में सफल रही। फीफा रैंकिंग में 25वें स्थान पर मौजूद दक्षिण कोरिया पूरे मैच में बेहतर टीम नजर आई। आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरियाई टीम ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और गोल करने के ज्यादा मौके भी बनाए। हालांकि शुरुआती मौकों को भुनाने में असफल रहने के कारण मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा। चेकिया, जो वर्ष 2006 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रही है, ने संघर्ष जरूर किया लेकिन बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सकी।
मुकाबला ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला गया, जहां आधिकारिक उपस्थिति लगभग 44,985 दर्शकों की दर्ज की गई। हालांकि स्टेडियम की क्षमता 45 हजार से अधिक होने के बावजूद कई सीटें खाली नजर आईं। फिर भी मैदान पर मौजूद दर्शकों को दूसरे हाफ में शानदार फुटबॉल देखने को मिली। खासकर दक्षिण कोरिया की वापसी ने मैच को यादगार बना दिया। ग्रुप ए की अंक तालिका में इस जीत के बाद दक्षिण कोरिया तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की थी। बेहतर गोल अंतर के आधार पर मेक्सिको शीर्ष पर है जबकि दक्षिण कोरिया दूसरे स्थान पर मौजूद है। चेकिया तीसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर हैं।अब ग्रुप ए में अगला मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। 18 जून को दक्षिण कोरिया का सामना मेक्सिको से होगा, जबकि चेकिया की टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगी। विश्व कप के नए प्रारूप के अनुसार प्रत्येक समूह से शीर्ष दो टीमें सीधे नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी, जबकि सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों को भी अगले चरण में जगह मिलेगी। ऐसे में दक्षिण कोरिया की यह जीत आगे के सफर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दक्षिण कोरिया के लिए यह सिर्फ तीन अंक नहीं बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत भी है। टीम ने साबित कर दिया कि वह दबाव की स्थिति में भी मुकाबले को पलटने की क्षमता रखती है। अब सभी की नजरें मेक्सिको के खिलाफ होने वाले अगले बड़े मुकाबले पर टिकी होंगी, जहां दक्षिण कोरिया अपनी जीत की लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।
