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वर्ल्ड कप 2026 की धमाकेदार शुरुआत, पहले ही दिन तीन रेड कार्ड और VAR पर छिड़ी बहस
स्पोर्ट्स डेस्क
मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराया, रेड कार्ड, वॉटर ब्रेक और VAR फैसलों ने खींचा ध्यान
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज शानदार अंदाज में हो चुका है और टूर्नामेंट के पहले ही दिन फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच, विवाद, रिकॉर्ड और कई यादगार पल देखने को मिले। मेक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में खेले गए उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराकर जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। हालांकि मैच का नतीजा जितना चर्चा में रहा, उससे कहीं ज्यादा रेड कार्ड, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) और अनिवार्य वॉटर ब्रेक को लेकर बहस ने सुर्खियां बटोरीं। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में तीन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए जाने से फुटबॉल जगत में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह विश्व कप इतिहास के सबसे अधिक रेड कार्ड वाले टूर्नामेंटों में शामिल होने जा रहा है। मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में साउथ अफ्रीका के याया सिथोले और थेम्बा ज्वाने को मैदान छोड़ना पड़ा, जबकि मेक्सिको के सेसर मोंटेस को भी रेड कार्ड दिखाया गया।
किसी भी बड़े टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में रेफरी के फैसले आगे के मैचों की दिशा तय करते हैं। ऐसे में पहले ही दिन तीन रेड कार्ड दिए जाने को काफी अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि 2018 और 2022 के विश्व कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल चार-चार रेड कार्ड ही दिखाए गए थे। ऐसे में उद्घाटन मैच में ही तीन खिलाड़ियों का बाहर होना एक असाधारण घटना मानी जा रही है। मैच के दौरान सबसे ज्यादा विवाद VAR के इस्तेमाल को लेकर हुआ। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी थेम्बा ज्वाने को दूसरे हाफ में रेड कार्ड दिखाया गया। शुरुआत में रेफरी विल्टन सांपाइयो ने उन्हें मैदान से बाहर नहीं भेजा था, लेकिन VAR की समीक्षा के बाद रेफरी ने अपना फैसला बदला और ज्वाने को रेड कार्ड दिखा दिया। इस फैसले ने सोशल मीडिया से लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों तक के बीच बहस छेड़ दी। कई लोगों का मानना था कि ज्वाने का इरादा विरोधी खिलाड़ी को चोट पहुंचाने का नहीं था और यह फैसला काफी सख्त था। रिप्ले में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नजर नहीं आई। इसके बावजूद VAR की सलाह के बाद रेफरी ने इसे "हिंसक आचरण" मानते हुए रेड कार्ड दिया। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस ने भी मैच के बाद इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी का रास्ता विरोधी खिलाड़ी ने रोका था और यह रेड कार्ड देने लायक स्थिति नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि रेफरी के फैसले को स्वीकार करना टीम की मजबूरी है।
VAR को लेकर यह पहली बार नहीं है जब विवाद सामने आया हो। पिछले कई बड़े टूर्नामेंटों में भी इस तकनीक को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों के बीच मतभेद देखने को मिले हैं। समर्थकों का कहना है कि इससे गलत फैसलों को सुधारा जा सकता है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे खेल का स्वाभाविक प्रवाह प्रभावित होता है। उद्घाटन मैच का एक और प्रमुख पहलू वॉटर ब्रेक रहा। उत्तर अमेरिका में गर्म मौसम और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए मैच के दौरान कई बार पानी पीने के लिए खेल रोका गया। कुछ प्रशंसकों ने इसे खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि इससे मैच की गति प्रभावित हुई। मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो मेक्सिको ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने शुरुआती मिनटों में बढ़त हासिल कर ली और पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। साउथ अफ्रीका को दो रेड कार्ड मिलने के बाद मुकाबला और मुश्किल हो गया। नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही टीम वापसी नहीं कर सकी और मेक्सिको ने जीत सुनिश्चित कर ली। विश्व कप के उद्घाटन दिवस में कुल पांच गोल, चार वॉटर ब्रेक, तीन रेड कार्ड और कई विवादास्पद फैसले देखने को मिले। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह टूर्नामेंट रोमांच और चर्चा दोनों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। अगले 39 दिनों तक चलने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में 104 मुकाबले खेले जाएंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए संघर्ष करेंगी। पहले ही दिन मिले संकेत बताते हैं कि वर्ल्ड कप 2026 में मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह भरपूर ड्रामा देखने को मिल सकता है।
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वर्ल्ड कप 2026 की धमाकेदार शुरुआत, पहले ही दिन तीन रेड कार्ड और VAR पर छिड़ी बहस
स्पोर्ट्स डेस्क
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज शानदार अंदाज में हो चुका है और टूर्नामेंट के पहले ही दिन फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच, विवाद, रिकॉर्ड और कई यादगार पल देखने को मिले। मेक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में खेले गए उद्घाटन मुकाबले में मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराकर जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। हालांकि मैच का नतीजा जितना चर्चा में रहा, उससे कहीं ज्यादा रेड कार्ड, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) और अनिवार्य वॉटर ब्रेक को लेकर बहस ने सुर्खियां बटोरीं। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में तीन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए जाने से फुटबॉल जगत में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह विश्व कप इतिहास के सबसे अधिक रेड कार्ड वाले टूर्नामेंटों में शामिल होने जा रहा है। मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में साउथ अफ्रीका के याया सिथोले और थेम्बा ज्वाने को मैदान छोड़ना पड़ा, जबकि मेक्सिको के सेसर मोंटेस को भी रेड कार्ड दिखाया गया।
किसी भी बड़े टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में रेफरी के फैसले आगे के मैचों की दिशा तय करते हैं। ऐसे में पहले ही दिन तीन रेड कार्ड दिए जाने को काफी अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि 2018 और 2022 के विश्व कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल चार-चार रेड कार्ड ही दिखाए गए थे। ऐसे में उद्घाटन मैच में ही तीन खिलाड़ियों का बाहर होना एक असाधारण घटना मानी जा रही है। मैच के दौरान सबसे ज्यादा विवाद VAR के इस्तेमाल को लेकर हुआ। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी थेम्बा ज्वाने को दूसरे हाफ में रेड कार्ड दिखाया गया। शुरुआत में रेफरी विल्टन सांपाइयो ने उन्हें मैदान से बाहर नहीं भेजा था, लेकिन VAR की समीक्षा के बाद रेफरी ने अपना फैसला बदला और ज्वाने को रेड कार्ड दिखा दिया। इस फैसले ने सोशल मीडिया से लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों तक के बीच बहस छेड़ दी। कई लोगों का मानना था कि ज्वाने का इरादा विरोधी खिलाड़ी को चोट पहुंचाने का नहीं था और यह फैसला काफी सख्त था। रिप्ले में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नजर नहीं आई। इसके बावजूद VAR की सलाह के बाद रेफरी ने इसे "हिंसक आचरण" मानते हुए रेड कार्ड दिया। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस ने भी मैच के बाद इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाड़ी का रास्ता विरोधी खिलाड़ी ने रोका था और यह रेड कार्ड देने लायक स्थिति नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि रेफरी के फैसले को स्वीकार करना टीम की मजबूरी है।
VAR को लेकर यह पहली बार नहीं है जब विवाद सामने आया हो। पिछले कई बड़े टूर्नामेंटों में भी इस तकनीक को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों के बीच मतभेद देखने को मिले हैं। समर्थकों का कहना है कि इससे गलत फैसलों को सुधारा जा सकता है, जबकि आलोचकों का मानना है कि इससे खेल का स्वाभाविक प्रवाह प्रभावित होता है। उद्घाटन मैच का एक और प्रमुख पहलू वॉटर ब्रेक रहा। उत्तर अमेरिका में गर्म मौसम और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए मैच के दौरान कई बार पानी पीने के लिए खेल रोका गया। कुछ प्रशंसकों ने इसे खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि इससे मैच की गति प्रभावित हुई। मैदान पर प्रदर्शन की बात करें तो मेक्सिको ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने शुरुआती मिनटों में बढ़त हासिल कर ली और पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। साउथ अफ्रीका को दो रेड कार्ड मिलने के बाद मुकाबला और मुश्किल हो गया। नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही टीम वापसी नहीं कर सकी और मेक्सिको ने जीत सुनिश्चित कर ली। विश्व कप के उद्घाटन दिवस में कुल पांच गोल, चार वॉटर ब्रेक, तीन रेड कार्ड और कई विवादास्पद फैसले देखने को मिले। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह टूर्नामेंट रोमांच और चर्चा दोनों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह सिर्फ शुरुआत है। अगले 39 दिनों तक चलने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में 104 मुकाबले खेले जाएंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए संघर्ष करेंगी। पहले ही दिन मिले संकेत बताते हैं कि वर्ल्ड कप 2026 में मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह भरपूर ड्रामा देखने को मिल सकता है।
