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पाकिस्तान टीम में ‘टॉक्सिक’ माहौल, भारतीय टीम के पूर्व कोच का बड़ा खुलासा
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय टीम के पूर्व कोच ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के माहौल को टॉक्सिक बताते हुए बड़ा खुलासा किया है।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन और उसके पीछे के माहौल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार चर्चा की वजह बने हैं पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्स्टन ने अपने छोटे से कार्यकाल के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि टीम के अंदर का माहौल किसी भी कोच के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।
टॉक्सिक माहौल ने किया हैरान
Gary Kirsten ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि पाकिस्तान टीम के साथ काम करना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि वहां का माहौल काफी टॉक्सिक है और बाहरी हस्तक्षेप बहुत ज्यादा है। उनके अनुसार, टीम के कामकाज में लगातार दखलंदाजी होती रहती है, जिससे कोच के लिए अपनी रणनीति लागू करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी टीम के लिए स्थिर माहौल बेहद जरूरी होता है, लेकिन पाकिस्तान में हालात इसके उलट नजर आते हैं।
बाहरी दखलंदाजी बनी सबसे बड़ी समस्या
कर्स्टन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि टीम के अंदर बाहरी हस्तक्षेप ने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया। उन्होंने कहा कि जब टीम के फैसलों में बाहर से लगातार दखल होता है, तो कोच और खिलाड़ियों के बीच तालमेल प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में कोच के लिए खिलाड़ियों से सही तरीके से संवाद करना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे टीम की परफॉर्मेंस पर सीधा असर पड़ता है।
कोच को बनता है आसान निशाना
कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट के उस ट्रेंड पर भी सवाल उठाए, जहां खराब प्रदर्शन के बाद सबसे पहले कोच को जिम्मेदार ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि जब टीम अच्छा नहीं करती, तो सबसे आसान विकल्प कोच को हटाना होता है। उनके अनुसार, अगर हर बार यही करना है तो फिर कोच रखने का औचित्य ही क्या रह जाता है। यह सोच टीम के विकास के लिए नुकसानदायक है।
पीसीबी के दौर में स्थिरता की कमी
कर्स्टन ने Mohsin Naqvi के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लगातार सफलता हासिल करना लगभग नामुमकिन था। उन्होंने संकेत दिए कि बोर्ड स्तर पर स्थिरता की कमी और लगातार बदलाव टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता और स्थिरता नहीं आएगी, तब तक टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना मुश्किल है।
छोटा कार्यकाल, बड़ा अनुभव
गौरतलब है कि Gary Kirsten ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की लिमिटेड ओवर्स टीम के कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, उन्होंने महज छह महीनों के भीतर ही इस पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह अनुभव अब पाकिस्तान क्रिकेट की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है और भविष्य के लिए संकेत भी दे रहा है।
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पाकिस्तान टीम में ‘टॉक्सिक’ माहौल, भारतीय टीम के पूर्व कोच का बड़ा खुलासा
स्पोर्ट्स डेस्क
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन और उसके पीछे के माहौल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार चर्चा की वजह बने हैं पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन, जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्स्टन ने अपने छोटे से कार्यकाल के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि टीम के अंदर का माहौल किसी भी कोच के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।
टॉक्सिक माहौल ने किया हैरान
Gary Kirsten ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि पाकिस्तान टीम के साथ काम करना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि वहां का माहौल काफी टॉक्सिक है और बाहरी हस्तक्षेप बहुत ज्यादा है। उनके अनुसार, टीम के कामकाज में लगातार दखलंदाजी होती रहती है, जिससे कोच के लिए अपनी रणनीति लागू करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी टीम के लिए स्थिर माहौल बेहद जरूरी होता है, लेकिन पाकिस्तान में हालात इसके उलट नजर आते हैं।
बाहरी दखलंदाजी बनी सबसे बड़ी समस्या
कर्स्टन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि टीम के अंदर बाहरी हस्तक्षेप ने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया। उन्होंने कहा कि जब टीम के फैसलों में बाहर से लगातार दखल होता है, तो कोच और खिलाड़ियों के बीच तालमेल प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में कोच के लिए खिलाड़ियों से सही तरीके से संवाद करना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे टीम की परफॉर्मेंस पर सीधा असर पड़ता है।
कोच को बनता है आसान निशाना
कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट के उस ट्रेंड पर भी सवाल उठाए, जहां खराब प्रदर्शन के बाद सबसे पहले कोच को जिम्मेदार ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि जब टीम अच्छा नहीं करती, तो सबसे आसान विकल्प कोच को हटाना होता है। उनके अनुसार, अगर हर बार यही करना है तो फिर कोच रखने का औचित्य ही क्या रह जाता है। यह सोच टीम के विकास के लिए नुकसानदायक है।
पीसीबी के दौर में स्थिरता की कमी
कर्स्टन ने Mohsin Naqvi के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लगातार सफलता हासिल करना लगभग नामुमकिन था। उन्होंने संकेत दिए कि बोर्ड स्तर पर स्थिरता की कमी और लगातार बदलाव टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता और स्थिरता नहीं आएगी, तब तक टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना मुश्किल है।
छोटा कार्यकाल, बड़ा अनुभव
गौरतलब है कि Gary Kirsten ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की लिमिटेड ओवर्स टीम के कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, उन्होंने महज छह महीनों के भीतर ही इस पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह अनुभव अब पाकिस्तान क्रिकेट की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है और भविष्य के लिए संकेत भी दे रहा है।
