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स्वतंत्रता दिवस पर 301 पुलिस-फायर कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड
भारत
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहस दिखाने वाले 197 जवान सम्मानित, कुल 1,057 कर्मियों के लिए अलग-अलग पदकों का ऐलान
नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्र सरकार ने पुलिस और फायर सर्विस के उन कर्मियों के नामों का ऐलान किया है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस बार कुल 301 कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इनमें 272 पुलिसकर्मी और 29 फायर सर्विस के कर्मचारी हैं। खास बात यह है कि इन पुरस्कारों में नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात रहे 197 जवान शामिल हैं। इन इलाकों में ऑपरेशन के दौरान जवानों को अक्सर बेहद मुश्किल और जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार, सम्मान के लिए ऐसे मामलों को भी आधार बनाया गया है, जहां कर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने, अपराधियों से मुकाबला करने या सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान से बचाने में भूमिका निभाई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर साल सुरक्षा और आपात सेवाओं से जुड़े कर्मियों को उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मान दिया जाता है। इस बार की सूची में भी देश के अलग-अलग हिस्सों से पुलिस, फायर, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और जेल सेवाओं के कर्मचारी शामिल हैं।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वालों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अलावा जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और दूसरे संवेदनशील इलाकों में तैनात कर्मी भी हैं। अलग-अलग अभियानों और ड्यूटी के दौरान दिखाई गई बहादुरी को देखते हुए इनके नाम तय किए गए हैं। नक्सल इलाकों से जुड़े 197 नाम इस सूची में सबसे बड़ा हिस्सा हैं। वहां सुरक्षा बलों की ड्यूटी सामान्य पुलिसिंग से काफी अलग होती है। जंगल और दुर्गम इलाकों में अभियान, अचानक होने वाले हमले और सीमित संसाधनों के बीच काम करना जवानों के लिए बड़ी चुनौती रहता है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गैलेंट्री मेडल उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने जान बचाने, संपत्ति की सुरक्षा, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान असाधारण साहस दिखाया। कई मामलों में ऐसी कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी होती है, लेकिन उसका असर लंबे समय तक रहता है। इसी तरह फायर सर्विस के 29 कर्मियों को भी सम्मान की सूची में जगह मिली है। आग, हादसे या दूसरी आपात स्थितियों में राहत और बचाव के दौरान फायरकर्मियों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है। इस साल के पुरस्कारों में पुलिस और फायर सर्विस के अलावा दूसरी सेवाओं के कर्मियों की भूमिका को भी शामिल किया गया है।
केंद्र की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि इस स्वतंत्रता दिवस पर कुल 1,057 कर्मियों को अलग-अलग श्रेणियों के पदक दिए जाएंगे। इनमें गैलेंट्री अवॉर्ड के अलावा प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस यानी PSM और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी MSM शामिल हैं। 92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस दिया जाएगा। इस श्रेणी में 83 पुलिसकर्मी, 4 फायर सर्विस कर्मी, 3 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड कर्मी और 2 जेल सेवा से जुड़े कर्मचारी हैं। वहीं 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के लिए चुना गया है। इनमें पुलिस विभाग के 606, फायर सर्विस के 28, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड के 18 और जेल सेवा के 12 कर्मी शामिल हैं।
मेरिटोरियस सर्विस मेडल आम तौर पर उन कर्मचारियों को दिया जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक जिम्मेदारी के साथ काम किया और अपने कर्तव्यों के प्रति लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की मानें तो इन पुरस्कारों के पीछे केवल किसी एक अभियान की सफलता नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान दिखाई गई प्रतिबद्धता और सेवा का रिकॉर्ड भी देखा जाता है। स्वतंत्रता दिवस से पहले जारी हुई इस सूची में संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों से लेकर शहरों में आपात स्थिति संभालने वाले फायरकर्मियों तक, अलग-अलग सेवाओं के कर्मियों को जगह मिली है। पुरस्कारों की औपचारिक घोषणा के बाद संबंधित विभागों में सम्मान पाने वाले कर्मियों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस पर 301 पुलिस-फायर कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड
भारत
नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्र सरकार ने पुलिस और फायर सर्विस के उन कर्मियों के नामों का ऐलान किया है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस बार कुल 301 कर्मियों को गैलेंट्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इनमें 272 पुलिसकर्मी और 29 फायर सर्विस के कर्मचारी हैं। खास बात यह है कि इन पुरस्कारों में नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात रहे 197 जवान शामिल हैं। इन इलाकों में ऑपरेशन के दौरान जवानों को अक्सर बेहद मुश्किल और जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों के अनुसार, सम्मान के लिए ऐसे मामलों को भी आधार बनाया गया है, जहां कर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने, अपराधियों से मुकाबला करने या सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान से बचाने में भूमिका निभाई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर साल सुरक्षा और आपात सेवाओं से जुड़े कर्मियों को उनकी उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मान दिया जाता है। इस बार की सूची में भी देश के अलग-अलग हिस्सों से पुलिस, फायर, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और जेल सेवाओं के कर्मचारी शामिल हैं।
सरकारी जानकारी के मुताबिक, गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वालों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अलावा जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और दूसरे संवेदनशील इलाकों में तैनात कर्मी भी हैं। अलग-अलग अभियानों और ड्यूटी के दौरान दिखाई गई बहादुरी को देखते हुए इनके नाम तय किए गए हैं। नक्सल इलाकों से जुड़े 197 नाम इस सूची में सबसे बड़ा हिस्सा हैं। वहां सुरक्षा बलों की ड्यूटी सामान्य पुलिसिंग से काफी अलग होती है। जंगल और दुर्गम इलाकों में अभियान, अचानक होने वाले हमले और सीमित संसाधनों के बीच काम करना जवानों के लिए बड़ी चुनौती रहता है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गैलेंट्री मेडल उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने जान बचाने, संपत्ति की सुरक्षा, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान असाधारण साहस दिखाया। कई मामलों में ऐसी कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी होती है, लेकिन उसका असर लंबे समय तक रहता है। इसी तरह फायर सर्विस के 29 कर्मियों को भी सम्मान की सूची में जगह मिली है। आग, हादसे या दूसरी आपात स्थितियों में राहत और बचाव के दौरान फायरकर्मियों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है। इस साल के पुरस्कारों में पुलिस और फायर सर्विस के अलावा दूसरी सेवाओं के कर्मियों की भूमिका को भी शामिल किया गया है।
केंद्र की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि इस स्वतंत्रता दिवस पर कुल 1,057 कर्मियों को अलग-अलग श्रेणियों के पदक दिए जाएंगे। इनमें गैलेंट्री अवॉर्ड के अलावा प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस यानी PSM और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी MSM शामिल हैं। 92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस दिया जाएगा। इस श्रेणी में 83 पुलिसकर्मी, 4 फायर सर्विस कर्मी, 3 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड कर्मी और 2 जेल सेवा से जुड़े कर्मचारी हैं। वहीं 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस के लिए चुना गया है। इनमें पुलिस विभाग के 606, फायर सर्विस के 28, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड के 18 और जेल सेवा के 12 कर्मी शामिल हैं।
मेरिटोरियस सर्विस मेडल आम तौर पर उन कर्मचारियों को दिया जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक जिम्मेदारी के साथ काम किया और अपने कर्तव्यों के प्रति लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की मानें तो इन पुरस्कारों के पीछे केवल किसी एक अभियान की सफलता नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान दिखाई गई प्रतिबद्धता और सेवा का रिकॉर्ड भी देखा जाता है। स्वतंत्रता दिवस से पहले जारी हुई इस सूची में संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों से लेकर शहरों में आपात स्थिति संभालने वाले फायरकर्मियों तक, अलग-अलग सेवाओं के कर्मियों को जगह मिली है। पुरस्कारों की औपचारिक घोषणा के बाद संबंधित विभागों में सम्मान पाने वाले कर्मियों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
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