भूपेश चैट विवाद में जेल बंद दो यूट्यूबर्स पर दूसरी FIR दर्ज

दुर्ग,(छ.ग.)

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महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग और उगाही का आरोप, वीडियो हटाने के बदले पहले 50 हजार और फिर 2 लाख रुपए मांगने की शिकायत

दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में गिरफ्तार दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बार दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत एक महिला ने की है, जिसने आरोप लगाया है कि वीडियो हटाने के बदले उससे पहले 50 हजार रुपए मांगे गए और बाद में 2 लाख रुपए की मांग करते हुए बदनाम करने की धमकी दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी पहले से ही कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता नेहा मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने गांव उमदा में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं। उनके अनुसार कुछ समय पहले सागर साहू और पुष्पराज सिंह आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके केंद्र पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान रिकॉर्ड की गई बातों को तोड़-मरोड़कर एक वीडियो तैयार किया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर के रूप में प्रसारित कर दिया गया। महिला का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी छवि प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के बीच गलत संदेश गया और उनके ग्राहक सेवा केंद्र की साख पर भी असर पड़ा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के एवज में आरोपियों ने 50 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर और सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दिए। महिला का दावा है कि पैसे मिलने के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया।

हालांकि शिकायत के मुताबिक मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद दोनों यूट्यूबर्स ने दोबारा संपर्क किया और इस बार 2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर नए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और लगातार बदनाम करने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद आरोपियों ने तीन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यावसायिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी असहजता महसूस होने लगी। कई लोगों ने उनसे सवाल पूछे, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ा। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना न हो।

पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच की। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य धाराओं की आवश्यकता होगी तो उन्हें भी जोड़ा जा सकता है। यह पहला मामला नहीं है जब दोनों यूट्यूबर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई हो। करीब नौ दिन पहले भी दोनों पर एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। वह मामला महादेव सट्टा ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर के नाम से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट के वायरल स्क्रीनशॉट से संबंधित था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित स्क्रीनशॉट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक संदेश दिखाई दिया था, जिसमें लिखा गया था कि "नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।" इसी कथित चैट के आधार पर दोनों यूट्यूबर्स ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो और खबरें प्रसारित की थीं।

वायरल कंटेंट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सार्वजनिक रूप से इस कथित चैट और उससे जुड़े कंटेंट को पूरी तरह फर्जी बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी लीगल टीम इस तरह की झूठी और भ्रामक सामग्री तैयार करने तथा प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। अब महिला की शिकायत पर दर्ज हुई दूसरी एफआईआर ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर की जा रही है। यदि जांच में ब्लैकमेलिंग, उगाही या सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के आरोप साबित होते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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27 Jun 2026 By Vaishnavi.J

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दुर्ग जिले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े कथित इंस्टाग्राम चैट विवाद में गिरफ्तार दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बार दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत एक महिला ने की है, जिसने आरोप लगाया है कि वीडियो हटाने के बदले उससे पहले 50 हजार रुपए मांगे गए और बाद में 2 लाख रुपए की मांग करते हुए बदनाम करने की धमकी दी गई। फिलहाल दोनों आरोपी पहले से ही कथित इंस्टाग्राम चैट मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता नेहा मिश्रा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अपने गांव उमदा में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं। उनके अनुसार कुछ समय पहले सागर साहू और पुष्पराज सिंह आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने उनके केंद्र पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान रिकॉर्ड की गई बातों को तोड़-मरोड़कर एक वीडियो तैयार किया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर के रूप में प्रसारित कर दिया गया। महिला का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी छवि प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों के बीच गलत संदेश गया और उनके ग्राहक सेवा केंद्र की साख पर भी असर पड़ा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 जून को वीडियो हटाने के एवज में आरोपियों ने 50 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर और सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने अपनी जमा पूंजी से 35 हजार रुपए आरोपियों को दिए। महिला का दावा है कि पैसे मिलने के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया।

हालांकि शिकायत के मुताबिक मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद दोनों यूट्यूबर्स ने दोबारा संपर्क किया और इस बार 2 लाख रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर नए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और लगातार बदनाम करने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद आरोपियों ने तीन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यावसायिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें अपने ग्राहक सेवा केंद्र जाने में भी असहजता महसूस होने लगी। कई लोगों ने उनसे सवाल पूछे, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ा। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना न हो।

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https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3f8b5a2fbd1/article-57133

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