- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर में सोशल मीडिया पोस्ट पर FIR, अमित शाह समेत कई लोगों पर टिप्पणी का मामला
रायपुर में सोशल मीडिया पोस्ट पर FIR, अमित शाह समेत कई लोगों पर टिप्पणी का मामला
रायपुर (छ.ग.)
‘मोटू-पतलू’ नाम से चल रहे इंस्टाग्राम अकाउंट जांच के घेरे में, पुलिस डिजिटल सबूत जुटाकर संचालक तक पहुंचने की कोशिश में
रायपुर में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कुछ इंस्टाग्राम अकाउंट से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और अन्य लोगों को लेकर अभद्र भाषा वाली पोस्ट और वीडियो साझा किए गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से इन अकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब पोस्ट की सामग्री, उसे अपलोड करने वाले अकाउंट और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है। मामला सामने आने के बाद यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित पोस्ट कब डाली गईं, किसने उन्हें आगे शेयर किया और अकाउंट के पीछे कौन व्यक्ति है।
शिकायत रायपुर के श्याम नगर, तेलीबांधा निवासी अमन यादव ने सिविल लाइन थाने में दी है। उनका आरोप है कि इंस्टाग्राम पर cg_motu_patlu_18 और cg_motu_patlu_1257 नाम से चल रहे अकाउंट से लगातार विवादित पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि इन पोस्ट में छत्तीसगढ़ के लोगों, प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। कुछ पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े वीडियो भी डाले जाने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पोस्ट का तरीका ऐसा था जिससे संबंधित लोगों की सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी भी फैल सकती है।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल इन अकाउंट को संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान का है। सोशल मीडिया पर अकाउंट किस मोबाइल नंबर, ईमेल या डिवाइस से बनाया गया, लॉगिन किन जगहों से हुए और विवादित पोस्ट किस समय अपलोड की गईं, इन तमाम पहलुओं की जांच की जा सकती है। पुलिस पोस्ट और वीडियो को भी सुरक्षित कर रही है, ताकि बाद में उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो। शिकायत में जिन पोस्ट और वीडियो का उल्लेख किया गया है, उनकी मूल सामग्री और उनके प्रसार की स्थिति को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा है कि किसी व्यक्ति की आलोचना करना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन जानबूझकर गलत, भ्रामक या अश्लील सामग्री के जरिए किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश अलग विषय है। इसी आधार पर उन्होंने दोनों इंस्टाग्राम अकाउंट की गतिविधियों की जांच कराने की मांग की है। पुलिस अब यह देख रही है कि पोस्ट में लगाए गए आरोपों के पीछे कोई तथ्य था या सामग्री केवल विवाद पैदा करने के लिए शेयर की गई थी। किसी पोस्ट का संदर्भ क्या था, वीडियो कब का है और उसे किस तरह पेश किया गया, यह भी जांच में महत्वपूर्ण रहेगा।
मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तकनीकी जानकारी हासिल करना भी पुलिस की जांच का हिस्सा बन सकता है। अकाउंट होल्डर की पहचान केवल प्रोफाइल नाम से तय नहीं की जा सकती। इसके लिए लॉगिन डिटेल, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, IP से जुड़ी जानकारी और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड की जरूरत पड़ सकती है। जांच एजेंसी उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत यह जानकारी जुटा सकती है। फिलहाल पुलिस ने सार्वजनिक रूप से अकाउंट संचालक की पहचान नहीं बताई है और न ही यह स्पष्ट किया है कि पोस्ट किस व्यक्ति ने बनाई थी।
सिविल लाइन थाना प्रभारी यामन देवांगन के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद मामले को जांच में लिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों और संबंधित पोस्ट-वीडियो की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामग्री की प्रकृति, अकाउंट संचालक और पोस्ट के प्रसार से जुड़े तथ्यों को देखा जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अभी पुलिस की प्राथमिकता संबंधित अकाउंट को संचालित करने वाले व्यक्ति तक पहुंचना और पोस्ट से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाना है।
मामले में जिन लोगों को लेकर पोस्ट किए जाने की शिकायत है, उनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम भी शामिल है। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने छत्तीसगढ़ के कुछ अधिकारियों और अन्य सार्वजनिक व्यक्तियों के खिलाफ भी कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने की बात कही है। हालांकि, किसी पोस्ट में कही गई बात को सही मानने से पहले पुलिस उसकी सत्यता और संदर्भ की जांच करेगी। सोशल मीडिया पर किसी सामग्री का वायरल होना अपने आप में उसकी सत्यता साबित नहीं करता। इसी वजह से पुलिस मूल पोस्ट और उसके स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि दोनों इंस्टाग्राम अकाउंट एक ही व्यक्ति चला रहा था या अलग-अलग लोग इनके पीछे हैं। अगर दोनों प्रोफाइल के बीच तकनीकी या कंटेंट संबंध सामने आता है तो पुलिस उस दिशा में भी आगे बढ़ सकती है। पोस्ट शेयर करने वालों और उसे आगे फैलाने वाले अकाउंट की भूमिका भी परिस्थितियों के अनुसार जांच में शामिल हो सकती है। सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है और सोशल मीडिया से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

