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इंस्टाग्राम का विज्ञापन बना साइबर ठगी का रास्ता, मोबाइल हैंग होते ही खाते से निकल गए ₹98 हजार
ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर में एड पर टैप करने के बाद फोन हुआ लॉक, साइबर ठगों ने तीन UPI ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकाली
सोशल मीडिया पर दिखने वाले अनजान विज्ञापनों पर एक क्लिक किस तरह आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है, इसका मामला ग्वालियर में सामने आया है। पुरानी छावनी इलाके में इंस्टाग्राम चलाते समय एक विज्ञापन पर टैप करने के बाद एक व्यक्ति का मोबाइल अचानक काम करना बंद हो गया। फोन दोबारा चालू होने के कुछ समय बाद बैंक खाते से बड़ी रकम गायब होने का पता चला। जांच में सामने आया कि खाते से UPI के जरिए तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए गए थे और कुल ₹98 हजार निकाल लिए गए।
मामला रूद्रपुरा इलाके का बताया जा रहा है। जयप्रताप सिंह के मुताबिक, 11 अगस्त की रात उनकी पत्नी उनके मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थीं। इसी दौरान स्क्रीन पर एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन खोलने के तुरंत बाद फोन हैंग हो गया। स्क्रीन और मोबाइल के दूसरे फीचर्स काम नहीं कर रहे थे। यहां तक कि फोन को सामान्य तरीके से बंद करना भी संभव नहीं था। इसके बाद मोबाइल को पास की एक दुकान पर ले जाया गया, जहां दुकानदार ने किसी तरह डिवाइस को बंद करके दोबारा शुरू किया।
फोन के दोबारा चालू होने के बाद उसी रात करीब 12 बजे बैंक से किस्त कटने से जुड़ा मैसेज आया। जब खाते की स्थिति देखी गई तो उसमें करीब ₹2,970 का माइनस बैलेंस दिखाई दे रहा था। इससे परिवार को शक हुआ कि खाते से कोई अनधिकृत लेनदेन हुआ है। पीड़ित के अनुसार, खाते में करीब एक लाख रुपए मौजूद थे और पत्नी ने किसी तरह का भुगतान या ट्रांसफर करने से इनकार किया। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी और लेनदेन की जांच की गई।
बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि रकम एक साथ नहीं, बल्कि तीन UPI ट्रांजैक्शन के जरिए निकाली गई थी। पहले ट्रांजैक्शन में ₹70 हजार, दूसरे में ₹20 हजार और तीसरे में ₹8 हजार खाते से बाहर गए। तीनों भुगतान को जोड़ने पर कुल रकम ₹98 हजार होती है। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया। इसके बाद बैंक में भी अनधिकृत लेनदेन की शिकायत दर्ज कराई गई।
पीड़ित ने 16 अगस्त को पुरानी छावनी थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंस्टाग्राम पर दिखाई दिए विज्ञापन और खाते से हुए UPI लेनदेन के बीच क्या संबंध था। साथ ही मोबाइल में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या डिजिटल एक्सेस हासिल किए जाने की भी जांच की जा रही है।
इस घटना में मोबाइल के अचानक हैंग होने और उसके बाद बैंक खाते से रकम निकलने की टाइमिंग जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और UPI से जुड़े विवरण के आधार पर आगे की जानकारी जुटा रही है। साइबर सेल यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस खाते या UPI आईडी में ट्रांसफर हुई और लेनदेन के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
इंस्टाग्राम का विज्ञापन बना साइबर ठगी का रास्ता, मोबाइल हैंग होते ही खाते से निकल गए ₹98 हजार
ग्वालियर (म.प्र.)
सोशल मीडिया पर दिखने वाले अनजान विज्ञापनों पर एक क्लिक किस तरह आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है, इसका मामला ग्वालियर में सामने आया है। पुरानी छावनी इलाके में इंस्टाग्राम चलाते समय एक विज्ञापन पर टैप करने के बाद एक व्यक्ति का मोबाइल अचानक काम करना बंद हो गया। फोन दोबारा चालू होने के कुछ समय बाद बैंक खाते से बड़ी रकम गायब होने का पता चला। जांच में सामने आया कि खाते से UPI के जरिए तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए गए थे और कुल ₹98 हजार निकाल लिए गए।
मामला रूद्रपुरा इलाके का बताया जा रहा है। जयप्रताप सिंह के मुताबिक, 11 अगस्त की रात उनकी पत्नी उनके मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थीं। इसी दौरान स्क्रीन पर एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन खोलने के तुरंत बाद फोन हैंग हो गया। स्क्रीन और मोबाइल के दूसरे फीचर्स काम नहीं कर रहे थे। यहां तक कि फोन को सामान्य तरीके से बंद करना भी संभव नहीं था। इसके बाद मोबाइल को पास की एक दुकान पर ले जाया गया, जहां दुकानदार ने किसी तरह डिवाइस को बंद करके दोबारा शुरू किया।
फोन के दोबारा चालू होने के बाद उसी रात करीब 12 बजे बैंक से किस्त कटने से जुड़ा मैसेज आया। जब खाते की स्थिति देखी गई तो उसमें करीब ₹2,970 का माइनस बैलेंस दिखाई दे रहा था। इससे परिवार को शक हुआ कि खाते से कोई अनधिकृत लेनदेन हुआ है। पीड़ित के अनुसार, खाते में करीब एक लाख रुपए मौजूद थे और पत्नी ने किसी तरह का भुगतान या ट्रांसफर करने से इनकार किया। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी और लेनदेन की जांच की गई।
बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि रकम एक साथ नहीं, बल्कि तीन UPI ट्रांजैक्शन के जरिए निकाली गई थी। पहले ट्रांजैक्शन में ₹70 हजार, दूसरे में ₹20 हजार और तीसरे में ₹8 हजार खाते से बाहर गए। तीनों भुगतान को जोड़ने पर कुल रकम ₹98 हजार होती है। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया। इसके बाद बैंक में भी अनधिकृत लेनदेन की शिकायत दर्ज कराई गई।
पीड़ित ने 16 अगस्त को पुरानी छावनी थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इंस्टाग्राम पर दिखाई दिए विज्ञापन और खाते से हुए UPI लेनदेन के बीच क्या संबंध था। साथ ही मोबाइल में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या डिजिटल एक्सेस हासिल किए जाने की भी जांच की जा रही है।
इस घटना में मोबाइल के अचानक हैंग होने और उसके बाद बैंक खाते से रकम निकलने की टाइमिंग जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और UPI से जुड़े विवरण के आधार पर आगे की जानकारी जुटा रही है। साइबर सेल यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस खाते या UPI आईडी में ट्रांसफर हुई और लेनदेन के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
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