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छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री का बहनोई बताकर 23 लाख ठगे, मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया, आरोपी दंपति फरार
रायगढ़ (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ ठगी में मंत्री का बहनोई बनकर आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर 23 लाख ऐंठे, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
रायगढ़ में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताकर लोगों को झांसे में लिया और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। इस घटना ने सरकारी नौकरी के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े की एक और परत खोल दी है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल
रायगढ़ के रहने वाले 51 वर्षीय समारू राम टंडन, जो पेशे से ड्राइवर हैं, अप्रैल 2025 में रायपुर गए थे। वहां जयस्तंभ चौक के पास उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग दंपति से हुई। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को कृषि मंत्री का बहनोई बताया और मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और संपर्क बनाए रखा।
नौकरी के लालच में परिवार और परिचित भी जुड़े
समारू ने अपने बेटे का बायोडाटा आरोपी को भेज दिया। कुछ समय बाद आरोपी ने नौकरी दिलाने के लिए पैसों की मांग की। इस भरोसे में आकर समारू ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर लिया। सभी ने अपने-अपने बच्चों के लिए आवेदन कर दिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम आरोपी को दी जाने लगी।
कैश और ऑनलाइन दोनों माध्यम से दी गई रकम
पहले चरण में कुछ पैसे नकद दिए गए, जबकि बाकी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। कुल मिलाकर लगभग 23 लाख रुपए आरोपी के पास पहुंच गए। आरोपी बीच-बीच में विश्वास बनाए रखने के लिए संपर्क में रहा और नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने का दावा करता रहा।
फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर बढ़ाया भरोसा
दिसंबर 2025 में आरोपी ने सभी को अपने गांव बुलाया, जहां उसने कथित नियुक्ति पत्र दिखाए। इससे पीड़ितों का भरोसा और बढ़ गया। उसने जॉइनिंग से पहले पूरी रकम जमा करने का दबाव बनाया और शेष पैसे भी ले लिए।
जॉइनिंग टलती रही, बढ़ता गया शक
जब तय तारीख पर नौकरी नहीं लगी तो आरोपी ने विधानसभा सत्र का बहाना बनाकर जॉइनिंग टाल दी। इसके बाद लगातार बहाने बनाए जाते रहे। जब पीड़ितों ने दबाव बनाया तो आरोपी ने उनसे बात करना कम कर दिया।
सच्चाई सामने आने पर हुआ विवाद
आखिरकार पीड़ित आरोपी के गांव पहुंचे और पैसे वापस मांगे। इस दौरान आरोपी और उसके साथियों ने अभद्र व्यवहार किया और साफ कह दिया कि पैसा वापस नहीं मिलेगा। यहीं से पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस में मामला दर्ज, तलाश जारी
घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी दंपति और उनके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू हो चुकी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
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छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री का बहनोई बताकर 23 लाख ठगे, मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया, आरोपी दंपति फरार
रायगढ़ (छ.ग.)
रायगढ़ में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को मंत्री का रिश्तेदार बताकर लोगों को झांसे में लिया और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। इस घटना ने सरकारी नौकरी के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े की एक और परत खोल दी है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल
रायगढ़ के रहने वाले 51 वर्षीय समारू राम टंडन, जो पेशे से ड्राइवर हैं, अप्रैल 2025 में रायपुर गए थे। वहां जयस्तंभ चौक के पास उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग दंपति से हुई। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने खुद को कृषि मंत्री का बहनोई बताया और मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और संपर्क बनाए रखा।
नौकरी के लालच में परिवार और परिचित भी जुड़े
समारू ने अपने बेटे का बायोडाटा आरोपी को भेज दिया। कुछ समय बाद आरोपी ने नौकरी दिलाने के लिए पैसों की मांग की। इस भरोसे में आकर समारू ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर लिया। सभी ने अपने-अपने बच्चों के लिए आवेदन कर दिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम आरोपी को दी जाने लगी।
कैश और ऑनलाइन दोनों माध्यम से दी गई रकम
पहले चरण में कुछ पैसे नकद दिए गए, जबकि बाकी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। कुल मिलाकर लगभग 23 लाख रुपए आरोपी के पास पहुंच गए। आरोपी बीच-बीच में विश्वास बनाए रखने के लिए संपर्क में रहा और नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने का दावा करता रहा।
फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर बढ़ाया भरोसा
दिसंबर 2025 में आरोपी ने सभी को अपने गांव बुलाया, जहां उसने कथित नियुक्ति पत्र दिखाए। इससे पीड़ितों का भरोसा और बढ़ गया। उसने जॉइनिंग से पहले पूरी रकम जमा करने का दबाव बनाया और शेष पैसे भी ले लिए।
जॉइनिंग टलती रही, बढ़ता गया शक
जब तय तारीख पर नौकरी नहीं लगी तो आरोपी ने विधानसभा सत्र का बहाना बनाकर जॉइनिंग टाल दी। इसके बाद लगातार बहाने बनाए जाते रहे। जब पीड़ितों ने दबाव बनाया तो आरोपी ने उनसे बात करना कम कर दिया।
सच्चाई सामने आने पर हुआ विवाद
आखिरकार पीड़ित आरोपी के गांव पहुंचे और पैसे वापस मांगे। इस दौरान आरोपी और उसके साथियों ने अभद्र व्यवहार किया और साफ कह दिया कि पैसा वापस नहीं मिलेगा। यहीं से पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस में मामला दर्ज, तलाश जारी
घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी दंपति और उनके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू हो चुकी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
