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इंदौर निगम का ई-बजट 2026, 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा, काली पट्टी बांध पहुंचे पार्षद, विपक्ष ने बनाई घेराबंदी की रणनीति
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर नगर निगम बजट 2026 में 8450 करोड़ का प्रावधान, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस, विपक्ष ने विरोध के साथ घेरने की तैयारी की।
इंदौर नगर निगम का बहुप्रतीक्षित ई-बजट आज पेश होने जा रहा है, जिसमें शहर के विकास की दिशा तय करने वाले अहम प्रावधान शामिल रहेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा लगभग 8450 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इस बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ही पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं।
विपक्ष का विरोध और तैयारी
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने पहले ही अपने तेवर दिखा दिए हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष काली पट्टी बांधकर पहुंचे, जो विरोध का प्रतीक था। वहीं कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी अपने टी-शर्ट पर स्लोगन लिखकर पहुंचे, जिसमें नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए गए। विपक्ष का साफ संकेत है कि वह विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने के लिए पूरी तैयारी के साथ आया है।
बजट के बाद होगी विस्तृत चर्चा
मंगलवार को बजट पेश किए जाने के बाद बुधवार को इस पर विस्तृत चर्चा और बहस प्रस्तावित है। इस दौरान विपक्ष द्वारा कई मुद्दों को उठाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा मुख्य जोर
सूत्रों के अनुसार इस बार के बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मास्टर प्लान की सड़कों को तय समय में पूरा करने, नई सड़कों के निर्माण और शहर के विस्तार क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना शामिल है। कुशवाह नगर क्षेत्र में नई सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है।
पानी की योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
शहर में जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए इस बार बड़े स्तर पर प्रावधान किए गए हैं। सभी वार्डों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही 1500 करोड़ रुपए से अधिक की जल परियोजनाओं को तेजी देने की तैयारी है।
अमृत-2 योजना के तहत बड़े काम
अमृत-2 योजना के अंतर्गत नई पानी की टंकियों का निर्माण, नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी पाइपलाइन को बदलने जैसे कार्यों पर जोर दिया जाएगा। नर्मदा के चतुर्थ चरण के तहत जलूद से इंदौर तक पानी आपूर्ति को और सुदृढ़ करने के प्रयास किए जाएंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर यह बजट शहर के बुनियादी विकास और जल प्रबंधन पर केंद्रित नजर आ रहा है। हालांकि, विपक्ष के विरोध और सवालों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट पर होने वाली चर्चा किस दिशा में जाती है और किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है।
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इंदौर निगम का ई-बजट 2026, 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा, काली पट्टी बांध पहुंचे पार्षद, विपक्ष ने बनाई घेराबंदी की रणनीति
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर नगर निगम का बहुप्रतीक्षित ई-बजट आज पेश होने जा रहा है, जिसमें शहर के विकास की दिशा तय करने वाले अहम प्रावधान शामिल रहेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा लगभग 8450 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इस बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ही पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं।
विपक्ष का विरोध और तैयारी
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने पहले ही अपने तेवर दिखा दिए हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष काली पट्टी बांधकर पहुंचे, जो विरोध का प्रतीक था। वहीं कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी अपने टी-शर्ट पर स्लोगन लिखकर पहुंचे, जिसमें नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए गए। विपक्ष का साफ संकेत है कि वह विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने के लिए पूरी तैयारी के साथ आया है।
बजट के बाद होगी विस्तृत चर्चा
मंगलवार को बजट पेश किए जाने के बाद बुधवार को इस पर विस्तृत चर्चा और बहस प्रस्तावित है। इस दौरान विपक्ष द्वारा कई मुद्दों को उठाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा मुख्य जोर
सूत्रों के अनुसार इस बार के बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मास्टर प्लान की सड़कों को तय समय में पूरा करने, नई सड़कों के निर्माण और शहर के विस्तार क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना शामिल है। कुशवाह नगर क्षेत्र में नई सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है।
पानी की योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
शहर में जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए इस बार बड़े स्तर पर प्रावधान किए गए हैं। सभी वार्डों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही 1500 करोड़ रुपए से अधिक की जल परियोजनाओं को तेजी देने की तैयारी है।
अमृत-2 योजना के तहत बड़े काम
अमृत-2 योजना के अंतर्गत नई पानी की टंकियों का निर्माण, नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी पाइपलाइन को बदलने जैसे कार्यों पर जोर दिया जाएगा। नर्मदा के चतुर्थ चरण के तहत जलूद से इंदौर तक पानी आपूर्ति को और सुदृढ़ करने के प्रयास किए जाएंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर यह बजट शहर के बुनियादी विकास और जल प्रबंधन पर केंद्रित नजर आ रहा है। हालांकि, विपक्ष के विरोध और सवालों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट पर होने वाली चर्चा किस दिशा में जाती है और किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है।
