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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, मीसाबंदियों को हर माह 25 हजार रुपये सम्मान राशि
छत्तीसगढ़
लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन, चिकित्सा सुविधाओं का भी मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्र लोगों को मिलने वाली सम्मान राशि और सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत अब पात्र मीसाबंदियों को हर महीने 25 हजार रुपये तक की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के इस निर्णय को लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार संशोधित अधिनियम का उद्देश्य उन लोगों को सम्मान और आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। आपातकाल के समय अनेक लोगों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया गया था और कई लोगों ने जेलों में लंबा समय बिताया था। ऐसे लोगों को लोकतंत्र सेनानी के रूप में सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार पहले से योजना चला रही थी, लेकिन अब इसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार योजना के दायरे से बाहर रह गए पात्र लोकतंत्र सेनानियों को भी लाभ लेने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र व्यक्तियों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन देना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित व्यक्ति आपातकाल के दौरान निरुद्ध या कारावास में रहा था। सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान भी किया है। यह समिति प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और पात्रता का निर्धारण करेगी। समिति की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी समिति का हिस्सा होंगे। जांच और सत्यापन के बाद पात्र लोगों को सम्मान राशि और अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।
संशोधित अधिनियम के तहत विभिन्न श्रेणियों के मीसाबंदियों के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। जिन लोगों को आपातकाल के दौरान एक महीने तक जेल या थाने में निरुद्ध रखा गया था, उन्हें प्रति माह 8 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। वहीं एक माह से अधिक और पांच माह तक जेल या थाने में निरुद्ध रहने वाले लोगों को हर महीने 15 हजार रुपये की राशि मिलेगी। लंबे समय तक कारावास झेलने वाले पात्र मीसाबंदियों को अधिक राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार के फैसले के अनुसार कुछ श्रेणियों में यह सम्मान राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह तक दी जाएगी। सरकार ने केवल आर्थिक सहायता तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा है। संशोधन के बाद पात्र लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इससे उन्हें सरकारी अस्पतालों और निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। माना जा रहा है कि इस कदम से बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी बढ़ जाती हैं।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई वर्षों से लोकतंत्र सेनानी संगठनों की ओर से सम्मान राशि बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को उचित सम्मान और सहायता मिलनी चाहिए। अब सरकार के इस फैसले के बाद इन मांगों को काफी हद तक पूरा माना जा रहा है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने का प्रयास भी है। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है और उस दौर में संघर्ष करने वाले लोगों की भूमिका को विभिन्न स्तरों पर याद किया जाता रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का यह कदम उन लोगों के योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
अधिसूचना जारी होने के बाद पात्र लोगों के बीच आवेदन प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद पात्र लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। सरकार का मानना है कि इससे उन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दोनों मिलेंगे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, मीसाबंदियों को हर माह 25 हजार रुपये सम्मान राशि
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्र लोगों को मिलने वाली सम्मान राशि और सुविधाओं का दायरा बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत अब पात्र मीसाबंदियों को हर महीने 25 हजार रुपये तक की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के इस निर्णय को लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार संशोधित अधिनियम का उद्देश्य उन लोगों को सम्मान और आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। आपातकाल के समय अनेक लोगों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया गया था और कई लोगों ने जेलों में लंबा समय बिताया था। ऐसे लोगों को लोकतंत्र सेनानी के रूप में सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार पहले से योजना चला रही थी, लेकिन अब इसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार योजना के दायरे से बाहर रह गए पात्र लोकतंत्र सेनानियों को भी लाभ लेने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र व्यक्तियों को अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन देना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित व्यक्ति आपातकाल के दौरान निरुद्ध या कारावास में रहा था। सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान भी किया है। यह समिति प्राप्त आवेदनों की जांच करेगी और पात्रता का निर्धारण करेगी। समिति की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। इसके अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी समिति का हिस्सा होंगे। जांच और सत्यापन के बाद पात्र लोगों को सम्मान राशि और अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा।
संशोधित अधिनियम के तहत विभिन्न श्रेणियों के मीसाबंदियों के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। जिन लोगों को आपातकाल के दौरान एक महीने तक जेल या थाने में निरुद्ध रखा गया था, उन्हें प्रति माह 8 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। वहीं एक माह से अधिक और पांच माह तक जेल या थाने में निरुद्ध रहने वाले लोगों को हर महीने 15 हजार रुपये की राशि मिलेगी। लंबे समय तक कारावास झेलने वाले पात्र मीसाबंदियों को अधिक राशि दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार के फैसले के अनुसार कुछ श्रेणियों में यह सम्मान राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह तक दी जाएगी। सरकार ने केवल आर्थिक सहायता तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा है। संशोधन के बाद पात्र लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इससे उन्हें सरकारी अस्पतालों और निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। माना जा रहा है कि इस कदम से बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी बढ़ जाती हैं।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई वर्षों से लोकतंत्र सेनानी संगठनों की ओर से सम्मान राशि बढ़ाने और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को उचित सम्मान और सहायता मिलनी चाहिए। अब सरकार के इस फैसले के बाद इन मांगों को काफी हद तक पूरा माना जा रहा है। यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने का प्रयास भी है। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है और उस दौर में संघर्ष करने वाले लोगों की भूमिका को विभिन्न स्तरों पर याद किया जाता रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का यह कदम उन लोगों के योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
अधिसूचना जारी होने के बाद पात्र लोगों के बीच आवेदन प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद पात्र लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। सरकार का मानना है कि इससे उन लोगों को सम्मान और सुरक्षा दोनों मिलेंगे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
