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गैस पाइपलाइन की खुदाई से टूटी जल लाइन, एकता कॉलोनी में 10 दिन से पानी संकट
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर की एकता कॉलोनी के रहवासी परेशान, नेता प्रतिपक्ष ने निगम अधिकारियों को जल्द मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के दिए निर्देश
रायपुर के जोन-8 अंतर्गत पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-2 स्थित एकता कॉलोनी में पिछले 10 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में नियमित जलापूर्ति ठप पड़ गई है। लगातार बढ़ रही परेशानी के चलते रहवासियों ने निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की।
एकता कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पानी की कमी ने उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर दिया है। पीने के पानी से लेकर खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वहीं कुछ लोग अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां से पानी लाने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की कमी ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रहवासियों के अनुसार समस्या अचानक शुरू नहीं हुई, बल्कि गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत चल रही खुदाई के दौरान जल लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद हालात बिगड़ने लगे। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि एक-दो दिन में समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन यदि इनकी वजह से मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होती हैं तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार कार्य भी करना चाहिए।
शिकायत मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया और जोन-8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल से चर्चा की। निगम अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही एससीजी कंपनी की खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पाइपलाइन में लीकेज होने और मिट्टी भर जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो रही है। अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि कई इलाकों में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनके समाधान के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है।
आकाश तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता स्वच्छ पेयजल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास परियोजना के कारण नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निगम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाए ताकि आम नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल संकट का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है। कई दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को सुबह पानी की व्यवस्था में ही काफी समय लग जाता है, जिससे वे समय पर काम पर नहीं पहुंच पाते। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पानी भरने और संग्रह करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उनकी आय पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों के साथ पानी की व्यवस्था करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
एकता कॉलोनी के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में फिर से ऐसी स्थिति न बने। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि जहां-जहां गैस पाइपलाइन का काम चल रहा है, वहां जल लाइन और अन्य आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में लता यादव, राधा साहू, कमलावती, रिंकी शर्मा, प्रेमीन बाई, सुमन देवी, उषा सिंह, राजेश्वरी सिंह, रविंद्र कुमार साहू, योगेश्वर लहरे, आरती बाई, महेंद्र मिश्रा, जानकी साहू और सुनीता पंडित सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। निगम प्रशासन ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। अब क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और उन्हें नियमित पानी की सुविधा कब तक मिल पाती है। भीषण गर्मी के इस दौर में हर दिन लोगों के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है, ऐसे में जलापूर्ति की बहाली उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
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गैस पाइपलाइन की खुदाई से टूटी जल लाइन, एकता कॉलोनी में 10 दिन से पानी संकट
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर के जोन-8 अंतर्गत पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-2 स्थित एकता कॉलोनी में पिछले 10 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में नियमित जलापूर्ति ठप पड़ गई है। लगातार बढ़ रही परेशानी के चलते रहवासियों ने निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की।
एकता कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पानी की कमी ने उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर दिया है। पीने के पानी से लेकर खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उन्हें निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वहीं कुछ लोग अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां से पानी लाने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की कमी ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रहवासियों के अनुसार समस्या अचानक शुरू नहीं हुई, बल्कि गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत चल रही खुदाई के दौरान जल लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद हालात बिगड़ने लगे। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि एक-दो दिन में समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन यदि इनकी वजह से मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होती हैं तो संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार कार्य भी करना चाहिए।
शिकायत मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया और जोन-8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल से चर्चा की। निगम अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही एससीजी कंपनी की खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है। पाइपलाइन में लीकेज होने और मिट्टी भर जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो रही है। अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि कई इलाकों में ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनके समाधान के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है।
आकाश तिवारी ने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता स्वच्छ पेयजल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास परियोजना के कारण नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने निगम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाए ताकि आम नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल संकट का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है। कई दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को सुबह पानी की व्यवस्था में ही काफी समय लग जाता है, जिससे वे समय पर काम पर नहीं पहुंच पाते। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पानी भरने और संग्रह करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उनकी आय पर भी असर पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों के साथ पानी की व्यवस्था करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
एकता कॉलोनी के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में फिर से ऐसी स्थिति न बने। कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि जहां-जहां गैस पाइपलाइन का काम चल रहा है, वहां जल लाइन और अन्य आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में लता यादव, राधा साहू, कमलावती, रिंकी शर्मा, प्रेमीन बाई, सुमन देवी, उषा सिंह, राजेश्वरी सिंह, रविंद्र कुमार साहू, योगेश्वर लहरे, आरती बाई, महेंद्र मिश्रा, जानकी साहू और सुनीता पंडित सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। निगम प्रशासन ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। अब क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और उन्हें नियमित पानी की सुविधा कब तक मिल पाती है। भीषण गर्मी के इस दौर में हर दिन लोगों के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा है, ऐसे में जलापूर्ति की बहाली उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
