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ग्वालियर में हैवानियत की हदें पार: 15 साल की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या
ग्वालियर,(म.प्र.)
प्यार के झांसे में फंसाकर भिंड से ग्वालियर लाया था प्रेमी, 50 हजार रुपये में सौदा करने का विरोध करने पर घोंटा गला; तीनों आरोपी गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 15 साल की नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसके ही प्रेमी और उसके दो दोस्तों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, जब नाबालिग ने अपनी अस्मत का सौदा होते देखा और विरोध किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद कानून की गिरफ्त से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने मृतका के शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसे पहाड़ी पर ही जला दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत तीनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी खौफनाक वारदात भिंड और ग्वालियर जिले के बीच अंजाम दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मौ की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा का पिछले एक साल से रामू गुर्जर नाम के युवक से संपर्क था। दोनों की मुलाकात झांकरी स्कूल के पास हुई थी और छात्रा रामू पर अंधविश्वास करती थी। इसी प्यार के भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी रामू गुर्जर 28 मई को नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके घर से भगा ले गया। वह उसे बाइक पर बैठाकर करीब 61 किलोमीटर दूर ग्वालियर लेकर आया। ग्वालियर पहुंचने के बाद रामू ने अपने दो दोस्तों, अरुण कुशवाहा और गौरव कुशवाहा से संपर्क किया, जो जनकगंज थाना क्षेत्र में गुप्तेश्वर पहाड़ी के नीचे रहते थे।
योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी छात्रा को लेकर सुनसान और करीब 500 फीट ऊंची गुप्तेश्वर पहाड़ी पर चले गए। पहाड़ी पर पहुंचकर सबसे पहले तीनों आरोपियों ने जमकर शराब पी। इसके बाद मुख्य आरोपी रामू ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसी दौरान रामू की हैवानियत इस कदर बढ़ गई कि वह अपनी ही प्रेमिका को अपने दोस्त अरुण कुशवाहा को महज 50 हजार रुपये में बेचने का सौदा करने लगा। एक मासूम लड़की जिसे उम्मीद थी कि वह अपने प्यार के साथ सुरक्षित है, उसने जब खुद का सौदा होते सुना तो वह दंग रह गई। नाबालिग ने इस घिनौने सौदे का पूरी ताकत से विरोध किया और चीखने-चिल्लाने लगी।
विरोध से बौखलाए आरोपियों ने पहले तो छात्रा के साथ मारपीट की, और फिर रामू के एक और साथी ने उसके साथ दरिंदगी की। पीड़िता लगातार रो रही थी और मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन सुनसान पहाड़ी पर उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। बदनामी और पकड़े जाने के डर से रात करीब 11:30 बजे आरोपियों ने छात्रा के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद तीनों आरोपी रात के अंधेरे में वहां से भाग निकले। अगले दिन सुबह, पुलिस को गुमराह करने और अपराध का कोई सबूत न छोड़ने की नीयत से तीनों आरोपी दोबारा पहाड़ी पर पहुंचे और शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका के परिजनों ने भिंड के मौ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो रामू गुर्जर का नाम सामने आया। पुलिस ने संदेह के आधार पर रामू को हिरासत में लिया और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी खौफनाक दास्तान पुलिस के सामने उगल दी। रामू के कबूलनामे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके दोनों साथियों अरुण और गौरव कुशवाहा को भी दबोच लिया।
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ग्वालियर में हैवानियत की हदें पार: 15 साल की छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या
ग्वालियर,(म.प्र.)
मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 15 साल की नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसके ही प्रेमी और उसके दो दोस्तों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, जब नाबालिग ने अपनी अस्मत का सौदा होते देखा और विरोध किया, तो आरोपियों ने बेरहमी से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद कानून की गिरफ्त से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने मृतका के शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसे पहाड़ी पर ही जला दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत तीनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी खौफनाक वारदात भिंड और ग्वालियर जिले के बीच अंजाम दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिंड जिले के मौ की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा का पिछले एक साल से रामू गुर्जर नाम के युवक से संपर्क था। दोनों की मुलाकात झांकरी स्कूल के पास हुई थी और छात्रा रामू पर अंधविश्वास करती थी। इसी प्यार के भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी रामू गुर्जर 28 मई को नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके घर से भगा ले गया। वह उसे बाइक पर बैठाकर करीब 61 किलोमीटर दूर ग्वालियर लेकर आया। ग्वालियर पहुंचने के बाद रामू ने अपने दो दोस्तों, अरुण कुशवाहा और गौरव कुशवाहा से संपर्क किया, जो जनकगंज थाना क्षेत्र में गुप्तेश्वर पहाड़ी के नीचे रहते थे।
योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी छात्रा को लेकर सुनसान और करीब 500 फीट ऊंची गुप्तेश्वर पहाड़ी पर चले गए। पहाड़ी पर पहुंचकर सबसे पहले तीनों आरोपियों ने जमकर शराब पी। इसके बाद मुख्य आरोपी रामू ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसी दौरान रामू की हैवानियत इस कदर बढ़ गई कि वह अपनी ही प्रेमिका को अपने दोस्त अरुण कुशवाहा को महज 50 हजार रुपये में बेचने का सौदा करने लगा। एक मासूम लड़की जिसे उम्मीद थी कि वह अपने प्यार के साथ सुरक्षित है, उसने जब खुद का सौदा होते सुना तो वह दंग रह गई। नाबालिग ने इस घिनौने सौदे का पूरी ताकत से विरोध किया और चीखने-चिल्लाने लगी।
विरोध से बौखलाए आरोपियों ने पहले तो छात्रा के साथ मारपीट की, और फिर रामू के एक और साथी ने उसके साथ दरिंदगी की। पीड़िता लगातार रो रही थी और मदद की गुहार लगा रही थी, लेकिन सुनसान पहाड़ी पर उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। बदनामी और पकड़े जाने के डर से रात करीब 11:30 बजे आरोपियों ने छात्रा के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद तीनों आरोपी रात के अंधेरे में वहां से भाग निकले। अगले दिन सुबह, पुलिस को गुमराह करने और अपराध का कोई सबूत न छोड़ने की नीयत से तीनों आरोपी दोबारा पहाड़ी पर पहुंचे और शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका के परिजनों ने भिंड के मौ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो रामू गुर्जर का नाम सामने आया। पुलिस ने संदेह के आधार पर रामू को हिरासत में लिया और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी खौफनाक दास्तान पुलिस के सामने उगल दी। रामू के कबूलनामे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके दोनों साथियों अरुण और गौरव कुशवाहा को भी दबोच लिया।
