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केशकाल अस्पताल में डॉक्टर पर नशे में ड्यूटी का आरोप, वीडियो वायरल
कोंडागांव, CG
कोंडागांव जिले के केशकाल अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब अस्पताल पहुंचे मरीज और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर शराब के नशे में थे और इलाज करने से इनकार कर रहे थे। मामला तब और बढ़ गया जब विरोध करने पर डॉक्टर और मरीज पक्ष के बीच विवाद शुरू हो गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है और पुलिस ने भी शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि केशकाल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र भोयर ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर शराब के नशे में मौजूद थे। आरोप है कि वे मरीजों को देखने से मना कर रहे थे और अस्पताल पहुंचे लोगों के साथ सामान्य व्यवहार भी नहीं कर रहे थे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। सुबह अस्पताल पहुंचे कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे और बाद में मामला चर्चा का विषय बन गया।
मरीज के बेटे वसीम मेमन के मुताबिक वह सुबह अपने बीमार पिता को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टर से मरीज को देखने का अनुरोध किया लेकिन स्थिति उलटी हो गई। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर नाराज हो गए और बातचीत के दौरान अभद्रता करने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया कि डॉक्टर ने हाथ उठाने की कोशिश की और गुस्से में व्यवहार किया। इसके बाद परिवार ने स्थानीय पत्रकारों और अस्पताल प्रशासन को सूचना दी।
मामला यहीं नहीं रुका। बताया जा रहा है कि जब स्थानीय पत्रकार अस्पताल पहुंचे और स्थिति समझने की कोशिश की तो वहां भी विवाद की स्थिति बन गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने लगे, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जानकारी लेना शुरू किया।
अस्पताल में मौजूद स्टाफ से जुड़े लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई बातें कही हैं। स्टाफ नर्स कांति मंडावी ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर पर इस तरह के आरोप लगे हों। उनका कहना है कि पहले भी कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए जाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और परिजनों के बीच इस घटना के बाद नाराजगी देखी गई। कुछ लोगों का कहना था कि दूर-दराज गांवों से लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं और यदि वहां ऐसी स्थिति बने तो मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। कई लोग यह सवाल भी उठाते दिखाई दिए कि अगर पहले से शिकायतें थीं तो स्थिति यहां तक कैसे पहुंची।
केशकाल बीएमओ डॉ. डीके बिसेन ने पूरे मामले में कहा कि पहले भी डॉक्टर भोयर को लेकर शिकायतें सामने आई थीं और उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था। अधिकारियों के अनुसार घटना की जानकारी वरिष्ठ स्तर पर भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
पुलिस ने मरीज पक्ष की लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, वीडियो फुटेज और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तर पर अलग-अलग प्रक्रिया चल रही है।
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केशकाल अस्पताल में डॉक्टर पर नशे में ड्यूटी का आरोप, वीडियो वायरल
कोंडागांव, CG
कोंडागांव जिले के केशकाल अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब अस्पताल पहुंचे मरीज और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर शराब के नशे में थे और इलाज करने से इनकार कर रहे थे। मामला तब और बढ़ गया जब विरोध करने पर डॉक्टर और मरीज पक्ष के बीच विवाद शुरू हो गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है और पुलिस ने भी शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि केशकाल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र भोयर ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर शराब के नशे में मौजूद थे। आरोप है कि वे मरीजों को देखने से मना कर रहे थे और अस्पताल पहुंचे लोगों के साथ सामान्य व्यवहार भी नहीं कर रहे थे। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। सुबह अस्पताल पहुंचे कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे और बाद में मामला चर्चा का विषय बन गया।
मरीज के बेटे वसीम मेमन के मुताबिक वह सुबह अपने बीमार पिता को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टर से मरीज को देखने का अनुरोध किया लेकिन स्थिति उलटी हो गई। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर नाराज हो गए और बातचीत के दौरान अभद्रता करने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया कि डॉक्टर ने हाथ उठाने की कोशिश की और गुस्से में व्यवहार किया। इसके बाद परिवार ने स्थानीय पत्रकारों और अस्पताल प्रशासन को सूचना दी।
मामला यहीं नहीं रुका। बताया जा रहा है कि जब स्थानीय पत्रकार अस्पताल पहुंचे और स्थिति समझने की कोशिश की तो वहां भी विवाद की स्थिति बन गई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने लगे, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जानकारी लेना शुरू किया।
अस्पताल में मौजूद स्टाफ से जुड़े लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई बातें कही हैं। स्टाफ नर्स कांति मंडावी ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब डॉक्टर पर इस तरह के आरोप लगे हों। उनका कहना है कि पहले भी कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए जाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और परिजनों के बीच इस घटना के बाद नाराजगी देखी गई। कुछ लोगों का कहना था कि दूर-दराज गांवों से लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचते हैं और यदि वहां ऐसी स्थिति बने तो मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। कई लोग यह सवाल भी उठाते दिखाई दिए कि अगर पहले से शिकायतें थीं तो स्थिति यहां तक कैसे पहुंची।
केशकाल बीएमओ डॉ. डीके बिसेन ने पूरे मामले में कहा कि पहले भी डॉक्टर भोयर को लेकर शिकायतें सामने आई थीं और उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था। अधिकारियों के अनुसार घटना की जानकारी वरिष्ठ स्तर पर भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
पुलिस ने मरीज पक्ष की लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, वीडियो फुटेज और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तर पर अलग-अलग प्रक्रिया चल रही है।
