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बिलासपुर में कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान कांग्रेस–पुलिस में झूमाझटकी, बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े कार्यकर्ता
बिलासपुर (छ.ग.)
मनरेगा बचाव संग्राम में शक्ति प्रदर्शन, विजय केशरवानी बोले— सरकार गांधी नाम से डरती है
केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को बिलासपुर में कांग्रेस, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मनरेगा के नाम में बदलाव और नए कानून के विरोध में आयोजित इस आंदोलन के दौरान कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश की गई, जिसमें पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झूमाझटकी देखने को मिली। हालात तनावपूर्ण जरूर रहे, लेकिन स्थिति को पुलिस और प्रशासन ने नियंत्रित कर लिया।
‘मनरेगा बचाव संग्राम’ के नाम से आयोजित यह प्रदर्शन नेहरू चौक से शुरू हुआ, जहां पहले एक सभा हुई। इसके बाद सैकड़ों कार्यकर्ता शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। पुलिस ने स्टेट बैंक शाखा के पास बैरिकेड लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। महिला पुलिसकर्मियों और महिला कार्यकर्ताओं के बीच भी कुछ देर के लिए झूमाझटकी की स्थिति बनी।
हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि सरकार गांधी नाम से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे महात्मा गांधी हों, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी या राहुल गांधी— हर गांधी को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक देश में लोकतंत्र है, नाथूराम गोडसे की विचारधारा सफल नहीं होगी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है और उसकी जगह एक नया “काला कानून” लाया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और पलायन की समस्या बढ़ेगी।
मीडिया से चर्चा में नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीब और मजदूर वर्ग के लिए रोजगार का अहम साधन है। यदि यह व्यवस्था कमजोर होती है, तो बच्चों की शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सभी प्रभावित होंगे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
वहीं, बिलासपुर के अपर कलेक्टर शिव बनर्जी ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ी। उन्होंने बताया कि स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के एक साथ लौटने से कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में 2000 से अधिक लोगों की भागीदारी का दावा किया है।
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