- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर में आज से ‘जाणता राजा’ का भव्य ऐतिहासिक मंचन, शिवाजी महाराज के जीवन के सजीव दृश्य होंगे प्रस्...
रायपुर में आज से ‘जाणता राजा’ का भव्य ऐतिहासिक मंचन, शिवाजी महाराज के जीवन के सजीव दृश्य होंगे प्रस्तुत
रायपुर (छ.ग.)
साइंस कॉलेज मैदान में चार दिन तक चलेगा महानाट्य, स्थानीय कलाकारों की मजबूत भागीदारी से बढ़ा आकर्षण
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य मंचन शुरू हो रहा है। साइंस कॉलेज मैदान में 19 से 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम साढ़े छह बजे यह तीन घंटे का नाटक दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना पर आधारित इस मंचन को लेकर शहर में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजकों के अनुसार, यह नाटक केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि इतिहास को सजीव रूप में देखने का अवसर है। भव्य मंच, विशाल सेट, पारंपरिक संगीत और जीवंत दृश्य संयोजन के माध्यम से दर्शकों को 17वीं सदी के मराठा इतिहास की यात्रा कराई जाएगी। शिवाजी महाराज के जन्म से लेकर युवावस्था, युद्ध कौशल और राज्याभिषेक तक के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा गया है।
इस बार के मंचन की खास बात स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी है। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में लंबी और सख्त ऑडिशन प्रक्रिया के बाद करीब 40 कलाकारों का चयन किया गया। इनमें युवा, बच्चे और प्रौढ़ महिला-पुरुष शामिल हैं। चयनित कलाकारों ने निर्देशक योगेश शिरोळे के मार्गदर्शन में पहले मंडल परिसर और बाद में साइंस कॉलेज मैदान में बने विशाल मंच पर गहन रिहर्सल की।
स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा गद्रे, आस्था काले सहित अन्य कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। नाटक में कव्वाली नृत्य, पोवाड़ा, कोळी गीत, दिंडी नृत्य और घाघर फूंकने जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया है। कॉलेज छात्राओं और प्रौढ़ महिलाओं के बीच तालमेल और ऊर्जा रिहर्सल के दौरान खास आकर्षण का केंद्र रही।
निर्देशक के अनुसार, आस्था काले एक विशेष विदेशी महिला की भूमिका निभा रही हैं, जो कथा में एक अलग आयाम जोड़ती है। पुरुष कलाकारों को भी सैनिकों और दरबारी भूमिकाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मंचन के दौरान दर्शकों को पांच घोड़ों के साथ सैनिकों की टोली मंच पर दिखाई देगी, जिससे युद्ध और राजदरबार के दृश्य और अधिक प्रभावशाली बनेंगे। आयोजक दल, परिस्थितियों के अनुकूल होने पर हाथियों को शामिल करने की संभावना भी तलाश रहा है।
तकनीकी पक्ष की जिम्मेदारी पुणे से आए विशेषज्ञ कौशिक नाईक और वैभव जोशी संभाल रहे हैं। मंच सज्जा, प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था को इस तरह तैयार किया गया है कि हर दृश्य दर्शकों के लिए यादगार बन सके। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी और भव्य प्रस्तुति के चलते ‘जाणता राजा’ का यह मंचन रायपुर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक प्रमुख आयोजन माना जा रहा है।
-----
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
