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छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले
छत्तीसगढ़
अजय सिंह राजपूत बने NIA कोर्ट के स्पेशल जज, ओमप्रकाश जायसवाल को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) की जिम्मेदारी; कई जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के पदों पर बदलाव
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग के 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी इस आदेश के तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालयों के न्यायाधीशों और हाईकोर्ट में पदस्थ कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। न्यायपालिका में इस व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन को न्यायिक कार्यों की बेहतर निगरानी, प्रशासनिक संतुलन और मामलों के प्रभावी निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार, जगदलपुर के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत को अब स्पेशल जज (NIA कोर्ट), जगदलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली इस अदालत में उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। वहीं, हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के सचिव ओमप्रकाश जायसवाल को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) नियुक्त किया गया है। न्यायिक प्रशासन और अदालतों के संचालन में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इसके अलावा, बलौदाबाजार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) नियुक्त किया गया है। यह पद न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन, निगरानी और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, बलौदाबाजार के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी, बिलासपुर में एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है, जहां वे न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हाईकोर्ट ने बिलासपुर, रायपुर, बलरामपुर, सारंगढ़ और अन्य जिलों में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर रूपनारायण पात्रे को हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, सिद्धार्थ अग्रवाल को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर से पदोन्नत करते हुए प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर बनाया गया है।
इसी प्रकार किरण कुमार जांगड़े को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज नियुक्त किया गया है। विनय कुमार प्रधान को एफटीसी (POCSO), रायपुर से रायपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पदस्थ किया गया है। वहीं, डमरूधर चौहान को षष्ठम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर से स्थानांतरित कर दशम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर बनाया गया है।
तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नए दायित्व भी तय किए गए हैं। विनिता वारनेर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर से बलौदाबाजार भेजा गया है। वहीं, थामस एक्का को प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सूरजपुर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर नियुक्त किया गया है।
स्पेशल जज (NIA), जगदलपुर के पद पर कार्यरत संगीता नवीन तिवारी को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलौदाबाजार बनाया गया है। डॉ. मनोज कुमार प्रजापति को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज से सारंगढ़ स्थानांतरित किया गया है। अमित राठौर को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सारंगढ़ से रायपुर भेजा गया है।
इसके अलावा, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) पद पर कार्यरत सुमित कपूर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर नियुक्त किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के एडिशनल डायरेक्टर अमित कुमार कोहली को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों को न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की ओर से जारी यह आदेश आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर इस तरह के स्थानांतरण से न्यायिक व्यवस्था में कार्यकुशलता बढ़ती है और विभिन्न जिलों में लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे में भी सहायता मिलती है।
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छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग के 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी इस आदेश के तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालयों के न्यायाधीशों और हाईकोर्ट में पदस्थ कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। न्यायपालिका में इस व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन को न्यायिक कार्यों की बेहतर निगरानी, प्रशासनिक संतुलन और मामलों के प्रभावी निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार, जगदलपुर के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत को अब स्पेशल जज (NIA कोर्ट), जगदलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली इस अदालत में उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। वहीं, हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के सचिव ओमप्रकाश जायसवाल को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) नियुक्त किया गया है। न्यायिक प्रशासन और अदालतों के संचालन में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इसके अलावा, बलौदाबाजार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) नियुक्त किया गया है। यह पद न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन, निगरानी और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, बलौदाबाजार के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी, बिलासपुर में एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है, जहां वे न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हाईकोर्ट ने बिलासपुर, रायपुर, बलरामपुर, सारंगढ़ और अन्य जिलों में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर रूपनारायण पात्रे को हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, सिद्धार्थ अग्रवाल को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर से पदोन्नत करते हुए प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर बनाया गया है।
इसी प्रकार किरण कुमार जांगड़े को प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज नियुक्त किया गया है। विनय कुमार प्रधान को एफटीसी (POCSO), रायपुर से रायपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पदस्थ किया गया है। वहीं, डमरूधर चौहान को षष्ठम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर से स्थानांतरित कर दशम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर बनाया गया है।
तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नए दायित्व भी तय किए गए हैं। विनिता वारनेर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर से बलौदाबाजार भेजा गया है। वहीं, थामस एक्का को प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सूरजपुर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर नियुक्त किया गया है।
स्पेशल जज (NIA), जगदलपुर के पद पर कार्यरत संगीता नवीन तिवारी को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलौदाबाजार बनाया गया है। डॉ. मनोज कुमार प्रजापति को प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज से सारंगढ़ स्थानांतरित किया गया है। अमित राठौर को द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सारंगढ़ से रायपुर भेजा गया है।
इसके अलावा, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) पद पर कार्यरत सुमित कपूर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायपुर नियुक्त किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के एडिशनल डायरेक्टर अमित कुमार कोहली को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलरामपुर-रामानुजगंज की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों को न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की ओर से जारी यह आदेश आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायिक प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर इस तरह के स्थानांतरण से न्यायिक व्यवस्था में कार्यकुशलता बढ़ती है और विभिन्न जिलों में लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे में भी सहायता मिलती है।
