- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- रायपुर नशामुक्ति केंद्र में बर्बरता, युवक को पाइप से पीटा, शरीर पर गहरे जख्म
रायपुर नशामुक्ति केंद्र में बर्बरता, युवक को पाइप से पीटा, शरीर पर गहरे जख्म
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर के एक नशामुक्ति केंद्र में आदिवासी युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। संचालिका के बेटे पर पाइप से पीटने का आरोप है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
रायपुर में नशामुक्ति केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने इलाज की व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आदिवासी युवक के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह घटना रायपुर के पंडरी मोवा स्थित एक निजी नशामुक्ति केंद्र से जुड़ी है। ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके परिवार ने नशे की लत छुड़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 के सितंबर-अक्टूबर के दौरान इस केंद्र में भर्ती कराया था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से उसकी स्थिति सुधरेगी, लेकिन कुछ और ही सामने आया।
मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
परिजनों के अनुसार, केंद्र में भर्ती रहने के दौरान अंकुर के साथ लगातार मारपीट की गई। आरोप है कि केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने पाइप से युवक को बेरहमी से पीटा। उसके शरीर पर गंभीर घाव हो गए, खासकर पीठ और गर्दन पर गहरे जख्म और चमड़ी छिलने के निशान देखे गए।
वीडियो ने खोली सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर युवक के साथ हिंसक व्यवहार करते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि इलाज के नाम पर वहां प्रताड़ना दी जाती थी।
परिजनों को मिलने से रोका गया
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उनका बेटा केंद्र में भर्ती था, तब उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। जब फरवरी में अंकुर घर लौटा, तब उसकी हालत देखकर परिवार को पूरे मामले का अंदाजा हुआ।
मानसिक स्थिति पर असर
मारपीट और डर के माहौल का असर अंकुर की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा। डॉक्टरों ने उसे मानसिक रूप से अस्थिर बताया। फिलहाल उसका इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नशामुक्ति केंद्र के संचालन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि केंद्र वैध रूप से संचालित हो रहा था या नहीं।
आरोपी की स्थिति
पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वयं भी नशे की लत से जूझ रहा है और वर्तमान में एक अन्य नशामुक्ति केंद्र में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस केंद्र से भी रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
इस घटना ने निजी नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थानों में नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रायपुर नशामुक्ति केंद्र में बर्बरता, युवक को पाइप से पीटा, शरीर पर गहरे जख्म
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में नशामुक्ति केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने इलाज की व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आदिवासी युवक के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह घटना रायपुर के पंडरी मोवा स्थित एक निजी नशामुक्ति केंद्र से जुड़ी है। ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके परिवार ने नशे की लत छुड़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 के सितंबर-अक्टूबर के दौरान इस केंद्र में भर्ती कराया था। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज से उसकी स्थिति सुधरेगी, लेकिन कुछ और ही सामने आया।
मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
परिजनों के अनुसार, केंद्र में भर्ती रहने के दौरान अंकुर के साथ लगातार मारपीट की गई। आरोप है कि केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने पाइप से युवक को बेरहमी से पीटा। उसके शरीर पर गंभीर घाव हो गए, खासकर पीठ और गर्दन पर गहरे जख्म और चमड़ी छिलने के निशान देखे गए।
वीडियो ने खोली सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर युवक के साथ हिंसक व्यवहार करते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि इलाज के नाम पर वहां प्रताड़ना दी जाती थी।
परिजनों को मिलने से रोका गया
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उनका बेटा केंद्र में भर्ती था, तब उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। जब फरवरी में अंकुर घर लौटा, तब उसकी हालत देखकर परिवार को पूरे मामले का अंदाजा हुआ।
मानसिक स्थिति पर असर
मारपीट और डर के माहौल का असर अंकुर की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा। डॉक्टरों ने उसे मानसिक रूप से अस्थिर बताया। फिलहाल उसका इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नशामुक्ति केंद्र के संचालन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि केंद्र वैध रूप से संचालित हो रहा था या नहीं।
आरोपी की स्थिति
पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वयं भी नशे की लत से जूझ रहा है और वर्तमान में एक अन्य नशामुक्ति केंद्र में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस केंद्र से भी रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
इस घटना ने निजी नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थानों में नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।
