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इंदौर जू में किंग कोबरा कुनबा बढ़ाने की कवायद, विशेषज्ञों की निगरानी में जल्द मेटिंग संभव
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर चिड़ियाघर में किंग कोबरा के प्रजनन की तैयारी शुरू, विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षित मेटिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इंदौर चिड़ियाघर में किंग कोबरा के कुनबे को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। अब तक यहां कई वन्यजीवों का सफल प्रजनन हो चुका है और इसी कड़ी में अब दुनिया के सबसे विषैले सांपों में गिने जाने वाले किंग कोबरा के लिए भी नियंत्रित प्रजनन योजना तैयार की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की देखरेख में बेहद सावधानी के साथ पूरी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह का जोखिम न हो।
मेटिंग से पहले अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश
चिड़ियाघर प्रबंधन ने नर और मादा किंग कोबरा को फिलहाल अलग-अलग बाड़ों में रखा है। दोनों के बीच एक जालीदार अवरोध लगाया गया है, जिससे वे सीधे संपर्क में आए बिना एक-दूसरे की मौजूदगी को महसूस कर सकें। यह तरीका उन्हें एक-दूसरे की गंध पहचानने और धीरे-धीरे अनुकूल होने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुरुआती चरण सफल प्रजनन के लिए बेहद जरूरी होता है।
स्वभाव से एकाकी होता है किंग कोबरा
चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार किंग कोबरा स्वभाव से अकेले रहने वाला जीव है। इसे केवल प्रजनन काल में ही दूसरे किंग कोबरा के साथ रखा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में यदि इन्हें साथ रखा जाए तो इनके बीच संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिससे गंभीर नुकसान होने की आशंका रहती है। यही वजह है कि पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की निगरानी में ही होगा मिलन
प्रबंधन का कहना है कि जब मादा किंग कोबरा मेटिंग पीरियड में आएगी, तभी दोनों को नियंत्रित वातावरण में मिलाया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञों की टीम पूरी स्थिति पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।
एक महीने में पूरी हो सकती है तैयारी
अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इसमें व्यवहारिक अध्ययन, स्वास्थ्य परीक्षण और वातावरण की अनुकूलता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। लक्ष्य यह है कि बिना किसी जोखिम के सफल प्रजनन सुनिश्चित किया जा सके।
अलग-अलग स्थानों से लाए गए हैं दोनों कोबरा
इंदौर चिड़ियाघर में मौजूद मादा किंग कोबरा को वर्ष 2022 में रेस्क्यू कर यहां लाया गया था। उस समय उसकी स्थिति काफी कमजोर थी, लेकिन देखभाल और उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। इसकी लंबाई लगभग 13 से 14 फीट बताई जाती है। वहीं नर किंग कोबरा को कर्नाटक के पिलीकोला बायोलॉजिकल पार्क से लाया गया है। इसकी लंबाई करीब 12 फीट है और उम्र लगभग साढ़े तीन साल है।
बेहतर देखरेख में प्रजनन की तैयारी
चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि दोनों किंग कोबरा पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके लिए जरूरी अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही मेटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और किंग कोबरा के सफल प्रजनन की उम्मीद की जा रही है। यह पहल न केवल चिड़ियाघर के लिए बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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इंदौर जू में किंग कोबरा कुनबा बढ़ाने की कवायद, विशेषज्ञों की निगरानी में जल्द मेटिंग संभव
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर चिड़ियाघर में किंग कोबरा के कुनबे को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। अब तक यहां कई वन्यजीवों का सफल प्रजनन हो चुका है और इसी कड़ी में अब दुनिया के सबसे विषैले सांपों में गिने जाने वाले किंग कोबरा के लिए भी नियंत्रित प्रजनन योजना तैयार की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की देखरेख में बेहद सावधानी के साथ पूरी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह का जोखिम न हो।
मेटिंग से पहले अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश
चिड़ियाघर प्रबंधन ने नर और मादा किंग कोबरा को फिलहाल अलग-अलग बाड़ों में रखा है। दोनों के बीच एक जालीदार अवरोध लगाया गया है, जिससे वे सीधे संपर्क में आए बिना एक-दूसरे की मौजूदगी को महसूस कर सकें। यह तरीका उन्हें एक-दूसरे की गंध पहचानने और धीरे-धीरे अनुकूल होने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शुरुआती चरण सफल प्रजनन के लिए बेहद जरूरी होता है।
स्वभाव से एकाकी होता है किंग कोबरा
चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार किंग कोबरा स्वभाव से अकेले रहने वाला जीव है। इसे केवल प्रजनन काल में ही दूसरे किंग कोबरा के साथ रखा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में यदि इन्हें साथ रखा जाए तो इनके बीच संघर्ष की स्थिति बन सकती है, जिससे गंभीर नुकसान होने की आशंका रहती है। यही वजह है कि पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की निगरानी में ही होगा मिलन
प्रबंधन का कहना है कि जब मादा किंग कोबरा मेटिंग पीरियड में आएगी, तभी दोनों को नियंत्रित वातावरण में मिलाया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञों की टीम पूरी स्थिति पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी इंतजाम पहले से किए जा रहे हैं।
एक महीने में पूरी हो सकती है तैयारी
अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इसमें व्यवहारिक अध्ययन, स्वास्थ्य परीक्षण और वातावरण की अनुकूलता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। लक्ष्य यह है कि बिना किसी जोखिम के सफल प्रजनन सुनिश्चित किया जा सके।
अलग-अलग स्थानों से लाए गए हैं दोनों कोबरा
इंदौर चिड़ियाघर में मौजूद मादा किंग कोबरा को वर्ष 2022 में रेस्क्यू कर यहां लाया गया था। उस समय उसकी स्थिति काफी कमजोर थी, लेकिन देखभाल और उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। इसकी लंबाई लगभग 13 से 14 फीट बताई जाती है। वहीं नर किंग कोबरा को कर्नाटक के पिलीकोला बायोलॉजिकल पार्क से लाया गया है। इसकी लंबाई करीब 12 फीट है और उम्र लगभग साढ़े तीन साल है।
बेहतर देखरेख में प्रजनन की तैयारी
चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि दोनों किंग कोबरा पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके लिए जरूरी अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही मेटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और किंग कोबरा के सफल प्रजनन की उम्मीद की जा रही है। यह पहल न केवल चिड़ियाघर के लिए बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
