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भारतीय आरटीओ अधिकारी ने अकोंकागुआ पर फहराया तिरंगा, 6,962 मीटर ऊंचाई पर रचा कीर्तिमान
रायपुर (छ.ग.)
माइनस 20 डिग्री तापमान और ऑक्सीजन की भारी कमी के बीच 10 घंटे की चढ़ाई; छत्तीसगढ़ मूल के प्रदीप शर्मा ने अमेरिका के सर्वोच्च शिखर को किया फतह
छत्तीसगढ़ मूल के इंदौर आरटीओ अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटियों में शामिल माउंट अकोंकागुआ (6,962 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारतीय तिरंगा फहराया। यह उपलब्धि उन्होंने अर्जेंटीना में स्थित अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर अत्यंत प्रतिकूल मौसम और सीमित ऑक्सीजन के बीच हासिल की।
यह अभियान जनवरी के अंतिम सप्ताह में पूरा हुआ। अंतिम समिट के दिन तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था। शर्मा ने बताया कि उन्हें अंतिम चरण में लगातार 10 घंटे 30 मिनट तक पैदल चढ़ाई करनी पड़ी। पथरीले रास्ते, तेज हवाएं और शारीरिक थकान के बावजूद उन्होंने अभियान को पूरा किया।
प्रदीप शर्मा, जो वर्तमान में इंदौर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, मूल रूप से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के निवासी हैं। उन्होंने यह पर्वतारोहण अभियान एक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समूह के साथ पूरा किया। चार सदस्यीय टीम में शामिल अन्य पर्वतारोहियों में से दो को स्वास्थ्य कारणों से और एक को शारीरिक समस्या के चलते बीच रास्ते से लौटना पड़ा। शर्मा ने अकेले अंतिम शिखर तक पहुंचकर तिरंगा फहराया।
पृष्ठभूमि और तैयारी
शर्मा पेशेवर पर्वतारोही नहीं हैं। उन्होंने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कई महीनों तक शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण लिया। ऊंचाई पर शरीर की अनुकूलन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने विशेष अभ्यास और मेडिकल मॉनिटरिंग के साथ तैयारी की थी।
परिवार और प्रतिक्रिया
इस सफलता के पीछे परिवार का समर्थन निर्णायक रहा। शर्मा ने कहा कि उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और बेटियां प्रियल तथा अनविता पूरे अभियान के दौरान उनकी प्रेरणा बनीं। शिखर पर तिरंगा फहराने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि देश और अपने परिवार को समर्पित की।
विश्लेषण और महत्व
अकोंकागुआ को तकनीकी रूप से कठिन नहीं, लेकिन शारीरिक सहनशक्ति और मौसम की चरम स्थितियों के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। किसी गैर-पेशेवर पर्वतारोही द्वारा इस शिखर को फतह करना असाधारण माना जाता है।
शर्मा ने संकेत दिया है कि वे भविष्य में भी साहसिक गतिविधियों से जुड़े रहेंगे और युवाओं को फिटनेस व आत्मविश्वास के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। इससे पहले वे स्काई डाइविंग, हाफ मैराथन, हॉट एयर बैलून फ्री-फॉल, पैराग्लाइडिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधियों में भाग ले चुके हैं।
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