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रायपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर ने बनाया AI प्लेटफॉर्म, ChatGPT-जेमिनाई से बताया बेहतर
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर गौरव तिवारी ने “जेमिनाई GT” नाम का AI प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा किया है, जो 8K इमेज जनरेट कर रहा।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने एक ऐसा AI प्लेटफॉर्म बनाने का दावा किया है, जो टेक सेक्टर में काफी चर्चा का विषय बन गया है। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर गौरव तिवारी ने अपना AI सिस्टम नाम “जेमिनाई GT” रखा है। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म कई मामलों में ChatGPT और गूगल जेमिनाई जैसे बड़े AI टूल्स से आगे है। खास बात ये है कि यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में 8K रिजॉल्यूशन की हाई-क्वालिटी इमेज तैयार कर रहा है। फिलहाल, यह प्लेटफॉर्म बीटा फेज में है और इसे सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती ट्रायल में लगभग 30 हजार यूजर्स ने इसे इस्तेमाल किया, लेकिन अचानक सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
गौरव तिवारी आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में काफी समय से सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि इस AI प्लेटफॉर्म को विकसित करने में करीब दो साल का वक्त लगा। उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म सिर्फ चैटिंग या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेबसाइट डिजाइनिंग, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, वीडियो और फोटो एन्हांसमेंट से लेकर एडवांस 3D डिजाइनिंग तक काफी काम कर सकता है। उनका दावा है कि अगर कोई यूजर केवल टेक्स्ट में अपनी जरूरत लिख देता है, तो AI खुद ही वेबसाइट का डिजाइन, कलर थीम, बटन और मोबाइल फ्रेंडली लेआउट तैयार कर देगा। इसका मतलब है कि जिन्हें कोडिंग की जानकारी नहीं है, वे भी आसानी से बेसिक वेबसाइट और ऐप बना सकेंगे। बताया गया है कि इंटरफेस भी काफी यूजर-फ्रेंडली है ताकि सामान्य यूजर्स बिना ज्यादा तकनीकी ज्ञान के भी इसका इस्तेमाल कर सकें।
जेमिनाई GT की 8K इमेज जनरेशन क्षमता ने काफी ध्यान खींचा है। गौरव कहते हैं कि मौजूदा कई AI टूल्स अधिक उपयोग के बाद गड़बड़ियां दिखाना शुरू कर देते हैं, जैसे चेहरे बिगड़ना या तस्वीरों में असामान्य खामियां आना, लेकिन उनका सिस्टम लगातार इस्तेमाल के बाद भी स्थिर क्वालिटी बनाए रखता है। शुरुआती डेमो में कुछ हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिन पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हुई हैं। उनका यह भी दावा है कि प्लेटफॉर्म 12 से अधिक भाषाओं में कंटेंट तैयार कर सकता है। हालांकि, अभी इसके सभी फीचर्स आम लोगों के लिए ओपन नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इसे आने वाले समय में सब्सक्रिप्शन मॉडल पर लॉन्च किया जा सकता है, जहां अलग-अलग फीचर्स के लिए अलग प्लान उपलब्ध होंगे। टेक एक्सपर्ट्स इस दावे को लेकर उत्सुकता दिखा रहे हैं, लेकिन बड़े AI प्लेटफॉर्म को टक्कर देने की असली तस्वीर इसके फुल लॉन्च के बाद ही साफ होगी।
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रायपुर के रिटायर्ड प्रोफेसर ने बनाया AI प्लेटफॉर्म, ChatGPT-जेमिनाई से बताया बेहतर
रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने एक ऐसा AI प्लेटफॉर्म बनाने का दावा किया है, जो टेक सेक्टर में काफी चर्चा का विषय बन गया है। गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर गौरव तिवारी ने अपना AI सिस्टम नाम “जेमिनाई GT” रखा है। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म कई मामलों में ChatGPT और गूगल जेमिनाई जैसे बड़े AI टूल्स से आगे है। खास बात ये है कि यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में 8K रिजॉल्यूशन की हाई-क्वालिटी इमेज तैयार कर रहा है। फिलहाल, यह प्लेटफॉर्म बीटा फेज में है और इसे सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती ट्रायल में लगभग 30 हजार यूजर्स ने इसे इस्तेमाल किया, लेकिन अचानक सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
गौरव तिवारी आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में काफी समय से सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि इस AI प्लेटफॉर्म को विकसित करने में करीब दो साल का वक्त लगा। उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म सिर्फ चैटिंग या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेबसाइट डिजाइनिंग, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट, वीडियो और फोटो एन्हांसमेंट से लेकर एडवांस 3D डिजाइनिंग तक काफी काम कर सकता है। उनका दावा है कि अगर कोई यूजर केवल टेक्स्ट में अपनी जरूरत लिख देता है, तो AI खुद ही वेबसाइट का डिजाइन, कलर थीम, बटन और मोबाइल फ्रेंडली लेआउट तैयार कर देगा। इसका मतलब है कि जिन्हें कोडिंग की जानकारी नहीं है, वे भी आसानी से बेसिक वेबसाइट और ऐप बना सकेंगे। बताया गया है कि इंटरफेस भी काफी यूजर-फ्रेंडली है ताकि सामान्य यूजर्स बिना ज्यादा तकनीकी ज्ञान के भी इसका इस्तेमाल कर सकें।
जेमिनाई GT की 8K इमेज जनरेशन क्षमता ने काफी ध्यान खींचा है। गौरव कहते हैं कि मौजूदा कई AI टूल्स अधिक उपयोग के बाद गड़बड़ियां दिखाना शुरू कर देते हैं, जैसे चेहरे बिगड़ना या तस्वीरों में असामान्य खामियां आना, लेकिन उनका सिस्टम लगातार इस्तेमाल के बाद भी स्थिर क्वालिटी बनाए रखता है। शुरुआती डेमो में कुछ हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिन पर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हुई हैं। उनका यह भी दावा है कि प्लेटफॉर्म 12 से अधिक भाषाओं में कंटेंट तैयार कर सकता है। हालांकि, अभी इसके सभी फीचर्स आम लोगों के लिए ओपन नहीं किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इसे आने वाले समय में सब्सक्रिप्शन मॉडल पर लॉन्च किया जा सकता है, जहां अलग-अलग फीचर्स के लिए अलग प्लान उपलब्ध होंगे। टेक एक्सपर्ट्स इस दावे को लेकर उत्सुकता दिखा रहे हैं, लेकिन बड़े AI प्लेटफॉर्म को टक्कर देने की असली तस्वीर इसके फुल लॉन्च के बाद ही साफ होगी।
