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छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की किल्लत, भूपेश और बीजेपी आमने-सामने, सोशल मीडिया पर यूजर्स का तंज
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम जनता और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। भूपेश बघेल और बीजेपी के बीच सिलेंडर मिलने की स्थिति को लेकर तीखी जंग चल रही है।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर आम जनता और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों से लगातार वीडियो, फोटो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार, खाली सिलेंडर और परेशान लोग नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और X (पूर्व ट्विटर) पर लोग अपनी परेशानियों के साथ-साथ मीम और वीडियो भी साझा कर रहे हैं।
भूपेश बघेल और बीजेपी की सोशल मीडिया जंग
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने आम जनता से सवाल किया कि क्या उन्हें गैस सिलेंडर आसानी से मिल रहा है। इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने कमेंट किया कि उन्हें सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन कई लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद बीजेपी छत्तीसगढ़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भूपेश बघेल के पोस्ट को शेयर किया और लिखा कि भूपेश भ्रम फैला रहे थे, जबकि जनता ने सच बता दिया।
इस पर भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने पोस्ट का वीडियो शेयर किया जिसमें आम लोगों के कमेंट दिखाए गए कि उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इस तरह सोशल मीडिया पर दोनों राजनीतिक धड़ों के बीच गैस सिलेंडर को लेकर बहस तेज हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम और वीडियो
तिल्दा-नेवरा से वायरल हुए वीडियो में लोग सिलेंडर कार्ड जमीन पर रखकर नंबर लगाकर छांव में इंतजार करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने AI वीडियो का इस्तेमाल करते हुए गैस सिलेंडर और इंडक्शन के बीच मजाकिया संवाद तैयार किया। अमन सागर ने अपनी पोस्ट में दिखाया कि लोग तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी खाना बनाने के लिए कंडों का सहारा ले रहे हैं। गोपाल आदित्य ने बच्चों को सिलेंडर ढोते हुए दिखाया और तंज कसा कि बच्चों को तो सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन हमें नहीं। प्रेम कुमार और आकाश पटेल ने भी सिलेंडर की किल्लत पर हास्यपूर्ण वीडियो शेयर किए।
शहरों में लंबी कतार और देरी
भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में गैस एजेंसियों के बाहर लगातार लंबी कतार और इंतजार की स्थिति देखी जा रही है। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बुकिंग के कई दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिला और एजेंसी के चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि सप्लाई कम होने के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है।
प्रशासन का बयान
हालांकि जिला प्रशासन और केंद्र सरकार लगातार यह कह रहे हैं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी को आसानी से सिलेंडर मिल रहे हैं और सोशल मीडिया पर जो भी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति को पूरी तरह से दर्शाते नहीं हैं।
एआई वीडियो और सोशल मीडिया का असर
सोशल मीडिया पर एआई वीडियो का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में लोग एआई वीडियो और मीम के माध्यम से गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कुछ मीम्स में सिलेंडर को सोने जैसी कीमती वस्तु के रूप में दिखाया गया है, जबकि कुछ में इंडक्शन चूल्हा और लकड़ी के चूल्हे को वैकल्पिक विकल्प के रूप में दिखाया गया है।
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छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की किल्लत, भूपेश और बीजेपी आमने-सामने, सोशल मीडिया पर यूजर्स का तंज
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में इन दिनों गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर आम जनता और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। रायपुर, भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों से लगातार वीडियो, फोटो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार, खाली सिलेंडर और परेशान लोग नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और X (पूर्व ट्विटर) पर लोग अपनी परेशानियों के साथ-साथ मीम और वीडियो भी साझा कर रहे हैं।
भूपेश बघेल और बीजेपी की सोशल मीडिया जंग
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने आम जनता से सवाल किया कि क्या उन्हें गैस सिलेंडर आसानी से मिल रहा है। इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने कमेंट किया कि उन्हें सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन कई लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद बीजेपी छत्तीसगढ़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भूपेश बघेल के पोस्ट को शेयर किया और लिखा कि भूपेश भ्रम फैला रहे थे, जबकि जनता ने सच बता दिया।
इस पर भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए अपने पोस्ट का वीडियो शेयर किया जिसमें आम लोगों के कमेंट दिखाए गए कि उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इस तरह सोशल मीडिया पर दोनों राजनीतिक धड़ों के बीच गैस सिलेंडर को लेकर बहस तेज हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम और वीडियो
तिल्दा-नेवरा से वायरल हुए वीडियो में लोग सिलेंडर कार्ड जमीन पर रखकर नंबर लगाकर छांव में इंतजार करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने AI वीडियो का इस्तेमाल करते हुए गैस सिलेंडर और इंडक्शन के बीच मजाकिया संवाद तैयार किया। अमन सागर ने अपनी पोस्ट में दिखाया कि लोग तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी खाना बनाने के लिए कंडों का सहारा ले रहे हैं। गोपाल आदित्य ने बच्चों को सिलेंडर ढोते हुए दिखाया और तंज कसा कि बच्चों को तो सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन हमें नहीं। प्रेम कुमार और आकाश पटेल ने भी सिलेंडर की किल्लत पर हास्यपूर्ण वीडियो शेयर किए।
शहरों में लंबी कतार और देरी
भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में गैस एजेंसियों के बाहर लगातार लंबी कतार और इंतजार की स्थिति देखी जा रही है। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बुकिंग के कई दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिला और एजेंसी के चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि सप्लाई कम होने के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है।
प्रशासन का बयान
हालांकि जिला प्रशासन और केंद्र सरकार लगातार यह कह रहे हैं कि गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी को आसानी से सिलेंडर मिल रहे हैं और सोशल मीडिया पर जो भी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति को पूरी तरह से दर्शाते नहीं हैं।
एआई वीडियो और सोशल मीडिया का असर
सोशल मीडिया पर एआई वीडियो का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में लोग एआई वीडियो और मीम के माध्यम से गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कुछ मीम्स में सिलेंडर को सोने जैसी कीमती वस्तु के रूप में दिखाया गया है, जबकि कुछ में इंडक्शन चूल्हा और लकड़ी के चूल्हे को वैकल्पिक विकल्प के रूप में दिखाया गया है।
