- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी, दुल्हन बारात लेकर पहुंची, दूल्हा रोते हुए बना घर जमाई
छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी, दुल्हन बारात लेकर पहुंची, दूल्हा रोते हुए बना घर जमाई
सरगुजा (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में दुल्हन बारात लेकर पहुंची और दूल्हा घर जमाई बना। सरगुजा की यह अनोखी शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक स्थित सुपलगा गांव में एक अनोखी शादी ने सबको चौंका दिया। यहां दुल्हन बारात लेकर पहुंची और खुद गाजे-बाजे के साथ दूल्हे के घर विवाह के लिए आई। मामला 15 अप्रैल का है, जहां क्रिश्चियन रीति-रिवाजों के अनुसार शादी संपन्न कराई गई।
इस शादी में परंपरागत रीति-रिवाजों को एक अलग ही रूप देखने को मिला, जहां आमतौर पर दूल्हा बारात लेकर आता है, लेकिन यहां दुल्हन ने यह भूमिका निभाई। शादी के दौरान पूरा माहौल भावुक और उत्साह से भरा रहा।
परिवार की अनोखी सोच
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाह पैगा निवासी दुल्हन देवमुनी एक्का और सुपलगा निवासी दूल्हा बिलासुस बरवा के बीच तय हुआ था। दुल्हन के पिता मोहन एक्का के चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। ऐसे में परिवार ने निर्णय लिया कि उन्हें ऐसा दामाद चाहिए जो घर में रहकर बेटे की भूमिका निभाए।
सूत्रों के मुताबिक, इसी सोच के चलते यह तय हुआ कि दूल्हा घर जमाई बनेगा। दूल्हा बिलासुस बरवा इस शर्त के लिए सहमत हुआ और विवाह को पारंपरिक ढांचे से अलग रूप दिया गया।
रस्मों के दौरान भावुक पल
शादी की रस्में देर शाम तक चलीं। जैसे ही विदाई का समय आया, माहौल भावुक हो गया। दूल्हा और उसके परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रोने लगे। इस दौरान दुल्हन पक्ष के लोग भी भावुक दिखाई दिए।
दुल्हन बारात लेकर पहुंची यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए भी नया अनुभव था, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। विदाई के समय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग लगातार साझा कर रहे हैं।
घर जमाई की परंपरा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कुछ समुदायों में घर जमाई बनने की परंपरा भी देखने को मिलती है, जहां बेटियों के परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए दूल्हा उनके घर रहता है।
इस मामले में भी दूल्हा बिलासुस बरवा ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। दुल्हन के पिता का कहना है कि वे अपने दामाद को बेटे की तरह रखेंगे और किसी भी तरह की दहेज प्रथा का पालन नहीं किया गया है।
समाज में चर्चा का विषय
यह अनोखी शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे परंपरा और सामाजिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं। जहां एक ओर पारंपरिक विवाह की अवधारणाएं हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामले सामाजिक ढांचे में बदलाव की ओर इशारा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाह रिश्तों की नई परिभाषा पेश करता है, जिसमें समानता और सहमति को प्राथमिकता दी गई है।
आगे की स्थिति
फिलहाल यह विवाह और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी तरह पारिवारिक सहमति से हुआ विवाह है और इसमें किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी, दुल्हन बारात लेकर पहुंची, दूल्हा रोते हुए बना घर जमाई
सरगुजा (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक स्थित सुपलगा गांव में एक अनोखी शादी ने सबको चौंका दिया। यहां दुल्हन बारात लेकर पहुंची और खुद गाजे-बाजे के साथ दूल्हे के घर विवाह के लिए आई। मामला 15 अप्रैल का है, जहां क्रिश्चियन रीति-रिवाजों के अनुसार शादी संपन्न कराई गई।
इस शादी में परंपरागत रीति-रिवाजों को एक अलग ही रूप देखने को मिला, जहां आमतौर पर दूल्हा बारात लेकर आता है, लेकिन यहां दुल्हन ने यह भूमिका निभाई। शादी के दौरान पूरा माहौल भावुक और उत्साह से भरा रहा।
परिवार की अनोखी सोच
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाह पैगा निवासी दुल्हन देवमुनी एक्का और सुपलगा निवासी दूल्हा बिलासुस बरवा के बीच तय हुआ था। दुल्हन के पिता मोहन एक्का के चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। ऐसे में परिवार ने निर्णय लिया कि उन्हें ऐसा दामाद चाहिए जो घर में रहकर बेटे की भूमिका निभाए।
सूत्रों के मुताबिक, इसी सोच के चलते यह तय हुआ कि दूल्हा घर जमाई बनेगा। दूल्हा बिलासुस बरवा इस शर्त के लिए सहमत हुआ और विवाह को पारंपरिक ढांचे से अलग रूप दिया गया।
रस्मों के दौरान भावुक पल
शादी की रस्में देर शाम तक चलीं। जैसे ही विदाई का समय आया, माहौल भावुक हो गया। दूल्हा और उसके परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रोने लगे। इस दौरान दुल्हन पक्ष के लोग भी भावुक दिखाई दिए।
दुल्हन बारात लेकर पहुंची यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए भी नया अनुभव था, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। विदाई के समय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग लगातार साझा कर रहे हैं।
घर जमाई की परंपरा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में कुछ समुदायों में घर जमाई बनने की परंपरा भी देखने को मिलती है, जहां बेटियों के परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए दूल्हा उनके घर रहता है।
इस मामले में भी दूल्हा बिलासुस बरवा ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। दुल्हन के पिता का कहना है कि वे अपने दामाद को बेटे की तरह रखेंगे और किसी भी तरह की दहेज प्रथा का पालन नहीं किया गया है।
समाज में चर्चा का विषय
यह अनोखी शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इसे परंपरा और सामाजिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं। जहां एक ओर पारंपरिक विवाह की अवधारणाएं हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामले सामाजिक ढांचे में बदलाव की ओर इशारा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाह रिश्तों की नई परिभाषा पेश करता है, जिसमें समानता और सहमति को प्राथमिकता दी गई है।
आगे की स्थिति
फिलहाल यह विवाह और इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी तरह पारिवारिक सहमति से हुआ विवाह है और इसमें किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं है।
