- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- 70 मीटर तक घसीटकर पलटा आबकारी वाहन, ड्राइवर की हुई मौत, परिवार के 3 लोग घायल
70 मीटर तक घसीटकर पलटा आबकारी वाहन, ड्राइवर की हुई मौत, परिवार के 3 लोग घायल
बालाघाट (म.प्र.)
बालाघाट सड़क हादसा में तेज रफ्तार आबकारी वाहन ने कार को 70 मीटर घसीटा, चालक की मौत, तीन घायल। जानें पूरी खबर।
बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां आबकारी विभाग के तेज रफ्तार वाहन ने एक कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार को करीब 70 मीटर तक घसीटते हुए वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में सरकारी वाहन के चालक जितेंद्र बावने (24) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। घायलों में एक तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, मलाजखंड निवासी धर्मवीर गौतम अपनी पत्नी और बेटे के साथ कार से वर्धा जा रहे थे। जैसे ही उन्होंने सीएम राइज स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर पर वाहन धीमा किया, पीछे से आ रहे आबकारी वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा सुबह के समय हुआ, जब सड़क पर यातायात सामान्य था।
टक्कर के बाद हालात
टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसे काफी दूरी तक घसीटा गया। इसके बाद आबकारी विभाग का वाहन संतुलन खो बैठा और पलट गया। दुर्घटना में चालक जितेंद्र बावने स्टीयरिंग और सीट के बीच फंस गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कार में सवार धर्मवीर गौतम और उनकी पत्नी को मामूली चोटें आई हैं, जबकि उनके तीन वर्षीय बेटे रुद्रांश की कमर में चोट लगी है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत वारासिवनी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
बचाव और जांच
घटना की सूचना मिलते ही वारासिवनी थाना प्रभारी पवन यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद मृत चालक को वाहन से बाहर निकाला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बालाघाट जिले में हाल के महीनों में सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वाहनों के संचालन में भी गति नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।
प्रभाव और चिंता
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सार्वजनिक सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही न सिर्फ चालक बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि यहां बच्चों और परिवारों की आवाजाही अधिक रहती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वाहन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और चालक की स्थिति की भी जांच की जाएगी।
प्रशासन द्वारा क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। बालाघाट सड़क हादसा अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आया है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
70 मीटर तक घसीटकर पलटा आबकारी वाहन, ड्राइवर की हुई मौत, परिवार के 3 लोग घायल
बालाघाट (म.प्र.)
बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां आबकारी विभाग के तेज रफ्तार वाहन ने एक कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार को करीब 70 मीटर तक घसीटते हुए वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में सरकारी वाहन के चालक जितेंद्र बावने (24) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। घायलों में एक तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, मलाजखंड निवासी धर्मवीर गौतम अपनी पत्नी और बेटे के साथ कार से वर्धा जा रहे थे। जैसे ही उन्होंने सीएम राइज स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर पर वाहन धीमा किया, पीछे से आ रहे आबकारी वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा सुबह के समय हुआ, जब सड़क पर यातायात सामान्य था।
टक्कर के बाद हालात
टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसे काफी दूरी तक घसीटा गया। इसके बाद आबकारी विभाग का वाहन संतुलन खो बैठा और पलट गया। दुर्घटना में चालक जितेंद्र बावने स्टीयरिंग और सीट के बीच फंस गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कार में सवार धर्मवीर गौतम और उनकी पत्नी को मामूली चोटें आई हैं, जबकि उनके तीन वर्षीय बेटे रुद्रांश की कमर में चोट लगी है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत वारासिवनी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
बचाव और जांच
घटना की सूचना मिलते ही वारासिवनी थाना प्रभारी पवन यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद मृत चालक को वाहन से बाहर निकाला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
बालाघाट जिले में हाल के महीनों में सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वाहनों के संचालन में भी गति नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।
प्रभाव और चिंता
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सार्वजनिक सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही न सिर्फ चालक बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि यहां बच्चों और परिवारों की आवाजाही अधिक रहती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वाहन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और चालक की स्थिति की भी जांच की जाएगी।
प्रशासन द्वारा क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। बालाघाट सड़क हादसा अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आया है।
