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बच्चे को लेकर भाग रहा था तेंदुआ, मां ने गन्ने से जबड़े पर वार कर बचाई बेटे की जान
Digital Desk
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से भिड़कर अपने बेटे की जान बचा ली।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक मां ने अपने बेटे को तेंदुए के जबड़े से छुड़ाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की। मां की हिम्मत और सूझबूझ के चलते बच्चा मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर आ गया। हालांकि इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
गांव में घुस आया तेंदुआ
यह घटना मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के गांव तरफ दलपतपुर की है। सोमवार रात करीब आठ बजे गांव के बाहरी हिस्से में अचानक एक तेंदुआ पहुंच गया। गांव के किनारे बने मकान में रहने वाले किसान रवि सैनी का बेटा मोक्ष घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान तेंदुआ वहां आ गया और अचानक मोक्ष को पकड़कर जंगल की ओर ले जाने लगा।
मां ने देखा तो दौड़ पड़ी तेंदुए के पीछे
बच्चों के शोर मचाने पर मोक्ष की मां पिंकी घर से बाहर निकलीं। उन्होंने देखा कि उनका बेटा तेंदुए के जबड़े में फंसा हुआ है और तेंदुआ उसे लेकर जंगल की ओर बढ़ रहा है। यह दृश्य देखकर पिंकी ने बिना देर किए तेंदुए के पीछे दौड़ लगा दी। उस समय उन्होंने अपनी जान की भी चिंता नहीं की।
गन्ने से किए ताबड़तोड़ वार
रास्ते में पड़े गन्ने को उठाकर पिंकी ने तेंदुए पर हमला करना शुरू कर दिया। उन्होंने लगातार तेंदुए के मुंह पर गन्ने से वार किए। अचानक हुए इस हमले से तेंदुआ घबरा गया और उसने बच्चे को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद वह अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया।
गांव वाले भी मदद के लिए पहुंचे
बच्चों के शोर और पिंकी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। हालांकि तब तक तेंदुआ भाग चुका था। गांव वालों की मदद से घायल मोक्ष को तुरंत उठाकर पास के अस्पताल ले जाया गया।
बच्चे की हालत गंभीर
तेंदुए के हमले में मोक्ष को गंभीर चोटें आई हैं। तेंदुए ने उसकी गर्दन पर दांत गड़ा दिए थे और उसका एक कान भी बुरी तरह जख्मी हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल एक निजी अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
वन विभाग और पुलिस पहुंची गांव
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची। हालांकि रात अधिक होने और अंधेरा होने की वजह से तुरंत कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी। अधिकारियों ने गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तेंदुओं की बढ़ती घटनाओं से बढ़ी चिंता
ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। जंगलों के आसपास बसे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही का खतरा बना रहता है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के साथ ही वन विभाग को भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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