- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- “बंगाल गया तो हो जाऊंगा गिरफ्तार!” विजयवर्गीय का बड़ा बयान, 38 केस का किया दावा
“बंगाल गया तो हो जाऊंगा गिरफ्तार!” विजयवर्गीय का बड़ा बयान, 38 केस का किया दावा
रतलाम (म.प्र.)
रतलाम में बोले मंत्री—पार्टी ने भी रोका, कहा ‘नया लफड़ा हो जाएगा’; ममता सरकार पर भी साधा निशाना
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल जाने से इनकार करते हुए कहा है कि वहां उनके खिलाफ 38 मामले दर्ज हैं और जाने पर उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। शनिवार रात रतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह दावा किया और बताया कि पार्टी ने भी उन्हें बंगाल चुनाव प्रचार से दूर रहने की सलाह दी है।
विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि वे इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके अनुसार, “मेरे खिलाफ कई वारंट हैं। अगर मैं वहां गया तो मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी नेतृत्व ने संभावित विवाद से बचने के लिए उन्हें बंगाल नहीं जाने की सलाह दी है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि वहां राजनीतिक माहौल असामान्य है और कई तरह के दबाव काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां काम करना चुनौतीपूर्ण रहा है।
रतलाम प्रवास के दौरान विजयवर्गीय ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि देश के प्रति सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, राष्ट्र और उसकी पहचान का सम्मान करना किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले विधेयक लाया जाएगा और उसके बाद इसे लागू किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण सरकारी अपडेट माना जा रहा है, जिस पर आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है।
विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अपने संबंधों को लेकर भी स्पष्ट किया कि उनके बीच अच्छे संबंध हैं और सरकार सामूहिक रूप से काम कर रही है। निगम-मंडलों में नियुक्तियों को फिलहाल रोके जाने की बात भी उन्होंने कही, जिसे चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।फिलहाल, विजयवर्गीय के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है ।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
“बंगाल गया तो हो जाऊंगा गिरफ्तार!” विजयवर्गीय का बड़ा बयान, 38 केस का किया दावा
रतलाम (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल जाने से इनकार करते हुए कहा है कि वहां उनके खिलाफ 38 मामले दर्ज हैं और जाने पर उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। शनिवार रात रतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने यह दावा किया और बताया कि पार्टी ने भी उन्हें बंगाल चुनाव प्रचार से दूर रहने की सलाह दी है।
विजयवर्गीय ने स्पष्ट कहा कि वे इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके अनुसार, “मेरे खिलाफ कई वारंट हैं। अगर मैं वहां गया तो मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी नेतृत्व ने संभावित विवाद से बचने के लिए उन्हें बंगाल नहीं जाने की सलाह दी है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि वहां राजनीतिक माहौल असामान्य है और कई तरह के दबाव काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां काम करना चुनौतीपूर्ण रहा है।
रतलाम प्रवास के दौरान विजयवर्गीय ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि देश के प्रति सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, राष्ट्र और उसकी पहचान का सम्मान करना किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले विधेयक लाया जाएगा और उसके बाद इसे लागू किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण सरकारी अपडेट माना जा रहा है, जिस पर आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा तेज हो सकती है।
विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अपने संबंधों को लेकर भी स्पष्ट किया कि उनके बीच अच्छे संबंध हैं और सरकार सामूहिक रूप से काम कर रही है। निगम-मंडलों में नियुक्तियों को फिलहाल रोके जाने की बात भी उन्होंने कही, जिसे चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।फिलहाल, विजयवर्गीय के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है ।
