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इंदौर दूषित पानी संकट: 45 मरीज अब भी भर्ती, 11 ICU में, किडनी-लिवर फेलियर से बढ़ी चिंता
इंदौर (म.प्र.)
भागीरथपुरा में 20 मौतों के बाद हालात धीरे सुधरे, आज से प्रदेशव्यापी ‘शुद्ध जल अभियान’ शुरू, सरकार ने कड़े निर्देश दिए
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद हालात धीरे-धीरे काबू में आते दिख रहे हैं, लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से हुई 20 मौतों के बाद अब भी 45 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 11 की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है, जबकि चार मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इन गंभीर मामलों में किडनी, लिवर और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी जटिलताएं सामने आई हैं, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक कुल 414 मरीज अस्पतालों में भर्ती कराए गए थे। इलाज के बाद 369 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया जा चुका है। शुक्रवार को ओपीडी में डायरिया के 15 नए मरीज पहुंचे, जिनमें से दो को भर्ती करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि नए मामलों की संख्या में कमी आई है, जो राहत की बात है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार देर शाम अपर मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी नीरज मंडलोई तथा इंदौर जिले के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया। इसके बाद एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद अधिकारियों ने घोषणा की कि 10 जनवरी से पूरे प्रदेश में ‘शुद्ध जल अभियान’ शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सभी जल स्रोतों की जांच, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता पर जोर दिया जाएगा। भागीरथपुरा की घटना को चेतावनी मानते हुए राज्यभर में जल आपूर्ति व्यवस्था की सतत समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत और निगरानी के लिए कई अहम निर्देश भी जारी किए हैं। अस्पतालों में इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और किसी भी मरीज से बिल नहीं लिया जाएगा। भागीरथपुरा में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही ‘अभियान विश्वास’ के जरिए आमजन का भरोसा बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
जल आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए मेन पाइपलाइन से जुड़े सभी सरकारी बोरवेल सील किए जा रहे हैं। क्षेत्र का ओवरहेड टैंक परीक्षण में सुरक्षित पाया गया है और 13 जनवरी से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय फिर शुरू करने की योजना है। एहतियातन उबालकर पानी पीने की सलाह अभी जारी रहेगी।
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