- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- पन्ना में बारिश के बाद मिला 16.96 कैरेट का ₹50 लाख से ज्यादा का हीरा
पन्ना में बारिश के बाद मिला 16.96 कैरेट का ₹50 लाख से ज्यादा का हीरा
Digital desk
पन्ना की एक खदान में बारिश के बाद 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। सरकारी वैल्युएशन में इसकी कीमत ₹50 लाख से अधिक आंकी गई है और इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। सरकारी वैल्युएशन में इसकी अनुमानित कीमत ₹50 लाख से अधिक आंकी गई है। हीरे को सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है और इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा।
नीलामी से प्राप्त रकम में से निर्धारित रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद शेष राशि खदान के पट्टेदारों को दी जाएगी।
बारिश के बाद मिला हीरा
खदान में यह हीरा सात साझेदारों अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा को मिला है।
अखिलेश पाल ने करीब दो साल पहले अपनी कृषि भूमि पर हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। शुरुआती प्रयास में खदान से कोई हीरा नहीं मिला था। इसके बाद इसी साल दोबारा पट्टा लेकर खनन का काम शुरू किया गया।
मंगलवार को बारिश के बाद साझेदार खदान से निकले मलबे और मिट्टी का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जांच के बाद उसे जेम क्वालिटी हीरा बताया गया।
₹50 लाख से ज्यादा कीमत
अधिकारियों के अनुसार, हीरे को अगली सरकारी नीलामी में रखा जाएगा। सरकारी वैल्युएशन में इसकी कीमत ₹50 लाख से अधिक निकली है।
हीरा मिलने से सातों साझेदार और उनके परिवार खुश हैं। सभी साझेदार मजदूरी और खेती से जुड़े काम करते हैं।
हीरे की रकम से होगी शादी
हीरा मिलने से संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत को खास राहत मिली है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण तीनों की अब तक शादी नहीं हुई है।
साझेदारों ने बताया कि हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा तीनों की शादी पर खर्च किया जाएगा।
वहीं, अन्य साझेदारों ने अपनी हिस्सेदारी से बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने की योजना बताई है।
2026 में 14 हीरे जमा
पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में वर्ष 2026 में अब तक 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं। इनका कुल वजन 61.94 कैरेट बताया गया है।
पन्ना अपने हीरा क्षेत्र के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां सरकारी पट्टों के माध्यम से छोटी खदानों में भी लोग हीरे की तलाश करते हैं।
दो दोस्तों को मिला था 15.34 कैरेट का हीरा
इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र की एक खदान से दो दोस्तों को 15.34 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था।
रानीगंज निवासी 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद ने संयुक्त रूप से खदान का पट्टा लिया था। हीरे की अनुमानित कीमत भी ₹50 लाख से अधिक बताई गई थी।
दोनों ने हीरे की बिक्री से मिलने वाली रकम से नई खदान शुरू करने की योजना बताई थी।
किसान को मिला था ₹10 लाख का हीरा
10 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र में ही किसान राजेंद्र सिंह बुंदेला की उथली खदान से 3.39 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹10 लाख बताई गई थी।
राजेंद्र सिंह खजुराहो के वार्ड नंबर 12 के निवासी हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें लकवा लग गया था। इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन वे ज्यादा शारीरिक मेहनत करने में सक्षम नहीं थे। इसके बाद उन्होंने हीरा खदान का पट्टा लिया था।
राजेंद्र ने बताया था कि हीरे से मिलने वाली रकम से वह अपना इलाज करा सकेंगे।
जून में मिला था ₹30 लाख का हीरा
29 जून 2026 को भी पन्ना के अहिरगवां क्षेत्र की एक खदान में 11.19 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई थी।
इस खदान में चार साझेदार थे—राकेश गौड़, उनके बड़े भाई राजू आदिवासी, जीजा रतन आदिवासी और खेत मालिक छुट्टो सरकार।
पन्ना में लगातार सामने आ रहे हीरे के मामले एक बार फिर जिले के हीरा खनन क्षेत्र की ओर ध्यान खींच रहे हैं, जहां छोटी खदानों में काम करने वाले पट्टेदारों की किस्मत कभी-कभी एक ही खोज से बदल जाती है।
पन्ना में बारिश के बाद मिला 16.96 कैरेट का ₹50 लाख से ज्यादा का हीरा
Digital desk
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। सरकारी वैल्युएशन में इसकी अनुमानित कीमत ₹50 लाख से अधिक आंकी गई है। हीरे को सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है और इसे अगली नीलामी में रखा जाएगा।
नीलामी से प्राप्त रकम में से निर्धारित रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद शेष राशि खदान के पट्टेदारों को दी जाएगी।
बारिश के बाद मिला हीरा
खदान में यह हीरा सात साझेदारों अखिलेश पाल, संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा को मिला है।
अखिलेश पाल ने करीब दो साल पहले अपनी कृषि भूमि पर हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। शुरुआती प्रयास में खदान से कोई हीरा नहीं मिला था। इसके बाद इसी साल दोबारा पट्टा लेकर खनन का काम शुरू किया गया।
मंगलवार को बारिश के बाद साझेदार खदान से निकले मलबे और मिट्टी का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया। जांच के बाद उसे जेम क्वालिटी हीरा बताया गया।
₹50 लाख से ज्यादा कीमत
अधिकारियों के अनुसार, हीरे को अगली सरकारी नीलामी में रखा जाएगा। सरकारी वैल्युएशन में इसकी कीमत ₹50 लाख से अधिक निकली है।
हीरा मिलने से सातों साझेदार और उनके परिवार खुश हैं। सभी साझेदार मजदूरी और खेती से जुड़े काम करते हैं।
हीरे की रकम से होगी शादी
हीरा मिलने से संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत को खास राहत मिली है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण तीनों की अब तक शादी नहीं हुई है।
साझेदारों ने बताया कि हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा तीनों की शादी पर खर्च किया जाएगा।
वहीं, अन्य साझेदारों ने अपनी हिस्सेदारी से बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने की योजना बताई है।
2026 में 14 हीरे जमा
पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में वर्ष 2026 में अब तक 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं। इनका कुल वजन 61.94 कैरेट बताया गया है।
पन्ना अपने हीरा क्षेत्र के लिए देशभर में जाना जाता है। यहां सरकारी पट्टों के माध्यम से छोटी खदानों में भी लोग हीरे की तलाश करते हैं।
दो दोस्तों को मिला था 15.34 कैरेट का हीरा
इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र की एक खदान से दो दोस्तों को 15.34 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था।
रानीगंज निवासी 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद ने संयुक्त रूप से खदान का पट्टा लिया था। हीरे की अनुमानित कीमत भी ₹50 लाख से अधिक बताई गई थी।
दोनों ने हीरे की बिक्री से मिलने वाली रकम से नई खदान शुरू करने की योजना बताई थी।
किसान को मिला था ₹10 लाख का हीरा
10 दिसंबर 2025 को कृष्णा कल्याणपुर पटी क्षेत्र में ही किसान राजेंद्र सिंह बुंदेला की उथली खदान से 3.39 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹10 लाख बताई गई थी।
राजेंद्र सिंह खजुराहो के वार्ड नंबर 12 के निवासी हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें लकवा लग गया था। इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन वे ज्यादा शारीरिक मेहनत करने में सक्षम नहीं थे। इसके बाद उन्होंने हीरा खदान का पट्टा लिया था।
राजेंद्र ने बताया था कि हीरे से मिलने वाली रकम से वह अपना इलाज करा सकेंगे।
जून में मिला था ₹30 लाख का हीरा
29 जून 2026 को भी पन्ना के अहिरगवां क्षेत्र की एक खदान में 11.19 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई थी।
इस खदान में चार साझेदार थे—राकेश गौड़, उनके बड़े भाई राजू आदिवासी, जीजा रतन आदिवासी और खेत मालिक छुट्टो सरकार।
पन्ना में लगातार सामने आ रहे हीरे के मामले एक बार फिर जिले के हीरा खनन क्षेत्र की ओर ध्यान खींच रहे हैं, जहां छोटी खदानों में काम करने वाले पट्टेदारों की किस्मत कभी-कभी एक ही खोज से बदल जाती है।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
