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भोपाल मेट्रो को मिली नई रफ्तार, आज से हर 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन
भोपाल,(म.प्र.)
सुभाष नगर से एम्स तक दोनों ट्रैक पर शुरू हुआ संचालन, रोजाना 50 ट्रिप चलेंगी; सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने से यात्रियों को मिलेगा तेज और बेहतर सफर।
भोपालवासियों के लिए शनिवार का दिन बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है। राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो गई है। शनिवार से सुभाष नगर और एम्स स्टेशन के बीच मेट्रो दोनों ट्रैक पर संचालित हो रही है। इसके साथ ही पीक ऑवर्स में यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध होगी। इससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार नए संचालन के तहत सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रतिदिन कुल 50 ट्रिप संचालित की जाएंगी। अब तक मेट्रो केवल एक ट्रैक पर चल रही थी, जिससे यात्रियों को करीब 75 मिनट तक अगली ट्रेन का इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों दिशाओं में नियमित रूप से चलेंगी और पीक समय में केवल 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। दिन के सामान्य समय में यह अंतराल 30 मिनट रहेगा।
भोपाल मेट्रो की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया था। अगले ही दिन से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई थी। शुरुआती चरण में सीमित संचालन होने के कारण केवल सिंगल ट्रैक का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने के बाद दोनों ट्रैक पर संचालन संभव हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत सुभाष नगर स्टेशन से पहली मेट्रो सुबह 9 बजे रवाना होगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों के प्रवेश द्वार पहली ट्रेन के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले खोल दिए जाएंगे, ताकि लोग आराम से स्टेशन में प्रवेश कर सकें, सुरक्षा जांच पूरी कर सकें और समय पर प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकें।
भोपाल मेट्रो में लागू किया गया नया सिग्नलिंग सिस्टम इसकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सिग्नलिंग सिस्टम उसकी रीढ़ होता है। यही सिस्टम ट्रेनों की गति नियंत्रित करता है, ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखता है और पूरे नेटवर्क के संचालन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाता है। इसी तकनीक की मदद से एक साथ दोनों ट्रैक पर सुरक्षित संचालन संभव हो पाया है।
मेट्रो कॉर्पोरेशन ने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 30 किलोमीटर के लिए करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसी सिस्टम के कारण अब ट्रेनों की संख्या बढ़ाना और उनके बीच का समय कम करना संभव हुआ है। आने वाले समय में मेट्रो संचालन को और अधिक तेज एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
इस नई तकनीक में वही आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था अपनाई गई है, जिसका उपयोग दिल्ली मेट्रो में किया जाता है। इससे ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी बढ़ेगी, परिचालन अधिक सुरक्षित होगा और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुसार सेवा का विस्तार करना भी आसान होगा।
यात्रियों को आकर्षित करने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने विशेष प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी भी लागू की है। इसके तहत रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत की छूट और ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके अलावा एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बोनस का लाभ मिलेगा।
रिचार्ज राशि के आधार पर 200 से 499 रुपये तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपये तक 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपये तक 12 प्रतिशत तथा 1500 से 2000 रुपये तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक बोनस दिया जाएगा। इससे डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को नकद भुगतान की आवश्यकता भी कम होगी।
टिकटिंग व्यवस्था को भी और बेहतर बनाया गया है। सभी प्रमुख स्टेशनों पर निर्धारित प्रवेश और निकास द्वारों पर मैनुअल टिकट काउंटर उपलब्ध रहेंगे। सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स स्टेशन पर यात्रियों को टिकट लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
मेट्रो सेवा में हुए इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ रोजाना कार्यालय, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। कम समय में ट्रेन उपलब्ध होने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल मेट्रो का यह नया चरण राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ शहर के और अधिक हिस्सों को इस सेवा से जोड़ने की योजना है।
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भोपाल मेट्रो को मिली नई रफ्तार, आज से हर 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन
भोपाल,(म.प्र.)
भोपालवासियों के लिए शनिवार का दिन बड़ी राहत और खुशखबरी लेकर आया है। राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो गई है। शनिवार से सुभाष नगर और एम्स स्टेशन के बीच मेट्रो दोनों ट्रैक पर संचालित हो रही है। इसके साथ ही पीक ऑवर्स में यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध होगी। इससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार नए संचालन के तहत सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रतिदिन कुल 50 ट्रिप संचालित की जाएंगी। अब तक मेट्रो केवल एक ट्रैक पर चल रही थी, जिससे यात्रियों को करीब 75 मिनट तक अगली ट्रेन का इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों दिशाओं में नियमित रूप से चलेंगी और पीक समय में केवल 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। दिन के सामान्य समय में यह अंतराल 30 मिनट रहेगा।
भोपाल मेट्रो की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया था। अगले ही दिन से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई थी। शुरुआती चरण में सीमित संचालन होने के कारण केवल सिंगल ट्रैक का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने के बाद दोनों ट्रैक पर संचालन संभव हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत सुभाष नगर स्टेशन से पहली मेट्रो सुबह 9 बजे रवाना होगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी स्टेशनों के प्रवेश द्वार पहली ट्रेन के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले खोल दिए जाएंगे, ताकि लोग आराम से स्टेशन में प्रवेश कर सकें, सुरक्षा जांच पूरी कर सकें और समय पर प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकें।
भोपाल मेट्रो में लागू किया गया नया सिग्नलिंग सिस्टम इसकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सिग्नलिंग सिस्टम उसकी रीढ़ होता है। यही सिस्टम ट्रेनों की गति नियंत्रित करता है, ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखता है और पूरे नेटवर्क के संचालन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाता है। इसी तकनीक की मदद से एक साथ दोनों ट्रैक पर सुरक्षित संचालन संभव हो पाया है।
मेट्रो कॉर्पोरेशन ने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 30 किलोमीटर के लिए करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया गया है। इसी सिस्टम के कारण अब ट्रेनों की संख्या बढ़ाना और उनके बीच का समय कम करना संभव हुआ है। आने वाले समय में मेट्रो संचालन को और अधिक तेज एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
इस नई तकनीक में वही आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था अपनाई गई है, जिसका उपयोग दिल्ली मेट्रो में किया जाता है। इससे ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी बढ़ेगी, परिचालन अधिक सुरक्षित होगा और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुसार सेवा का विस्तार करना भी आसान होगा।
यात्रियों को आकर्षित करने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने विशेष प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी भी लागू की है। इसके तहत रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत की छूट और ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके अलावा एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बोनस का लाभ मिलेगा।
रिचार्ज राशि के आधार पर 200 से 499 रुपये तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपये तक 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपये तक 12 प्रतिशत तथा 1500 से 2000 रुपये तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक बोनस दिया जाएगा। इससे डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को नकद भुगतान की आवश्यकता भी कम होगी।
टिकटिंग व्यवस्था को भी और बेहतर बनाया गया है। सभी प्रमुख स्टेशनों पर निर्धारित प्रवेश और निकास द्वारों पर मैनुअल टिकट काउंटर उपलब्ध रहेंगे। सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स स्टेशन पर यात्रियों को टिकट लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
मेट्रो सेवा में हुए इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ रोजाना कार्यालय, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। कम समय में ट्रेन उपलब्ध होने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भोपाल मेट्रो का यह नया चरण राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ शहर के और अधिक हिस्सों को इस सेवा से जोड़ने की योजना है।
