10 लेन सड़क परियोजना में पुनर्वास को प्राथमिकता, कोई परिवार बेघर नहीं होगा

भोपाल,(म.प्र.)

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नयापुरा सेंट्रल जेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावितों को वैकल्पिक भूमि देने के निर्देश, मंत्री विश्वास सारंग ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

भोपाल में प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप सड़क निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी के दौरान बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी गरीब परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि 10 लेन सड़क परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हालांकि सड़क निर्माण की जद में आने वाले कई परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति बन रही थी। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी थी। इसी के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को हटाने की जल्दबाजी नहीं की जाए। उनका कहना था कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उन्हें अचानक असुविधा में नहीं डाला जा सकता। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक नई जगह बसाया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से हो और लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए। साथ ही एनएचएआई और प्रशासन मिलकर सामान के स्थानांतरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए जिससे उसकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई या दैनिक जीवन प्रभावित हो।

क्षेत्र के लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कई परिवारों ने बताया कि वे लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे हैं और यदि उन्हें दूर बसाया गया तो रोजगार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस पर मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। उनका मानना है कि पुनर्वास केवल जमीन देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सड़क परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। इससे आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। लेकिन इसके साथ ही पुनर्वास की प्रक्रिया को संवेदनशील और मानवीय तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

इधर, हुजूर तहसील के अंतर्गत आने वाले कोल्हूखेड़ी और मीरपुर क्षेत्र में भी प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में चल रही इन कार्रवाइयों को लेकर प्रशासन का कहना है कि विकास परियोजनाओं और शासकीय भूमि संरक्षण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया किस तरह लागू होती है और प्रभावित परिवारों को कब तक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। 

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18 Jun 2026 By Vaishnavi.J

10 लेन सड़क परियोजना में पुनर्वास को प्राथमिकता, कोई परिवार बेघर नहीं होगा

भोपाल,(म.प्र.)

भोपाल में प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप सड़क निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी के दौरान बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी गरीब परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि 10 लेन सड़क परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हालांकि सड़क निर्माण की जद में आने वाले कई परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति बन रही थी। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी थी। इसी के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को हटाने की जल्दबाजी नहीं की जाए। उनका कहना था कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उन्हें अचानक असुविधा में नहीं डाला जा सकता। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक नई जगह बसाया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से हो और लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए। साथ ही एनएचएआई और प्रशासन मिलकर सामान के स्थानांतरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए जिससे उसकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई या दैनिक जीवन प्रभावित हो।

क्षेत्र के लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कई परिवारों ने बताया कि वे लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे हैं और यदि उन्हें दूर बसाया गया तो रोजगार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस पर मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। उनका मानना है कि पुनर्वास केवल जमीन देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सड़क परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। इससे आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। लेकिन इसके साथ ही पुनर्वास की प्रक्रिया को संवेदनशील और मानवीय तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

इधर, हुजूर तहसील के अंतर्गत आने वाले कोल्हूखेड़ी और मीरपुर क्षेत्र में भी प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में चल रही इन कार्रवाइयों को लेकर प्रशासन का कहना है कि विकास परियोजनाओं और शासकीय भूमि संरक्षण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया किस तरह लागू होती है और प्रभावित परिवारों को कब तक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/rehabilitation-will-be-given-priority-in-10-lane-road-project/article-56284

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