कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग: अंधविश्वास और कथित झूठे इलाज को लेकर भोपाल में शिकायत

भोपाल (म.प्र.)

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दलित पिछड़ा समाज संगठन ने पुलिस कमिश्नर और DGP को सौंपा आवेदन, समाज में हिंसा और स्वास्थ्य जोखिम फैलाने का आरोप

कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयानों और कथित गतिविधियों को लेकर भोपाल में विवाद तेज हो गया है। दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक और भोपाल पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपते हुए शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि उनके कथनों और दावों से समाज में अंधविश्वास फैल रहा है और लोगों की जान तक खतरे में पड़ रही है।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के कई सार्वजनिक बयान और वीडियो सोशल मीडिया व टीवी चैनलों पर मौजूद हैं, जिनमें चिकित्सा विज्ञान के विपरीत दावे किए गए हैं। यादव के मुताबिक, इन सामग्रियों को क्यूआर कोड के रूप में सबूत के तौर पर शिकायत के साथ संलग्न किया गया है।

DPSS का कहना है कि स्थानीय स्तर पर की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की गई। संगठन का आरोप है कि कथावाचक द्वारा कथित तौर पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज को लेकर भ्रामक दावे किए गए, जिससे लोग वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों से दूर हो रहे हैं।

दामोदर यादव ने कहा कि इस तरह के दावे न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बयानों से समाज में वैमनस्य और भय का माहौल बनता है। संगठन ने संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

शिकायत में एक महिला की मृत्यु का भी उल्लेख किया गया है, जिसके परिजनों ने कथित चमत्कारी उपचार के भरोसे नियमित चिकित्सा इलाज बंद कर दिया था। संगठन का दावा है कि यह मामला लापरवाही और गुमराह करने का गंभीर उदाहरण है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

भाषा और प्रतीकों से जुड़े एक हालिया बयान पर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। दामोदर यादव ने कहा कि तिरंगे से जुड़ी टिप्पणियां असंवैधानिक सोच को बढ़ावा देती हैं और देश संविधान से चलेगा, किसी धार्मिक या वैचारिक दबाव से नहीं।

इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को जांच का आश्वासन दिया है। DPSS का कहना है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं होती, तो संगठन उच्च न्यायालय का रुख करेगा। इसके साथ ही संगठन ने नागपुर से ग्वालियर तक एक जनजागरूकता यात्रा निकालने की भी घोषणा की है, जिसमें सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों का मुद्दा उठाया जाएगा।

फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। धीरेंद्र शास्त्री या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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