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भोपाल में युवा विधायकों का महासम्मेलन, आज होगा समापन, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश होंगे मुख्य अतिथि
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में आयोजित MP, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन आज समापन पर है। समापन सत्र में हरिवंश मुख्य अतिथि होंगे।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दो दिवसीय आयोजन का समापन आज होने जा रहा है, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में तीनों राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने अनुभव और विचार साझा किए।
समापन सत्र में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
आज के समापन सत्र में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह की उपस्थिति भी रहेगी। सम्मेलन का उद्देश्य युवा विधायकों के बीच संवाद स्थापित करना और उन्हें प्रभावी नेतृत्व के लिए तैयार करना रहा है। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें लोकतंत्र की मजबूती, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और शासन की चुनौतियां शामिल रहीं।
पहले दिन सीएम ने किया उद्घाटन
सम्मेलन का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था। उनके साथ मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस आयोजन में करीब 50 युवा विधायक शामिल हुए।
राजनीति में अनुशासन और मर्यादा पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विनम्रता और अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ-साथ कमियों को भी समझना चाहिए, ताकि विकास कार्यों को बेहतर दिशा दी जा सके। उन्होंने भारत के अमृतकाल की ओर बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की प्रगति को देख रही है।
छात्र राजनीति को लेकर उठी मांग
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सम्मेलन में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति नेतृत्व की पहली सीढ़ी होती है और युवाओं में बदलाव की सोच यहीं से विकसित होती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही नेतृत्व के अवसर मिलें।
समापन के बाद उज्जैन जाएंगे विधायक
सम्मेलन के समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन के लिए रवाना होंगे, जहां वे भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक जुड़ाव का अवसर होगा, बल्कि आपसी समन्वय को भी मजबूत करेगा।
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भोपाल में युवा विधायकों का महासम्मेलन, आज होगा समापन, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश होंगे मुख्य अतिथि
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दो दिवसीय आयोजन का समापन आज होने जा रहा है, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में तीनों राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने अनुभव और विचार साझा किए।
समापन सत्र में दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
आज के समापन सत्र में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह की उपस्थिति भी रहेगी। सम्मेलन का उद्देश्य युवा विधायकों के बीच संवाद स्थापित करना और उन्हें प्रभावी नेतृत्व के लिए तैयार करना रहा है। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें लोकतंत्र की मजबूती, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और शासन की चुनौतियां शामिल रहीं।
पहले दिन सीएम ने किया उद्घाटन
सम्मेलन का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था। उनके साथ मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस आयोजन में करीब 50 युवा विधायक शामिल हुए।
राजनीति में अनुशासन और मर्यादा पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए विनम्रता और अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ-साथ कमियों को भी समझना चाहिए, ताकि विकास कार्यों को बेहतर दिशा दी जा सके। उन्होंने भारत के अमृतकाल की ओर बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की प्रगति को देख रही है।
छात्र राजनीति को लेकर उठी मांग
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सम्मेलन में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति नेतृत्व की पहली सीढ़ी होती है और युवाओं में बदलाव की सोच यहीं से विकसित होती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही नेतृत्व के अवसर मिलें।
समापन के बाद उज्जैन जाएंगे विधायक
सम्मेलन के समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन के लिए रवाना होंगे, जहां वे भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक जुड़ाव का अवसर होगा, बल्कि आपसी समन्वय को भी मजबूत करेगा।
