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कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में शुरू हुई पूजा, परिसर में गूंजे मंत्रोच्चार और हनुमान चालीसा
धार (म.प्र.)
धार भोजशाला में हाईकोर्ट फैसले के बाद पहली बार पूजा शुरू। श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा पढ़ी, प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
मध्य प्रदेश के धार जिले में मौजूद ऐतिहासिक स्थल भोजशाला फिर से सुर्खियों में है, क्योंकि शनिवार को लंबे विवाद के बाद पहली बार पूजा-अर्चना शुरू हुई। हाल ही में आए नतीजे ने यहां का माहौल पूरी तरह बदल दिया, और सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर में आने लगे। पूरे परिसर में “भोजशाला पूजा” को लेकर खासा उत्साह था, और लोग विधिपूर्वक आराधना में शामिल हो रहे थे। सुबह के वक्त मंदिर के परिसर में घंटियों की आवाज और हनुमान चालीसा की मंत्र गूंजती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सालों बाद ऐसा नजारा देखने को मिला है, जब परिसर में खुलकर पूजा-पाठ हो रहा है। भीड़ बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने निगरानी भी सख्त कर दी थी।
शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु एक साथ भोजशाला परिसर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना की विधिवत शुरुआत हुई, और मंत्रोच्चार के बीच हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं में “भोजशाला पूजा” को लेकर विशेष उत्साह था, और लोग इसे एक ऐतिहासिक क्षण मान रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह पहली बड़ी आराधना है, इसलिए आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आए। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल पहले से मौजूद था, और पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। किसी भी स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौकस थी ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
यह पूरा मामला हाल ही में आए एक फैसले से जुड़ा है, जिसमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को लेकर अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर यह परिसर धार्मिक दृष्टि से मंदिर के रूप में माना जाता है, और यहां सरस्वती देवी की उपासना के प्रमाण मिलते हैं। इसी फैसले के बाद परिसर में पूजा-अर्चना की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। शुक्रवार को दिए गए आदेश के बाद पुरानी व्यवस्था बदल गई, जिससे दोनों पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती जारी है। आने वाले दिनों में यहां स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, हालांकि यह मामला स्थानीय स्तर पर अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में शुरू हुई पूजा, परिसर में गूंजे मंत्रोच्चार और हनुमान चालीसा
धार (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के धार जिले में मौजूद ऐतिहासिक स्थल भोजशाला फिर से सुर्खियों में है, क्योंकि शनिवार को लंबे विवाद के बाद पहली बार पूजा-अर्चना शुरू हुई। हाल ही में आए नतीजे ने यहां का माहौल पूरी तरह बदल दिया, और सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर में आने लगे। पूरे परिसर में “भोजशाला पूजा” को लेकर खासा उत्साह था, और लोग विधिपूर्वक आराधना में शामिल हो रहे थे। सुबह के वक्त मंदिर के परिसर में घंटियों की आवाज और हनुमान चालीसा की मंत्र गूंजती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सालों बाद ऐसा नजारा देखने को मिला है, जब परिसर में खुलकर पूजा-पाठ हो रहा है। भीड़ बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने निगरानी भी सख्त कर दी थी।
शनिवार सुबह भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु एक साथ भोजशाला परिसर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना की विधिवत शुरुआत हुई, और मंत्रोच्चार के बीच हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं में “भोजशाला पूजा” को लेकर विशेष उत्साह था, और लोग इसे एक ऐतिहासिक क्षण मान रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह पहली बड़ी आराधना है, इसलिए आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आए। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल पहले से मौजूद था, और पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। किसी भी स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौकस थी ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
यह पूरा मामला हाल ही में आए एक फैसले से जुड़ा है, जिसमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को लेकर अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर यह परिसर धार्मिक दृष्टि से मंदिर के रूप में माना जाता है, और यहां सरस्वती देवी की उपासना के प्रमाण मिलते हैं। इसी फैसले के बाद परिसर में पूजा-अर्चना की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। शुक्रवार को दिए गए आदेश के बाद पुरानी व्यवस्था बदल गई, जिससे दोनों पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती जारी है। आने वाले दिनों में यहां स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, हालांकि यह मामला स्थानीय स्तर पर अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
