भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक आजीविका ग्रीन मेला, जैविक उत्पादों और महिला समूहों की भागीदारी आकर्षण का केंद्र

भोपाल (म.प्र.)

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रसायनमुक्त खेती, पौधों, फल-सब्जियों और हर्बल पेय के साथ तीन दिन तक चलेगा हरित आजीविका उत्सव

राजधानी भोपाल में पर्यावरण, स्वास्थ्य और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय आजीविका ग्रीन मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेला भोपाल हाट परिसर में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वावधान में लगेगा, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां अपने रसायनमुक्त उत्पादों के साथ मौजूद रहेंगी।

मेले में पौधे, फल, सब्जियां, जैविक अनाज, बीज, खाद, कीटनाशक और बागवानी सामग्री के करीब 40 स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, मंदसौर, विदिशा, ग्वालियर, राजगढ़, सागर, श्योपुर, आगर-मालवा, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर और गुना जिलों से महिला समूह इस मेले में भाग ले रहे हैं। यह मेला हर दिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा।

क्या मिलेगा मेले में
ग्रीन मेले में शोभादार पौधों में गुलाब, सेवंती और डहेलिया उपलब्ध रहेंगे। आस्था से जुड़े पौधों में तुलसी, शमी और बेल शामिल हैं। सब्जी पौधों में टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी और ग्राफ्टेड बैंगन खास आकर्षण होंगे। इसके अलावा उन्नत किस्म के फलदार पौधों जैसे ग्राफ्टेड आम, अमरूद (थाई पिंक), बीजरहित नींबू, संतरा, चीकू और अनार भी खरीदे जा सकेंगे।

जैविक खेती को बढ़ावा
मेले में जैविक खेती से जुड़ी सामग्री भी प्रमुख रूप से उपलब्ध रहेगी। इसमें केंचुआ खाद, नाडेप खाद, धनजीवामृत, द्रव जीवामृत और जैविक कीटनाशकों जैसे नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्नि अस्त्र, पंचपर्णी और दशपर्णी काढ़ा शामिल हैं। एकीकृत कीट नियंत्रण के लिए नीले-पीले स्टिकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप और लाइट ट्रैप भी स्टॉलों पर मिलेंगे।

ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मंच
आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस मेले का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को सीधा बाजार उपलब्ध कराना और शहरी उपभोक्ताओं को सुरक्षित, रसायनमुक्त उत्पादों से जोड़ना है। मिट्टी और गोबर के गमले, नर्सरी सामग्री, रूट ट्रे, कोको पीट और बागवानी के छोटे उपकरण भी मेले में उपलब्ध रहेंगे।

स्वास्थ्य और स्वाद का मेल
मेले में आने वाले लोगों के लिए ताजे जूस, फ्रूट सलाद और हर्बल पेय भी खास आकर्षण होंगे। आयोजकों का कहना है कि यह ग्रीन मेला न सिर्फ खरीदारी का अवसर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और ग्रामीण सशक्तिकरण का संदेश भी देता है।

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