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भोपाल में मेल नर्स की मौत: एनेस्थीसिया ओवरडोज का शक, कमरे से इंजेक्शन बरामद, पुलिस की जांच शुरू
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल के भानपुर इलाके में 26 वर्षीय मेल नर्स की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। कमरे से इंजेक्शन और सिरिंज मिलने के बाद एनेस्थीसिया ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।
भोपाल में एक युवा मेल नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। भोपाल के भानपुर क्षेत्र में रहने वाले 26 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना शुक्रवार सुबह सामने आई, जब उसके बड़े भाई ने उसे जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा।
भाई ने कई बार आवाज लगाई, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
भानपुर के कमरे में अकेले रहता था युवक
मृतक की पहचान दुर्गेश अहिरवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से विदिशा जिले के कुरवाई का निवासी था। पिछले छह वर्षों से वह भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह बी फार्मेसी के अंतिम वर्ष का छात्र था और साथ ही एक निजी नर्सिंग होम में नौकरी भी करता था।
दुर्गेश भानपुर के पटेल नगर इलाके में किराए के कमरे में रहता था। खास बात यह है कि उसके ठीक बगल वाले कमरे में उसकी बहन और बहनोई रहते थे, लेकिन घटना के समय वे दोनों घर पर मौजूद नहीं थे।
कमरे से मिला इंजेक्शन और सिरिंज
पुलिस को मौके से एक इंजेक्शन और सिरिंज बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवक ने एनेस्थीसिया का अधिक मात्रा में उपयोग किया। इन वस्तुओं को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट नहीं मिलने से बढ़ी गुत्थी
घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल व अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पुलिस प्रेम प्रसंग, पारिवारिक स्थिति और कार्यस्थल पर किसी प्रकार के दबाव या प्रताड़ना के एंगल से भी जांच कर रही है।
परिजनों ने जताई अनभिज्ञता
परिवार के सदस्यों का कहना है कि दुर्गेश ने कभी किसी तनाव या परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह सामान्य व्यवहार करता था और अपनी पढ़ाई व नौकरी पर ध्यान देता था। अचानक उठाए गए इस कदम ने सभी को हैरान कर दिया है।
पुलिस जांच जारी
स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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भोपाल में मेल नर्स की मौत: एनेस्थीसिया ओवरडोज का शक, कमरे से इंजेक्शन बरामद, पुलिस की जांच शुरू
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में एक युवा मेल नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। भोपाल के भानपुर क्षेत्र में रहने वाले 26 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना शुक्रवार सुबह सामने आई, जब उसके बड़े भाई ने उसे जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा।
भाई ने कई बार आवाज लगाई, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
भानपुर के कमरे में अकेले रहता था युवक
मृतक की पहचान दुर्गेश अहिरवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से विदिशा जिले के कुरवाई का निवासी था। पिछले छह वर्षों से वह भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह बी फार्मेसी के अंतिम वर्ष का छात्र था और साथ ही एक निजी नर्सिंग होम में नौकरी भी करता था।
दुर्गेश भानपुर के पटेल नगर इलाके में किराए के कमरे में रहता था। खास बात यह है कि उसके ठीक बगल वाले कमरे में उसकी बहन और बहनोई रहते थे, लेकिन घटना के समय वे दोनों घर पर मौजूद नहीं थे।
कमरे से मिला इंजेक्शन और सिरिंज
पुलिस को मौके से एक इंजेक्शन और सिरिंज बरामद हुआ है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवक ने एनेस्थीसिया का अधिक मात्रा में उपयोग किया। इन वस्तुओं को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट नहीं मिलने से बढ़ी गुत्थी
घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल व अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है।
पुलिस प्रेम प्रसंग, पारिवारिक स्थिति और कार्यस्थल पर किसी प्रकार के दबाव या प्रताड़ना के एंगल से भी जांच कर रही है।
परिजनों ने जताई अनभिज्ञता
परिवार के सदस्यों का कहना है कि दुर्गेश ने कभी किसी तनाव या परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह सामान्य व्यवहार करता था और अपनी पढ़ाई व नौकरी पर ध्यान देता था। अचानक उठाए गए इस कदम ने सभी को हैरान कर दिया है।
पुलिस जांच जारी
स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
