MP में पुलिस नहीं, कैमरे काट रहे चालान, 3 साल में 32 लाख ई-चालान, कागजी चालान लगभग खत्म

मध्य प्रदेश

By Rohit.P
On

मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई अब तेजी से डिजिटल हो रही है। पिछले तीन वर्षों में करीब 32 लाख ई-चालान जारी किए गए हैं।

मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब सड़कों पर खड़े पुलिसकर्मियों की जगह कैमरों और डिजिटल सिस्टम ने ले ली है। बीते तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में लाखों चालान अब ई-चालान प्रणाली के जरिए किए जा रहे हैं, जिससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग पूरी तरह तकनीक आधारित होती जा रही है।

डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ता ट्रैफिक नियंत्रण

प्रदेश में ट्रैफिक प्रबंधन अब आधुनिक तकनीक पर आधारित हो गया है। पहले जहां पुलिसकर्मी मौके पर वाहन रोककर चालान करते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए हो रही है। कैमरे, सॉफ्टवेयर और सरकारी डाटाबेस मिलकर नियम तोड़ने वालों की पहचान करते हैं और बिना किसी देरी के चालान जारी कर देते हैं।

तीन साल में तेजी से बढ़े ई-चालान

आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ई-चालान की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साल 2023 में जहां ई-चालानों की संख्या सीमित थी, वहीं 2024 और 2025 में इसमें तेज उछाल देखने को मिला। कुल मिलाकर करीब 32 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं, जो इस डिजिटल सिस्टम की बढ़ती पकड़ को दर्शाते हैं।

कागजी चालान अब लगभग खत्म

मैन्युअल या कागजी चालान की व्यवस्था अब लगभग समाप्ति की ओर है। पिछले कुछ वर्षों में इनके आंकड़ों में लगातार गिरावट आई है। इससे साफ है कि ट्रैफिक विभाग अब पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर होता जा रहा है।

कैसे काम करता है ई-चालान सिस्टम

ई-चालान की प्रक्रिया सड़कों और चौराहों पर लगे हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों से शुरू होती है। ये कैमरे दिन-रात निगरानी करते हैं। जैसे ही कोई वाहन चालक नियम तोड़ता है, कैमरा उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर वाहन नंबर को पढ़कर सरकारी डेटाबेस से जानकारी निकालता है। इसके आधार पर चालान अपने आप तैयार हो जाता है और वाहन मालिक को इसकी सूचना भेज दी जाती है।

गलत चालान पर आपत्ति का विकल्प

सरकार ने इस सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिकायत का विकल्प भी दिया है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह निर्धारित समय में ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। आवश्यक होने पर न्यायिक प्रक्रिया के जरिए भी मामला उठाया जा सकता है।

कैमरों के कारण बढ़ी निगरानी

प्रदेश में कैमरों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। शहरों और हाईवे पर निगरानी बढ़ने से ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना आसान हो गया है। अब चालक के सामने पुलिसकर्मी हो या न हो, नियम तोड़ने पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।

किन कारणों से कटते हैं ज्यादा चालान

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के प्रमुख कारणों में रेड लाइट पार करना, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, गलत दिशा में ड्राइविंग, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग शामिल हैं। इसके अलावा वैध दस्तावेजों की कमी भी चालान का बड़ा कारण बनती है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
27 Mar 2026 By Rohit.P

MP में पुलिस नहीं, कैमरे काट रहे चालान, 3 साल में 32 लाख ई-चालान, कागजी चालान लगभग खत्म

मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब सड़कों पर खड़े पुलिसकर्मियों की जगह कैमरों और डिजिटल सिस्टम ने ले ली है। बीते तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में लाखों चालान अब ई-चालान प्रणाली के जरिए किए जा रहे हैं, जिससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग पूरी तरह तकनीक आधारित होती जा रही है।

डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ता ट्रैफिक नियंत्रण

प्रदेश में ट्रैफिक प्रबंधन अब आधुनिक तकनीक पर आधारित हो गया है। पहले जहां पुलिसकर्मी मौके पर वाहन रोककर चालान करते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए हो रही है। कैमरे, सॉफ्टवेयर और सरकारी डाटाबेस मिलकर नियम तोड़ने वालों की पहचान करते हैं और बिना किसी देरी के चालान जारी कर देते हैं।

तीन साल में तेजी से बढ़े ई-चालान

आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ई-चालान की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साल 2023 में जहां ई-चालानों की संख्या सीमित थी, वहीं 2024 और 2025 में इसमें तेज उछाल देखने को मिला। कुल मिलाकर करीब 32 लाख से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं, जो इस डिजिटल सिस्टम की बढ़ती पकड़ को दर्शाते हैं।

कागजी चालान अब लगभग खत्म

मैन्युअल या कागजी चालान की व्यवस्था अब लगभग समाप्ति की ओर है। पिछले कुछ वर्षों में इनके आंकड़ों में लगातार गिरावट आई है। इससे साफ है कि ट्रैफिक विभाग अब पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर होता जा रहा है।

कैसे काम करता है ई-चालान सिस्टम

ई-चालान की प्रक्रिया सड़कों और चौराहों पर लगे हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों से शुरू होती है। ये कैमरे दिन-रात निगरानी करते हैं। जैसे ही कोई वाहन चालक नियम तोड़ता है, कैमरा उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर वाहन नंबर को पढ़कर सरकारी डेटाबेस से जानकारी निकालता है। इसके आधार पर चालान अपने आप तैयार हो जाता है और वाहन मालिक को इसकी सूचना भेज दी जाती है।

गलत चालान पर आपत्ति का विकल्प

सरकार ने इस सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिकायत का विकल्प भी दिया है। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह निर्धारित समय में ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है। आवश्यक होने पर न्यायिक प्रक्रिया के जरिए भी मामला उठाया जा सकता है।

कैमरों के कारण बढ़ी निगरानी

प्रदेश में कैमरों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। शहरों और हाईवे पर निगरानी बढ़ने से ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना आसान हो गया है। अब चालक के सामने पुलिसकर्मी हो या न हो, नियम तोड़ने पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।

किन कारणों से कटते हैं ज्यादा चालान

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के प्रमुख कारणों में रेड लाइट पार करना, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, गलत दिशा में ड्राइविंग, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग शामिल हैं। इसके अलावा वैध दस्तावेजों की कमी भी चालान का बड़ा कारण बनती है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/in-mp-there-are-no-police-no-cameras-they-are/article-49286

खबरें और भी हैं

जैकसन ग्रुप ने सस्टेनेबल भविष्य को गति प्रदान करने के लिए सौरव गांगुली के साथ की साझेदारी

टाप न्यूज

जैकसन ग्रुप ने सस्टेनेबल भविष्य को गति प्रदान करने के लिए सौरव गांगुली के साथ की साझेदारी

अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत बनाने और सस्टेनेबल विकास को बढ़ावा देने के लिए, जैक्सन ग्रुप ने अपना पहला ब्रांड...
देश विदेश 
जैकसन ग्रुप ने सस्टेनेबल भविष्य को गति प्रदान करने के लिए सौरव गांगुली के साथ की साझेदारी

भोपाल में एम्स के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग का छज्जा गिरा, 8 घायल, 23 की हालत गंभीर

भोपाल में एम्स के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग का छज्जा गिर गया, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। 35 साल पुराने...
मध्य प्रदेश  भोपाल 
भोपाल में एम्स के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग का छज्जा गिरा, 8 घायल, 23 की हालत गंभीर

MP में पुलिस नहीं, कैमरे काट रहे चालान, 3 साल में 32 लाख ई-चालान, कागजी चालान लगभग खत्म

मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई अब तेजी से डिजिटल हो रही है। पिछले तीन वर्षों में करीब...
मध्य प्रदेश 
MP में पुलिस नहीं, कैमरे काट रहे चालान, 3 साल में 32 लाख ई-चालान, कागजी चालान लगभग खत्म

धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस धमाका, 1067 करोड़ कमाई के साथ बनी 8वीं सबसे बड़ी फिल्म, पठान का रिकॉर्ड तोड़ा

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। फिल्म ने...
बालीवुड 
धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस धमाका, 1067 करोड़ कमाई के साथ बनी 8वीं सबसे बड़ी फिल्म, पठान का रिकॉर्ड तोड़ा

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.