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MP शिक्षक भर्ती 2025: हाईकोर्ट का फैसला, फिर से बनेगी मेरिट लिस्ट
Digital desk
MP हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में 5% RCI बोनस अंकों के विवाद पर नई मेरिट सूची जारी करने के आदेश दिए हैं। अपात्र अभ्यर्थी होंगे बाहर।
MP शिक्षक भर्ती 2025: 5% बोनस अंकों के विवाद पर हाईकोर्ट का आदेश, नए सिरे से बनेगी मेरिट सूची
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त योग्यता के दावों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और नई मेरिट सूची तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने एकलपीठ (जस्टिस विशाल मिश्रा) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को RCI योग्यता के आधार पर 5% बोनस अंक का दावा करने वाले अभ्यर्थियों की पुनर्जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
यह पूरा विवाद प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
बोनस अंक पर कैसे शुरू हुआ विवाद?
भर्ती नियमों के तहत RCI से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा (Special Education) में डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में 5% अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान था।
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दावेदारों की संख्या: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय लगभग 14,964 उम्मीदवारों ने RCI कॉलम में 'हां' का विकल्प चुनकर 5% बोनस अंक प्राप्त कर लिए।
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RCI का वास्तविक आंकड़ा: याचिकाओं में RCI के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि राज्य में केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं।
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बिना सत्यापन अंक वितरण: सॉफ्टवेयर के माध्यम से केवल 'Self Declaration' के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए।
कोर्ट ने खारिज किया 'गलती से चयन' का तर्क
कुछ उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए तर्क दिया था कि उन्होंने फॉर्म भरते समय गलती से 'हां' का विकल्प चुन लिया था। उन्होंने मांग की थी कि उनके बोनस अंक हटाकर उन्हें उनके मूल परीक्षा अंकों के आधार पर चयन प्रक्रिया में बने रहने दिया जाए।
डिवीजन बेंच ने एकलपीठ की तल्ख टिप्पणी को दोहराते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना था कि अभ्यर्थियों को संशोधन के कई अवसर (Correction Windows) दिए गए थे। परिणाम घोषित होने के बाद गलत जानकारी से प्राप्त लाभ को बनाए रखने की अनुमति देना ईमानदारी से नियम मानने वाले उम्मीदवारों को दंडित करने के समान होगा।
आगे क्या होगा?
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प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन: MPESB उन सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच करेगा जिन्होंने 5% बोनस अंक का दावा किया है।
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अपात्रों की बेदखली: जो अभ्यर्थी RCI मान्यता प्राप्त वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उन्हें 5% बोनस अंक के लाभ से वंचित करते हुए प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा।
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नई मेरिट सूची: सत्यापन के बाद प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की एक संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर ही अंतिम नियुक्तियां की जाएंगी।
MP शिक्षक भर्ती 2025: हाईकोर्ट का फैसला, फिर से बनेगी मेरिट लिस्ट
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MP शिक्षक भर्ती 2025: 5% बोनस अंकों के विवाद पर हाईकोर्ट का आदेश, नए सिरे से बनेगी मेरिट सूची
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त योग्यता के दावों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और नई मेरिट सूची तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने एकलपीठ (जस्टिस विशाल मिश्रा) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को RCI योग्यता के आधार पर 5% बोनस अंक का दावा करने वाले अभ्यर्थियों की पुनर्जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
यह पूरा विवाद प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।
बोनस अंक पर कैसे शुरू हुआ विवाद?
भर्ती नियमों के तहत RCI से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा (Special Education) में डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में 5% अतिरिक्त बोनस अंक दिए जाने का प्रावधान था।
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दावेदारों की संख्या: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय लगभग 14,964 उम्मीदवारों ने RCI कॉलम में 'हां' का विकल्प चुनकर 5% बोनस अंक प्राप्त कर लिए।
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RCI का वास्तविक आंकड़ा: याचिकाओं में RCI के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि राज्य में केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं।
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बिना सत्यापन अंक वितरण: सॉफ्टवेयर के माध्यम से केवल 'Self Declaration' के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए।
कोर्ट ने खारिज किया 'गलती से चयन' का तर्क
कुछ उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए तर्क दिया था कि उन्होंने फॉर्म भरते समय गलती से 'हां' का विकल्प चुन लिया था। उन्होंने मांग की थी कि उनके बोनस अंक हटाकर उन्हें उनके मूल परीक्षा अंकों के आधार पर चयन प्रक्रिया में बने रहने दिया जाए।
डिवीजन बेंच ने एकलपीठ की तल्ख टिप्पणी को दोहराते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना था कि अभ्यर्थियों को संशोधन के कई अवसर (Correction Windows) दिए गए थे। परिणाम घोषित होने के बाद गलत जानकारी से प्राप्त लाभ को बनाए रखने की अनुमति देना ईमानदारी से नियम मानने वाले उम्मीदवारों को दंडित करने के समान होगा।
आगे क्या होगा?
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प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन: MPESB उन सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच करेगा जिन्होंने 5% बोनस अंक का दावा किया है।
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अपात्रों की बेदखली: जो अभ्यर्थी RCI मान्यता प्राप्त वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उन्हें 5% बोनस अंक के लाभ से वंचित करते हुए प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा।
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नई मेरिट सूची: सत्यापन के बाद प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की एक संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर ही अंतिम नियुक्तियां की जाएंगी।
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