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मध्य प्रदेश में बारिश का रेड अलर्ट, 35 से ज्यादा जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी
मध्य प्रदेश
मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे बेहद अहम, कई जिलों में 4 इंच तक बारिश, नदियों-नालों के उफान पर आने की आशंका।
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपर बने मजबूत मानसूनी सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 35 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण वातावरण में नमी लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि अधिकांश जिलों में बादलों का घना डेरा बना हुआ है और कई इलाकों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अभी अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रह सकता है, जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव, छोटे पुल-पुलियों पर पानी आने और नदियों-नालों के उफान पर पहुंचने की आशंका है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, सीहोर, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, धार, अलीराजपुर और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में भी झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली।
वर्तमान में मानसून ट्रफ प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इसके साथ सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहा है। यही कारण है कि बारिश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यदि यह सिस्टम अगले 48 घंटे तक सक्रिय रहता है तो कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।
लगातार बारिश का असर नदी-नालों और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर छोटे नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि बांधों और जलाशयों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे फसलों की बढ़वार को फायदा मिलेगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होगी वहां जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक ड्राइविंग करने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम, पंचायत और संबंधित विभागों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। स्कूलों और कॉलेजों के लिए भी स्थानीय प्रशासन परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय ले सकता है।
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मध्य प्रदेश में बारिश का रेड अलर्ट, 35 से ज्यादा जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपर बने मजबूत मानसूनी सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 35 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण वातावरण में नमी लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि अधिकांश जिलों में बादलों का घना डेरा बना हुआ है और कई इलाकों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अभी अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रह सकता है, जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव, छोटे पुल-पुलियों पर पानी आने और नदियों-नालों के उफान पर पहुंचने की आशंका है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, सीहोर, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, धार, अलीराजपुर और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में भी झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली।
वर्तमान में मानसून ट्रफ प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इसके साथ सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहा है। यही कारण है कि बारिश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यदि यह सिस्टम अगले 48 घंटे तक सक्रिय रहता है तो कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।
लगातार बारिश का असर नदी-नालों और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर छोटे नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि बांधों और जलाशयों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे फसलों की बढ़वार को फायदा मिलेगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होगी वहां जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक ड्राइविंग करने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम, पंचायत और संबंधित विभागों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। स्कूलों और कॉलेजों के लिए भी स्थानीय प्रशासन परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय ले सकता है।
