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खेत से लौटी किशोरी के कान में घुसा बिच्छू, डॉक्टर ने निकाला जिंदा
Sandeep Patel
धार के वेकलिया गांव में 15 वर्षीय किशोरी के कान में छोटा बिच्छू घुस गया। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
मध्य प्रदेश के धार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बाग क्षेत्र के वेकलिया गांव में 15 वर्षीय किशोरी के कान में छोटा बिच्छू घुस गया। परिवार के अनुसार, वह घर में घास और चारे का गट्ठर संभाल रही थी, तभी उसे कान में कुछ घुसने और हलचल महसूस हुई।
परिजनों ने शुरुआत में इसे सामान्य कीड़ा समझा और उसे निकालने की कोशिश की। करीब एक घंटे तक परेशानी बनी रहने के बाद किशोरी को बाग के चिकित्सक डॉ. आरके शिंदे के पास ले जाया गया। कान की जांच के दौरान डॉक्टर को अंदर जीव दिखाई दिया। सावधानी से निकालने पर वह छोटा बिच्छू निकला।
कान में महसूस हुई हलचल
रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी को अचानक कान में कुछ चलने जैसा महसूस हुआ। इसके बाद दर्द और असहजता बढ़ गई।
परिवार ने इसे किसी छोटे कीड़े के कान में जाने की आशंका माना। जब घरेलू प्रयास से राहत नहीं मिली तो उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया।
जांच में दिखी बिच्छू की पूंछ
डॉक्टर ने कान की जांच की तो भीतर किसी जीव की मौजूदगी दिखाई दी। रिपोर्टों के मुताबिक, कान के अंदर से बिच्छू की हल्की पूंछ दिखाई दे रही थी।
चिकित्सक ने सावधानी से उसे बाहर निकाला। इसके बाद परिवार को पता चला कि कान में सामान्य कीड़ा नहीं, बल्कि छोटा बिच्छू था।
घास के संपर्क से पहुंचा
परिवार के अनुसार, घटना उस समय हुई जब किशोरी घास और चारे का काम कर रही थी। हालांकि बिच्छू कान के अंदर किस तरह पहुंचा, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय रिपोर्टों में घास के गट्ठर और घर के सामान के संपर्क को संभावित परिस्थिति के तौर पर बताया गया है।
समय पर मिली चिकित्सा
परिजन किशोरी को करीब एक घंटे बाद डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने कान की जांच कर जीव को बाहर निकाला और आवश्यक उपचार दिया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के बाद बिच्छू को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना के बाद किशोरी और उसके परिवार वाले भी हैरान रह गए।
कान में कीड़ा जाना आम बात
कान में छोटा कीड़ा चले जाने की घटनाएं ग्रामीण और खुले वातावरण में काम करने वाले लोगों के साथ कभी-कभी सामने आती हैं। लेकिन कान के भीतर बिच्छू का पहुंचना असामान्य स्थिति है।
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि व्यक्ति घबराकर कान में कोई वस्तु डालने या खुद कीड़ा निकालने की कोशिश न करे।
खुद निकालने की कोशिश न करें
कान के अंदर पिन, माचिस की तीली या चिमटी डालने से कान की नली और पर्दे को चोट लग सकती है। इसी तरह बिना चिकित्सकीय सलाह के तेल, पानी या कोई रसायन डालना भी उचित नहीं है।
अगर कान में किसी जीव के होने का संदेह हो, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना सुरक्षित विकल्प है।
कान में कीड़ा घुस जाए तो क्या करें?
क्या करें:
- कान में पिन, तीली या चिमटी न डालें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के तेल या कोई रसायन न डालें।
- कान को बार-बार न खुजलाएं।
- दर्द, हलचल, खून आने या सुनाई कम देने पर तुरंत ENT विशेषज्ञ या नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं।
वेकलिया गांव की यह घटना ग्रामीण इलाकों में घास, लकड़ी या खेत से जुड़ा काम करते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत भी बताती है। सबसे अहम बात यह है कि कान में कोई जीव चले जाने पर घरेलू तरीके आजमाने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।
खेत से लौटी किशोरी के कान में घुसा बिच्छू, डॉक्टर ने निकाला जिंदा
Sandeep Patel
मध्य प्रदेश के धार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बाग क्षेत्र के वेकलिया गांव में 15 वर्षीय किशोरी के कान में छोटा बिच्छू घुस गया। परिवार के अनुसार, वह घर में घास और चारे का गट्ठर संभाल रही थी, तभी उसे कान में कुछ घुसने और हलचल महसूस हुई।
परिजनों ने शुरुआत में इसे सामान्य कीड़ा समझा और उसे निकालने की कोशिश की। करीब एक घंटे तक परेशानी बनी रहने के बाद किशोरी को बाग के चिकित्सक डॉ. आरके शिंदे के पास ले जाया गया। कान की जांच के दौरान डॉक्टर को अंदर जीव दिखाई दिया। सावधानी से निकालने पर वह छोटा बिच्छू निकला।
कान में महसूस हुई हलचल
रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी को अचानक कान में कुछ चलने जैसा महसूस हुआ। इसके बाद दर्द और असहजता बढ़ गई।
परिवार ने इसे किसी छोटे कीड़े के कान में जाने की आशंका माना। जब घरेलू प्रयास से राहत नहीं मिली तो उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया।
जांच में दिखी बिच्छू की पूंछ
डॉक्टर ने कान की जांच की तो भीतर किसी जीव की मौजूदगी दिखाई दी। रिपोर्टों के मुताबिक, कान के अंदर से बिच्छू की हल्की पूंछ दिखाई दे रही थी।
चिकित्सक ने सावधानी से उसे बाहर निकाला। इसके बाद परिवार को पता चला कि कान में सामान्य कीड़ा नहीं, बल्कि छोटा बिच्छू था।
घास के संपर्क से पहुंचा
परिवार के अनुसार, घटना उस समय हुई जब किशोरी घास और चारे का काम कर रही थी। हालांकि बिच्छू कान के अंदर किस तरह पहुंचा, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय रिपोर्टों में घास के गट्ठर और घर के सामान के संपर्क को संभावित परिस्थिति के तौर पर बताया गया है।
समय पर मिली चिकित्सा
परिजन किशोरी को करीब एक घंटे बाद डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने कान की जांच कर जीव को बाहर निकाला और आवश्यक उपचार दिया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, समय पर चिकित्सा सहायता मिलने के बाद बिच्छू को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना के बाद किशोरी और उसके परिवार वाले भी हैरान रह गए।
कान में कीड़ा जाना आम बात
कान में छोटा कीड़ा चले जाने की घटनाएं ग्रामीण और खुले वातावरण में काम करने वाले लोगों के साथ कभी-कभी सामने आती हैं। लेकिन कान के भीतर बिच्छू का पहुंचना असामान्य स्थिति है।
ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि व्यक्ति घबराकर कान में कोई वस्तु डालने या खुद कीड़ा निकालने की कोशिश न करे।
खुद निकालने की कोशिश न करें
कान के अंदर पिन, माचिस की तीली या चिमटी डालने से कान की नली और पर्दे को चोट लग सकती है। इसी तरह बिना चिकित्सकीय सलाह के तेल, पानी या कोई रसायन डालना भी उचित नहीं है।
अगर कान में किसी जीव के होने का संदेह हो, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना सुरक्षित विकल्प है।
कान में कीड़ा घुस जाए तो क्या करें?
क्या करें:
- कान में पिन, तीली या चिमटी न डालें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के तेल या कोई रसायन न डालें।
- कान को बार-बार न खुजलाएं।
- दर्द, हलचल, खून आने या सुनाई कम देने पर तुरंत ENT विशेषज्ञ या नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं।
वेकलिया गांव की यह घटना ग्रामीण इलाकों में घास, लकड़ी या खेत से जुड़ा काम करते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत भी बताती है। सबसे अहम बात यह है कि कान में कोई जीव चले जाने पर घरेलू तरीके आजमाने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।
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