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भोपाल में वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर खास आयोजन, एक मंच पर 3 विश्व रिकॉर्ड का प्रयास
भोपाल (म.प्र.)
1 सितंबर को डीबी सिटी मॉल में संगीत, सामूहिक गायन और कथक का संगम; 40 से ज्यादा वाद्य यंत्रों के साथ होगी विशेष प्रस्तुति
भोपाल में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष को खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। 1 सितंबर को डीबी सिटी मॉल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, सामूहिक गायन और शास्त्रीय कथक नृत्य के जरिए राष्ट्रीय गीत को केंद्र में रखा जाएगा। आयोजन में एक ही मंच से तीन विश्व रिकॉर्ड के प्रयास किए जाने हैं। कार्यक्रम का आयोजन विविधा कलायम सांस्कृतिक समिति की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम शाम 4 बजे शुरू होगा, जिसमें भारतीय संगीत और नृत्य की अलग-अलग विधाओं को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन की खासियत यह है कि इसमें ‘वंदे मातरम्’ को केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रखा गया है। आयोजकों ने इसे संगीत और शास्त्रीय नृत्य के साथ जोड़कर बड़े सांस्कृतिक मंच के रूप में तैयार किया है।
40 से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ विशेष प्रस्तुति
कार्यक्रम में इंटरनेशनल म्यूजिशियन अभय तिवारी 40 से अधिक अलग-अलग वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति देंगे। एक ही प्रस्तुति में इतने वाद्य यंत्रों को शामिल करना कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में रहेगा। इस प्रस्तुति के जरिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीत परंपराओं में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग वाद्य यंत्रों की विविधता को भी सामने लाने की कोशिश की जाएगी। प्रस्तुति को विश्व रिकॉर्ड के प्रयास से भी जोड़ा गया है।
सामूहिक गायन और कथक भी कार्यक्रम का हिस्सा
आयोजन में सामूहिक गायन के साथ शास्त्रीय कथक नृत्य की प्रस्तुति भी रखी गई है। इस तरह कार्यक्रम में संगीत, गायन और नृत्य की तीन अलग-अलग भारतीय परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना को रचनात्मक तरीके से सामने रखना है।
तीन रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
आयोजन में कुल तीन विश्व रिकॉर्ड के प्रयास प्रस्तावित हैं। इनमें 40 से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ विशेष संगीतमय प्रस्तुति के अलावा सामूहिक गायन और शास्त्रीय कथक से जुड़े प्रयास भी शामिल किए गए हैं। विश्व रिकॉर्ड का प्रयास अपने आप में रिकॉर्ड बनने की पुष्टि नहीं है। अंतिम मान्यता संबंधित रिकॉर्ड संस्था के नियमों और सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। 1 सितंबर को होने वाला यह आयोजन भोपाल में राष्ट्रीय गीत के 150वें वर्ष के कार्यक्रमों के बीच एक प्रमुख सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
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