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12वीं में फेल होने पर छात्रा ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत
छतरपुर (म.प्र.)
छतरपुर में 12वीं छात्रा सुसाइड, रिजल्ट में फेल होने के बाद जहर खाकर दी जान, इलाज के दौरान अस्पताल में मौत, पुलिस जांच जारी
छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां 12वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय छात्रा ने परीक्षा परिणाम में असफल होने के बाद आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।
रिजल्ट के बाद छात्रा ने उठाया कठोर कदम
जानकारी के अनुसार, सुनाटी गांव की रहने वाली शिवानी अहिरवार ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा दी थी। बुधवार को जैसे ही परिणाम घोषित हुआ और वह उसमें सफल नहीं हो पाई, वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। इसी तनाव के चलते उसने दोपहर के समय घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया।
परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बिना देर किए छात्रा को नौगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार को उम्मीद थी कि समय पर इलाज से उसकी जान बच जाएगी।
इलाज के दौरान छात्रा ने तोड़ा दम
छतरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने छात्रा का इलाज शुरू किया, लेकिन जहर का असर अधिक होने के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। एसडीओपी अमित मेश्राम ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला परीक्षा में असफलता के कारण उठाया गया कदम प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि परीक्षा के परिणाम को लेकर बच्चों पर बढ़ता मानसिक दबाव कितना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में परिवार और समाज की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
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12वीं में फेल होने पर छात्रा ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत
छतरपुर (म.प्र.)
छतरपुर जिले के नौगांव क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां 12वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय छात्रा ने परीक्षा परिणाम में असफल होने के बाद आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।
रिजल्ट के बाद छात्रा ने उठाया कठोर कदम
जानकारी के अनुसार, सुनाटी गांव की रहने वाली शिवानी अहिरवार ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा दी थी। बुधवार को जैसे ही परिणाम घोषित हुआ और वह उसमें सफल नहीं हो पाई, वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई। इसी तनाव के चलते उसने दोपहर के समय घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया।
परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने बिना देर किए छात्रा को नौगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार को उम्मीद थी कि समय पर इलाज से उसकी जान बच जाएगी।
इलाज के दौरान छात्रा ने तोड़ा दम
छतरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने छात्रा का इलाज शुरू किया, लेकिन जहर का असर अधिक होने के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। एसडीओपी अमित मेश्राम ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला परीक्षा में असफलता के कारण उठाया गया कदम प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि परीक्षा के परिणाम को लेकर बच्चों पर बढ़ता मानसिक दबाव कितना खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में परिवार और समाज की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
