ग्वालियर।मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हाईवे प्रोजेक्ट के नाम पर महंगी और लग्जरी गाड़ियां हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में अभय भदौरिया नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो लोगों से उनकी गाड़ियां अटैचमेंट के बहाने लेकर उन्हें चोरी-छिपे गिरवी रख देता था। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की ठगी का अंदेशा जताया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से जांच तेज कर दी है।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब भास्कर शर्मा नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी दो कारें अचानक गायब हो गई हैं। पुलिस ने तकनीकी जांच के तहत एक कार की जीपीएस लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन के आधार पर जब पुलिस एक स्थान पर पहुंची तो वहां अर्टिगा कार किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखी मिली। पूछताछ में सामने आया कि यह कार आरोपी अभय भदौरिया के जरिए वहां पहुंची थी।
क्या था ठगी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़ा बताकर वाहन मालिकों से संपर्क करता था। वह दावा करता था कि उनकी गाड़ियों को निर्माण कार्य में अटैच किया जाएगा और बदले में तय किराया दिया जाएगा। शुरुआत में वह कुछ समय तक नियमित भुगतान करता था, जिससे वाहन मालिकों का भरोसा जीत लेता था। इसके बाद वह गाड़ियों को अपने कब्जे में लेकर अलग-अलग जगहों पर गिरवी रख देता और फिर मोबाइल फोन बंद कर फरार हो जाता था।
कितनी गाड़ियां और कितना नुकसान
क्राइम ब्रांच की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने इसी तरह करीब 50 से अधिक गाड़ियों के साथ धोखाधड़ी की है। इनमें कई महंगी और लग्जरी कारें शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम करोड़ों रुपये में हो सकती है। फिलहाल सभी पीड़ितों की पहचान की जा रही है और उनसे शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा नेटवर्क शामिल हो सकता है। उन लोगों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने नियमों के खिलाफ इन गाड़ियों को गिरवी स्वीकार किया।
