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इंदौर में कार लोन को लेकर हंगामा, मंत्री समर्थक के ऑफिस में तोड़फोड़
इंदौर (म.प्र.)
आजाद नगर में दो EMI बाउंस होने पर पहुंचे युवक, परिवार से विवाद के बाद मारपीट और सामान तोड़ने का आरोप; CCTV फुटेज पुलिस के कब्जे में
इंदौर के आजाद नगर इलाके में कार लोन की किस्त को लेकर हुआ विवाद उस वक्त बढ़ गया, जब कुछ युवक एक कैटरिंग कारोबारी के ऑफिस पहुंच गए। आरोप है कि युवकों ने पहले कार की बकाया किस्त जमा करने को लेकर परिवार से बातचीत की और बात नहीं बनने पर गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद ऑफिस में दोबारा घुसकर गेट, कंप्यूटर और दूसरे सामान में तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है। घटना 20 अगस्त की दोपहर की बताई जा रही है। पूरा मामला ऑफिस में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुआ। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले में केस दर्ज कर कुछ युवकों को हिरासत में लिया है और फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की जांच की जा रही है। इस मामले में शिकायतकर्ता परिवार ने बताया है कि कारोबारी शिव पाटिल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़े हुए हैं और उनके आयोजनों में कैटरिंग तथा रसोई का काम संभालते हैं।
आजाद नगर पुलिस के मुताबिक, पालदा निवासी शिव पाटिल कैटरिंग का काम करते हैं। उनकी बेटी संस्कृति की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे से 2:10 बजे के बीच चार युवक उनके ऑफिस पहुंचे थे। इन युवकों की पहचान प्रणय, आयुष, सुनील और शशिकांत के रूप में बताई गई है। परिवार के मुताबिक, उन्होंने खुद को पिरामल फाइनेंस से जुड़े कार लोन रिकवरी कर्मचारी बताया और कार नंबर MP09ZX7814 की दो किस्तें बाउंस होने की बात कही। युवकों ने बकाया रकम जमा करने की मांग की। इसी बात को लेकर ऑफिस में मौजूद परिवार के लोगों से बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया।
संस्कृति ने पुलिस को बताया कि उनके पिता ने युवकों को समझाने की कोशिश की थी। उनका कहना था कि कार की दोनों किस्तें बैंक से जुड़ी किसी समस्या के कारण बाउंस हुई हैं। परिवार की ओर से यह भी बताया गया कि कार को बेचकर लोन का फोरक्लोजर कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसी वजह से तत्काल किस्त जमा करने की स्थिति नहीं थी। शिकायत के मुताबिक, युवकों ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया और बहस बढ़ती चली गई। शिव पाटिल के साथ उनकी बेटी संस्कृति और बेटे यशवंत भी इस दौरान मौजूद थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने की बात कही गई है।
परिवार का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवकों ने अपशब्द कहे और हाथापाई की। मामला यहीं नहीं रुका। शिकायत के अनुसार, युवक कुछ देर बाद फिर ऑफिस के भीतर पहुंचे और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। ऑफिस का गेट, कंप्यूटर और दूसरी चीजों में तोड़फोड़ की गई। हंगामे के दौरान परिवार के लोग घबरा गए और बाद में पुलिस को इसकी सूचना दी गई। घटना के बाद ऑफिस में नुकसान की स्थिति देखने के लिए पुलिस टीम पहुंची। मौके से मिले CCTV फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है। फुटेज में ऑफिस के अंदर लोगों की आवाजाही, विवाद और तोड़फोड़ के दृश्य रिकॉर्ड होने की बात पुलिस ने कही है।
इस पूरे मामले में कार की दो बकाया किस्तों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस जांच का विषय बन गया है। आमतौर पर लोन रिकवरी से जुड़े मामलों में बकाया रकम की वसूली के लिए वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि ग्राहक से संपर्क करते हैं, लेकिन शिकायतकर्ता परिवार ने आरोप लगाया है कि इस दौरान जिस तरीके से दबाव बनाया गया, उससे स्थिति बिगड़ी। पुलिस अब यह भी देख रही है कि ऑफिस पहुंचे युवक वास्तव में संबंधित फाइनेंस कंपनी से जुड़े थे या किसी एजेंसी के जरिए काम कर रहे थे। उनकी पहचान, भूमिका और मौके पर हुई बातचीत से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज को खंगालने के साथ पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ और किस चरण में मारपीट तथा तोड़फोड़ की स्थिति बनी। ऑफिस में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। परिवार की ओर से जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई है, उनकी भूमिका की पुष्टि भी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के दावों और घटनास्थल से मिले सबूतों को देखा जा रहा है।
घटना में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से कारोबारी के जुड़ाव की बात भी सामने आई है, लेकिन विवाद की मूल वजह कार लोन की किस्तों को ही बताया गया है। शिकायतकर्ता परिवार ने पुलिस को बताया कि शिव पाटिल मंत्री से जुड़े कार्यक्रमों में काम करते हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई कार की किस्त और ऑफिस में हुए कथित विवाद से संबंधित शिकायत के आधार पर चल रही है। मामले में राजनीतिक कनेक्शन को लेकर किसी अलग विवाद की जानकारी पुलिस की ओर से नहीं दी गई है। जांच अधिकारी CCTV फुटेज, शिकायत में दर्ज आरोप और हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
आजाद नगर इलाके में हुई इस घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद ऑफिस के अंदर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की तस्वीरें भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि विवाद के दौरान कितने लोग मौके पर थे और किसने ऑफिस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। कार लोन की बकाया रकम, किस्त बाउंस होने की वजह और फाइनेंस कंपनी से जुड़े प्रतिनिधियों की भूमिका से संबंधित दस्तावेज भी जांच में लिए जा सकते हैं।
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