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रीवा नगर निगम का बाढ़ राहत कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय, जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी
Digital Desk
बारिश के बीच जलभराव की शिकायतों पर नगर निगम की त्वरित कार्रवाई, जेसीबी और मैन्युअल टीमों से जल निकासी अभियान जारी।
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही शहर में जलभराव की संभावित स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम रीवा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम का बाढ़ राहत कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि शहर के किसी भी हिस्से से जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल संबंधित टीमों को मौके पर भेजकर राहत एवं जल निकासी का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है। कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को तत्काल दर्ज कर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और मैदानी अमले तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके। बारिश के दौरान शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने विशेष राहत दलों का गठन किया है। ये टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। नगर निगम ने बताया कि जहां कहीं भी सड़कों, गलियों या कॉलोनियों में पानी जमा होने की सूचना मिल रही है, वहां जेसीबी मशीनों की सहायता से नालियों की सफाई कर जल निकासी सुनिश्चित की जा रही है। जिन स्थानों पर मशीनों का उपयोग संभव नहीं है, वहां मैन्युअल संसाधनों के माध्यम से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर नालियों में प्लास्टिक, कचरा और अन्य ठोस अपशिष्ट जमा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है। ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष अभियान के तहत सफाई कराई जा रही है ताकि वर्षा जल बिना किसी बाधा के निकल सके। नगर निगम का कहना है कि राहत कार्य केवल शिकायत मिलने तक सीमित नहीं है। निगम की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही नियमित निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित जलभराव की स्थिति बनने से पहले ही आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने, घरों और दुकानों में पानी घुसने तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए इस बार निगम प्रशासन ने त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्यों में जेसीबी मशीनों के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों, तकनीकी अमले और अन्य आवश्यक संसाधनों को भी तैनात किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मशीनें और कर्मचारी भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। शहर के नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उनके क्षेत्र में जलभराव, नाली जाम होने या बारिश से संबंधित कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम के बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का मानना है कि नागरिकों के सहयोग से राहत कार्य और अधिक प्रभावी बनाए जा सकते हैं।

नगर निगम ने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया है कि वे नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें। प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था को बाधित करते हैं, जिससे थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की दृष्टि से नगर निगम विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर भी कार्य कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर बिजली, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों से भी सहयोग लिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्यों की लगातार निगरानी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं कर रहे हैं। प्रत्येक शिकायत के समाधान की समीक्षा की जा रही है और जिन क्षेत्रों में बार-बार जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां स्थायी समाधान की दिशा में भी योजना बनाई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम द्वारा राहत कार्यों को तेज करने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि इसी तरह समय पर कार्रवाई होती रही तो बारिश के मौसम में लोगों को काफी राहत मिलेगी और जलभराव से होने वाली परेशानियों में कमी आएगी।
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रीवा नगर निगम का बाढ़ राहत कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय, जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी
Digital Desk
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही शहर में जलभराव की संभावित स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम रीवा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम का बाढ़ राहत कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि शहर के किसी भी हिस्से से जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल संबंधित टीमों को मौके पर भेजकर राहत एवं जल निकासी का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है। कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को तत्काल दर्ज कर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और मैदानी अमले तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके। बारिश के दौरान शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने विशेष राहत दलों का गठन किया है। ये टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। नगर निगम ने बताया कि जहां कहीं भी सड़कों, गलियों या कॉलोनियों में पानी जमा होने की सूचना मिल रही है, वहां जेसीबी मशीनों की सहायता से नालियों की सफाई कर जल निकासी सुनिश्चित की जा रही है। जिन स्थानों पर मशीनों का उपयोग संभव नहीं है, वहां मैन्युअल संसाधनों के माध्यम से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर नालियों में प्लास्टिक, कचरा और अन्य ठोस अपशिष्ट जमा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है। ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष अभियान के तहत सफाई कराई जा रही है ताकि वर्षा जल बिना किसी बाधा के निकल सके। नगर निगम का कहना है कि राहत कार्य केवल शिकायत मिलने तक सीमित नहीं है। निगम की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही नियमित निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित जलभराव की स्थिति बनने से पहले ही आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने, घरों और दुकानों में पानी घुसने तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए इस बार निगम प्रशासन ने त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्यों में जेसीबी मशीनों के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों, तकनीकी अमले और अन्य आवश्यक संसाधनों को भी तैनात किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मशीनें और कर्मचारी भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। शहर के नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उनके क्षेत्र में जलभराव, नाली जाम होने या बारिश से संबंधित कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम के बाढ़ राहत कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का मानना है कि नागरिकों के सहयोग से राहत कार्य और अधिक प्रभावी बनाए जा सकते हैं।

नगर निगम ने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया है कि वे नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें। प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था को बाधित करते हैं, जिससे थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की दृष्टि से नगर निगम विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर भी कार्य कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर बिजली, स्वास्थ्य, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों से भी सहयोग लिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्यों की लगातार निगरानी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं कर रहे हैं। प्रत्येक शिकायत के समाधान की समीक्षा की जा रही है और जिन क्षेत्रों में बार-बार जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां स्थायी समाधान की दिशा में भी योजना बनाई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम द्वारा राहत कार्यों को तेज करने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि इसी तरह समय पर कार्रवाई होती रही तो बारिश के मौसम में लोगों को काफी राहत मिलेगी और जलभराव से होने वाली परेशानियों में कमी आएगी।
